बैंक PO बनाम बैंक SO

बैंक PO (प्रोबेशनरी ऑफिसर) बनाम बैंक SO (स्पेशलिस्ट ऑफिसर)- जॉब, वेतन, करियरकी तुलना

इस लेख में, हम बैंक PO और बैंक SO की तुलना करेंगे| जिसमें विश्लेषण जॉब प्रोफाइल, वेतनमान और करियर की संभावनाओं के आधार पर किया जाएगा।

Bank PO vs Bank SO

हम आशा करते हैं कि यह लेख उम्मदीवारों को उनका सही भविष्य चुनने(मार्ग दर्शन) में मदद करेगा| इसके अलावा वे इस निष्कर्ष पर पहुचेंगे कि उन्हें आईबीपीएस PO या आईबीपीएस SO में से किसकी तैयारी करनी चाहिये|

 

बैंक PO (प्रोबेशनरी ऑफिसर) बनाम बैंक SO (स्पेशलिस्ट ऑफिसर)– जॉब प्रोफाइल

पहले वाली प्रक्रिया के समान ही इस लेख में भी हम बैंक PO और बैंक SO की जॉब प्रोफाइल की तुलना करते हुए अपने विश्लेषण को शुरू करेंगे। पहले जानते हैं बैंक PO के बारे में!

 

बैंक PO की नौकरी का विवरण – महत्वपूर्ण कार्य और कर्तव्य

बैंक PO बनने के लिए आपको आईबीपीएस PO या एस.बी.आई PO की परीक्षा पास करनी होगी| इनकी चयन प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होती है|

  1. एस.बी.आई. / आईबीपीएस PO सीडब्ल्यूई (सामान्य लिखित परीक्षा)
  2. चयनित उम्मीदवारों का साक्षात्कार

एक प्रोबेशनरी ऑफिसर को एक मैनेजमेंट ट्रेनी (एमटी) भी माना जाता है| एक बार जब आप PO या एमटी के चुने जाते हैं तो आप कम से कम दो साल तक परिविक्षा अवधि (प्रोबेशन पीरियड) पर रहते हैं| इस अवधि के दौरान, एक प्रोबेशनरी ऑफिसर को बैंकिंग प्रक्रिया से सम्बंधित बहुत से काम और कर्तव्य दिये जाते हैं|

बैंक PO को दिए जाने वाले कुछ कार्य और कर्तव्य:

  • ग्राहक सेवा/सम्बन्ध (सम्बंध लिखें, जैसा कि ऊपर लिखा है, या कंफ्यूजन से बचने के लिए संबंध… कुल मिला कर किसी एक शब्द को दो तरह से लिखने से बचें।)
  • प्रोफेशनल लिंक बिल्डिंग
  • डॉक्यूमेंट और अकाउंट वेरिफिकेशन (दस्तावेजों और खातों का सत्यापन)
  • बैंकिंग प्रक्रिया का प्रबंधन जैसे कैश काउंटर, लेन-देन कोप्राधिकृत करना आदि

 

बैंक SO की नौकरी का विवरण – महत्वपूर्ण कार्य और कर्तव्य

आईबीपीएस SO की परीक्षा साल में एक बार आयोजित होती है| आईबीपीएस एस.ओ. की परीक्षा का पैटर्न भी लिखित परीक्षा और चयनित उम्मीदवारों के साक्षात्कार के क्रम में आईबीपीएस PO की परीक्षा के समान होता है| लेकिन एक बैंक SO की एक विशिष्ट जॉब प्रोफाइल होती है|

जब आप एक बार आईबीपीएस SO की परीक्षा और साक्षात्कार पास कर लेते हैं तो आप एक स्पेशलिस्ट ऑफिसर के रूप में चुने जाते हैं और आप एक विशेष विभाग में पदस्थापित होते हैं| बैंक के प्रत्येक विभाग में उसके ही विशेष कार्य होते हैं| आपकी नौकरी का विवरण, आप किस विभाग के लिए चयन किये गये हैं, उस पर निर्भर करता है|

बैंक SO को दिये गये विभिन्न तरह के विभाग और उसके अंतर्गत कार्य:

 

  1. बैंक SO (आईटी ऑफिसर)

आईटी विभाग में बैंक SO बैंकिंग सिस्टम के प्रबंधन,नियंत्रण और विभिन्न कार्यों कीसरलता से हो जाने संबंधी कार्यों को सम्भालता है| आईटी विभाग में बतौर एस.ओ. काम करने पर, आपको इनमें से किसी एक सर्विस को सम्भालना होगा|

  • डेटा सेंटर रखरखाव और सपोर्ट
  • एटीएम से सम्बंधित क्वेरी
  • बैंक में कंप्यूटर सिस्टम का रखरखाव
  • सॉफ्टवेयर और एमआईएस का रखरखाव
  • नेटवर्क सुरक्षा के रखरखाव और क्वेरी प्रोसेसिंग
  1. बैंक SO (मार्केटिंग ऑफिसर)

मार्केटिंग विभाग में बैंक SO की नौकरी थोड़ी सी कठिन होती है| मार्केटिंग ऑफिसर का प्राथमिक कर्तव्य बैंक के लिए ज्यादा व्यापार लाना और बैंक का लाभ बढ़ाना है| मार्केटिंग ऑफिसर को दिए जाने वाले कुछ महत्वपूर्ण कार्य निम्न हैं:-

  • विज्ञापन देने के लिए एक लागत प्रभावी बजट तैयार करें। इसके अलावा वह निगोशियेशन टीम का भी हिस्सा हो सकते हैं|
  • विभिन्न तरह के मार्केटिंग के माध्यम जैसे पोस्टर्स, टीवी पर विज्ञापन, अखबार में विज्ञापन आदि का प्रबंधन करना| इन चैनलों के माध्यम से शेयर किये जाने वाले कंटेंट को चेक और क्रॉस चेक करना|
  • सबसे महत्वपूर्ण, ग्राहकों और क्लाइंट्स की नजर में बैंक की अच्छी छवि बनाने के लिए बैंक के पीआर विभाग के कुछ पहलुओं को सम्भालना भी है|
  1. बैंक SO (एच.आर ऑफिसर)

जैसा की नाम से प्रतीत होता है, एचआर विभाग में स्पेशलिस्ट ऑफिसर मानव संसाधन की गतिविधियों को    देखता है| एचआर विभाग में स्पेशलिस्ट ऑफिसर को दिए जाने वाले कुछ महत्वपूर्ण कार्य निम्न हैं:

  • मौजूदा मानव संसाधन नीतियों का विश्लेषण करना। अगर जरूरत हो तो परिवर्तनों के लिए सुझाव देना।
  • बैंक में काम कर रहे लोगों के बीच एक सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियों को लागू करना।
  • गलत आचरण के सभी मामलों को, जिनकोएचआर विभाग को देखने की जरुरत होती है, उनको संभालना|
  • समय परचयन और भर्ती समिति का हिस्सा होना।
  1. बैंक SO (लॉ ऑफिसर)

बैंक के विधि विभाग में स्पेशलिस्ट ऑफिसर बैंक के सभी कानूनी कार्यों को देखता है| विधि विभाग में स्पेशलिस्ट ऑफिसर को दिए जाने वाले कुछ महत्वपूर्ण कार्य निम्न हैं:

  • वर्तमान की नीतियों को समझना और अगर उनमें कोई गलतियां हैं तो उसे खोजें|
  • बैंक के विभिन्न कार्यों के लिए कानूनी नोटिस और दस्तावेजों को ड्राफ्ट करना|
  • बैंक को धोखाधड़ी, आरोपोंआदि से सम्बंधित मुद्दों पर कानूनी सहायता प्रदान करना|
  • बैंक की अखंडता और प्रतिष्ठा की रक्षा करना।
  1. बैंक SO (एग्रीकल्चर फील्ड ऑफिसर)

एग्रीकल्चर फील्ड विभाग में आपकी नियुक्ति ज्यादातर बैंक की ग्रामीण शाखाओंमें होती है| बैंक SO को एग्रीकल्चर फील्ड ऑफिसर के रूप में दिए जाने वाले कार्य काफी चुनौतीपूर्ण होते हैं| इन्हें दिए जाने वाले कार्यों और कर्तव्यों का यहाँ पर संक्षिप्त विवरण दिया गया है:-

  • सभी ग्राहकों को हर तरह की बैंकिंग प्रकियाओं और योजनाओं की जानकारी प्राप्त कराना| ग्रामीण क्षेत्रमें लोग कम शिक्षित होते हैं तो आपकी भाषा सरल होनी चाहिये|
  • लोगों को सरकारीयोजनाओं और लाभ योजनाओं के बारे में बताना।
  • बैंक के मापदंडों को पूरा करने वाले सभी लोगों तकऋण को बढ़ावा देना।
  1. बैंक SO (राजभाषा अधिकारी)

हिंदी हमारी मातृ भाषा है। फिर भी मुख्य धारा के उद्योग क्षेत्रों में अंग्रेजी का प्रभुत्व है|इसलिए, बैंकोंमें हिंदी को बढ़ावा देने के लिए, एक अत्यंत योग्य उम्मीदवार को बैंक SO राजभाषा अधिकारी का पद सौंपा जाता है| इसके अंतर्गत आने वाले जरुरी कार्य हैं:-

  • बैंक में सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों का अनुवाद और उनकी अशुद्धियों को ठीक करना| ये दस्तावेज आंतरिक याआउटबाउंडहो सकतेहैं।यहराजभाषा अधिकारी का कर्तव्य है कि वो कुशलता से इस कार्य को पूरा करे।
  • जो भाषा सबसे अधिक ग्राहकों द्वारा बोली जाती है, उसमें बैंक कर्मियों के प्रशिक्षण के लिए कार्यशालाओं का आयोजनकरना।
  • राजभाषा अधिकारी कोयह सुनिश्चित करना होता है कि जो आधिकारिक सूचनाएं और निर्देश सरकारी बैंकिंग संगठनों को भेजी गयी है, वो हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में हो|

इसलिए, हम ऊपर दी गयी जानकारियों से यह समझ सकते हैं कि :

  • बैंक PO के रूप में, आपको कार्य करने के लिए विभिन्न कार्य क्षेत्र हैं, जो भविष्य में बहुत सी करियर संभावनाओ का दरवाजा भीखोलता है|
  • बैंक SO के रूप में, आपको एक ही तरह की जॉब के प्रोफाइल पर काम करना होगा, जो आपको एक क्षेत्र में विशेषज्ञता प्रदान कराता है|

अब हम बैंक PO बनाम बैंक SO के दूसरे चरण की तरफ चलते हैं, जो है वेतन की तुलना|

 

बैंक PO बनाम बैंक SO – वेतनमान

यहाँ हम बैंक PO और बैंक SO को दिए जाने वाले वेतन पैकेज पर चर्चा करेंगे| यह वेतन पैकेजसमग्र रूप में होगा| इसका मतलब है कि नीचे दिया गया वेतन मूलवेतन, डीए, टीडीए,सीसीए और एचआरए को सम्मिलित करके बताया गया है|

  • बैंक PO वेतनमान – 14,500 रूपये – 32,758 रूपये
  • बैंक SO वेतनमान – 14,500 रूपये – 32,000 रूपये

हम साफ तौर पर यह देख सकते हैं कि बैंक PO और बैंक SO को दिया जाने वाला वेतन बहुत हद तक समान होता है| अन्तर सिर्फ भत्तों और लाभ के मामले में होता है।

  • परिवहन सहायता
  • निजी सहायक
  • स्पेशलिस्ट ऑफिसर के लिए शीर्ष स्तर के लैपटॉप

इसलिए, हमने यह निष्कर्ष निकाला कि बैंक PO और बैंक SO के मध्य यह चरण ड्रॉ होता है| अब हम एक मह्त्वपूर्ण तुलनात्मक चरण की तरफ चलते हैं, जो है कार्य संस्कृति और माहौल| आइएविश्लेषण करते हैं।

बैंक PO बनाम बैंक SO – कार्य का महौल

इस भाग में, हम पहले बैंक PO के सामने आने वाले सामान्य काम के माहौल और प्रमुख मुद्दों के बारे में चर्चा करेंगे| आप करियर में आगे बढ़ें, उससे पहले यह जान लेना जरूरी है किउस करियर में चुनौतियां क्या-क्या हैं|

 

बैंक PO की कार्य संस्कृति

जैसा की हम पहले से जानते हैं कि प्रवेश के स्तर पर आपके पास बहुत से विकल्प होते हैं। लेकिन ये विकल्प आपके जीवन को एक समय पर चुनौती भी दे सकते हैं| इसलिए हम बैंक PO के तौर पर काम करने के फायदे और नुकसान को अलग-अलग कर रहे हैं।

फायदे:

  • बेहद ऊर्जावान माहौल| हमेशा कुछ नया मिलता है|
  • बैंकिंग प्रणाली से लेकरग्राहक प्रबंधन तक हर से कुछ नया सीखने को मिलता है|
  • समय-समय पर मिलने वाले लाभ, जैसे कि परिवहन कवर और आपके काम में तेजी लाने के लिए सहायक की नियुक्ति|

नुकसान:

  • जब आप एक साथ बहुत से कार्य सम्भालते हैं तो आपका कार्य-जीवन व्यस्त हो जाता है|
  • ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बैंकिंग नियमों और मापदंडों की कम समझ के कारण, वहाँ के ग्राहकों से सम्बन्ध बनाना काफी चुनौतीपूर्ण होता है|

इसलिए, अगर आप चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं तो बैंक PO का विकल्प आपको निराश नहीं करेगा| अब हम बैंक SO पर चर्चा करते हैं|

 

बैंक SO कीकार्य संस्कृति

बैंक SO का कार्य-जीवन बैंक PO से बहुत अलग होता है| अब हम जान चुकेहैं कि किसी व्यक्ति को दिया जाने वाला कार्य पूर्णत: उसके विभाग पर निर्भर करता है, जिस विभाग के लिए वह चयनित किया गया है| इसलिए अब हम इसके फायदे और नुकसान पर चर्चा करेंगे|

फायदे:

  • नौकरी ज्यादातर किसीमेट्रो शहर में होगी|
  • यहाँ पर दिए जाने वाले कार्यों की संख्या सीमित है|
  • नौकरी में स्थान्तरण बैंक PO की तुलना में काफी कम है|
  • आपको सिर्फ बैंक कर्मचारियों की सहायता करनी है| क्लाइंट्स और ग्राहकों से लेनदेन करना आपकी जॉब प्रोफाइल नहीं है|

नुकसान:

  • ‘स्पेशलिस्ट’ शब्द जरूरत से ज्यादा भारी-भरकम है। हकीकत में आपको हर दिन प्राथमिक स्तर के और एक ही तरह के कार्यों को करना होता है|
  • काम का माहौल किसीभी समय पर उबाऊ हो सकता है।
  • आपको अन्य बैंकिंग कर्मियों के कार्यक्रम के अनुसार काम करने की जरूरत है। आपकी नौकरी उनके काम में सहायताकरनीहै।

ऊपर दिए गये डेटा का विश्लेषण कर आप अपनी पसंद का कार्य चुन सकते हैं|

अब हम अंतिम भाग में पहुंच गएहैं| यह सबसे महत्वपूर्ण भाग हो सकता है| जॉब का भविष्य क्या है? आइए देखें|

 

बैंक PO बनाम बैंक SO – करियर की संभावनाएं

हम पहले बैंक PO के बारे में चर्चा करेंगे, उसके बाद बैंक SO के करियर की सम्भावनाओं पर चर्चा करेंगे| करियर की सम्भावना में जॉब में पदोन्नति, लाभ, पदोन्नति के बीच लगने वाला समय औरनौकरी के लिए कार्य कौशल की आवश्यकता| अब सीधा विषय पर चलते हैं|

 

बैंक PO के करियर की सम्भावनाएं

बैंक PO के रूप में करियर जीवन भर का अनुभव प्रदान करता है| आपको ग्राहक सम्बन्ध, बैंकिंग प्रणाली, मार्केटिंग और एकाउंटिंग आदि के बारे में सीखने का मौका मिलता है|

  1. बैंक PO के रूप में आपका करियर एक कनिष्ठ प्रबंधक ग्रेड स्केल (जूनियर मैनेजर ग्रेड स्केल लिख सकते हैं) या जेएमजीएस अधिकारी के रूप में शुरू होता है|
  2. 2-3 साल की परिविक्षा अवधि के बाद आपको प्रबन्धक (प्रबंधक, नीचे वाली लाइन में लिखा है या मैनेजर लिखें, हर कोई समझता है) के रूप में पदोन्नत किया जाता है|
  3. 8-10 साल के बाद, आप वरिष्ठ प्रबंधक के योग्य हो जाते हैं|

इसलिए, किसी अन्य सरकारी नौकरी की तुलना में इसमें करियर का ग्राफ अत्यंत प्रगतिशीलहै| बस इसके लिए आपको सही दृष्टिकोण की जरुरत होगी|

 

बैंक SO के करियर की सम्भावनाएं

चूंकि आपको एक विशिष्ट तरह की प्रोफाइल दीजातीहै, तो एक समय के बाद आपके कार्य में दोहरावहोता रहता है|

  1. आप आईबीपीएस SO स्केल के रूप में शुरुआत करते हैं, जो कि कनिष्ठ प्रबंधन स्तर का पद है।
  2. आपको स्केल II तक का पद कुछ निश्चित सालों के बाद प्राप्त होता है, जो कि मध्यम प्रबंधन स्तर का पद है|
  3. इसमेंअधिकारियों की पदोन्नति करने का कोई निश्चित मापदंड नहीं है|

बैंक SO के रूप में जब आप शुरुआत करते हैं तो सबसे ज्यादा चिंता का विषय इससे संबंधी कार्य क्षेत्र का होता है| इसमें आप सिर्फ एक ही करियर के साथ आगे बढ़ सकते हैं वरना, आपको फिर से प्राथमिक स्तर से शुरुआत करनी होगी|

 

बैंक PO बनाम बैंक SO – अंतिम फैसला

ऊपर दी गयी जानकारियों से, हम अंतिम निष्कर्ष पर पहुँचते हैं|

बैंक PO को करियर के रूप में चुनने के कारण:-

  • अनुभव प्राप्त करना
  • बहुत से कार्यों का कौशल प्राप्त करना
  • विभिन्न तरह के काम के माहौल के लिए अनुकूल बनना
  • अत्यधिक प्रतियोगी नौकरी
  • बढ़ती हुई करियर ग्रोथ

बैंक SO को करियर के रूप में चुनने के कारण :

  • साधारण जीवन
  • अच्छा वेतन, नौकरी के भत्ते और लाभ
  • काम के लिए अच्छे स्थान (ज्यादातर मेट्रो शहर)
  • नौकरी में कम स्थान्तरण

हम आशा करते हैं कि यह तुलना आपको बैंक PO और बैंक SO में से किसको चुनना है, यह समझने में आपको सहायता प्रदान करेगी| अगर इससे संबंधी कोई और भी प्रश्नहै तो आप उसको कॉमेंट सेक्शन में लिख सकते हैं|

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