बैंक कर्मचारी क्यों हैं हड़ताल पर : जानें आवश्यक जानकारी विस्तार में !

बैंक कर्मचारी क्यों हैं हड़ताल पर : जानें विस्तार में – मजबूत बैंकिंग व्यवस्था आर्थिक प्रगति की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाती है। इस लिहाज से भारतीय अर्थव्यवस्था को पटरी पर बनाये रखने के लिए बैंकों की बेहतरी और उनका योगदान बहुत जरूरी है। जैसा की सभी को विदित है कि देश भर के सार्वजनिक और प्राइवेट क्षेत्र के बैंकों के लगभग 10 लाख कर्मचारी अपने वेतन में बढ़ोतरी की मांग को लेकर 30 और 31 मई को हड़ताल पर हैं।OnlineTyari Plus : Join Now

चूंकि हड़ताल ऐसे समय में हुई है जब महीने के अंत में बैंक शाखाओं से वेतन निकाला जाता है। हड़ताल से कर्मचारियों को वेतन मिलने में दिक्कत आ सकती है। कई एटीएम इसी वजह से जल्दी खाली हो गए। इंटरनेट बैंकिंग के जरिये ग्राहकों को कुछ सेवाएं मिल रही हैं, लेकिन हड़ताल के कारण बैंकों के सामान्य कामकाज पर असर पड़ा है। बैंकों के कुल कामकाज में डिजिटल बैंकिंग का योगदान महज पांच फीसद है।

 

बैंक कर्मचारी क्यों हैं हड़ताल पर : अभी जानें !

देश भर में सार्वजनिक क्षेत्र के 21 बैंकों की करीब 85,000 शाखाएं हैं और कारोबार हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत है। हालांकि, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी और एक्सिस बैंक जैसे निजी क्षेत्र के बैंकों में चेक क्लीयरेंस जैसे कुछ कार्यों को छोड़कर कामकाज सामान्य चल रहा है।

बैंक कर्मचारियों की हड़ताल की वजह क्या है?

बैंक कर्मचारियों की ये हड़ताल वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर हुई है। भारतीय बैंक संघ (आईबीए-IBA) ने बैंक कर्मचारियों के वेतन में सिर्फ 2 फीसदी की बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा है, जिसका बैंक कर्मचारी संघों ने विरोध किया है। इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए यूनाइटेड फॉरम ऑफ बैंक यूनियन [United Forum of Bank Unions (UFBU)] की तरफ से कहा गया कि बैंकों को जो नुकसान हो रहा है, उसका कारण एनपीए यानी बैड लोन है। इस नुकसान के लिए बैंक कर्मचारी जिम्मेदार नहीं हैं। बैंक कर्मचारी और अधिकारी वेतन में 15% बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। हड़ताल पर बैठे बैंक कर्मचारियों का आरोप है कि बढ़ती महंगाई के बीच सिर्फ 2 फीसदी की वेतनवृद्धि उनके साथ क्रूर मजाक है।

गौरतलब है कि पिछले वेतन प्रावधान में आईबीए ने 15 फीसदी के वेतन इजाफे का प्रस्ताव दिया था। यह नवंबर 1, 2012 से 31 अक्तूबर, 2017 के बीच की अवधि के लिए था।

हड़ताली बैंककर्मियों का सरकार से सवाल-पिछली बार 15 प्रतिशत तो इस बार 2 फीसदी क्यों?

1 नवंबर 2012 से 31 अक्टूबर 2017 तक बैंक कर्मचारियों के वेतन में कुल 15 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी की गई थी। ऐसे में इस बार 2 फीसदी बढ़ोत्तरी को बैंककर्मी मजाक बता रहे हैं। बैंक कर्मिकों का कहना है कि जन-धन, नोटबंदी, जीएसटी, मुद्रा योजना, अटल पेंशन योजना सहित अन्य योजनाओं को सुचारू रूप से चलाने में बड़ी भूमिका निभाई है। इससे कर्मचारियों को अतिरिक्त काम करना पड़ा है, तो फिर क्यों सिर्फ दो फीसदी की बढ़ोत्तरी की जा रही है।

बैंक कर्मचारियों की ये हड़ताल कितनी जायज है?

किसी भी हड़ताल से देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान होता है और आम लोगों को परेशानी भी होती है। लेकिन हड़ताल करने वालों के पास भी अपनी दिक्कतों और मजबूरियों से जुड़ी कई दलीलें होती हैं। बैंकों की इस हड़ताल में शामिल कर्मचारियों के भी अपने तर्क हैं। इन बैंक कर्मचारियों का कहना है कि साल 2012 में 5 साल के लिए हुई पिछली वेतनवृद्धि के समय उनके वेतन 15% बढ़ाए गए थे। ये वेतनवृद्धि 1 नवंबर 2012 से 31 अक्टूबर 2017 तक के लिए थी। उसके बाद से बैंक कर्मचारियों की वेतनवृद्धि बकाया है और अब इतने दिनों बाद वेतनवृद्धि की सिफारिश हुई भी है, तो महज 2 फीसदी। हड़ताली बैंक कर्मचारियों का मानना है कि इतनी कम वेतनवृद्धि की सिफारिश उनके साथ बड़ी नाइंसाफी है। नाराज बैंक कर्मचारियों की शिकायत ये भी है कि सातवां वेतन आयोग लागू होने के बाद से केंद्र सरकार के कर्मचारियों के मुकाबले उनके वेतनमान बहुत ही कम रह गए हैं। जबकि नोटबंदी, जनधन खाते खुलवाने, मुद्रा योजना को लागू करने से लेकर तमाम सरकारी विकास योजनाओं को लागू करने के लिए वो दिन-रात काम करते हैं।

निपाह-वायरस--जानें-परीक्षा-उपयोगी-तथ्य-!निपाह-वायरस--जानें-परीक्षा-उपयोगी-तथ्य-!इस हड़ताल से देश को कितना नुकसान होगा?

उद्योग संगठन एसोचैम (Assocham) के मुताबिक 10 लाख बैंक कर्मचारियों की दो दिन की हड़ताल के कारण करीब 20 हजार करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन पर असर पड़ने का अनुमान है। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि हड़ताल के कारण देश भर की 85 हजार बैंक शाखाओं में चेक क्लियरेंस, कैश निकालने और जमा करने जैसे काम प्रभावित हुए हैं। इस हड़ताल का असर बैंक शाखाओं और एटीएम के अलावा नेट बैंकिंग, RTGS और NEFT सेवाओं पर भी पड़ा है। महीने के आखिरी दो दिनों में हड़ताल होने के कारण तमाम लोगों के वेतन-भत्तों के भुगतान पर भी काफी असर पड़ने के आसार हैं।

अगर आप को यह लेख पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों को शेयर करें और कमेंट करना न भूलें।

OnlineTyari Plus : Join Now

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.