IAS प्रारंभिक परीक्षा 2017 के लिए महत्वपूर्ण बिल और संशोधन: लोगों का प्रतिनिधित्व बिल, आधार विधेयक 2016

IAS प्रारंभिक परीक्षा 2017 के लिए महत्वपूर्ण बिल और संशोधन : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) इस वर्ष 18 जून 2017 को सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन करेगा। ये देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षा है। इस परीक्षा में कुल आवेदन भरने वालों में मात्र 0.1-0.3 फ़ीसद के दर से पास होने वाले उम्मीदवारों की इस परीक्षा को पास करना बहुत मुश्किल है।

ये लेख कुछ बहुत महत्वपूर्ण बिल और संशोधन के बारे में बताएगा जो कि आपको आपकी आगामी परीक्षा में बहुत सहायक होंगे।

IAS प्रारंभिक परीक्षा 2017 के लिए महत्वपूर्ण बिल और संशोधनों की सूची

नीचे IAS प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी के लिए कुछ बहुत महत्वपूर्ण बिल और संशोधन दिए गए हैं। ये विषय निश्चित ही उम्मीदवारों को उनकी आगामी परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे।

  1. लोगों का प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक, 2010
  2. आधार (वित्त और अन्य सब्सिडी की लक्षित डिलीवरी, लाभ और सेवाएं) विधेयक, 2016
  3. नौवाहन विभाग (अधिकार क्षेत्र और समुद्री दावों को सुलझाना) विधेयक, 2016
  4. ऐंटी हाइजैक विधेयक, 2016
  5. पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों के लिए विस्तार) विधेयक, 1996
  6. लोकपाल और लोकायुक्त (संशोधन) विधेयक, 2016
  7. मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2016
  8. ध्यानाकर्षक संशोधन बिल
  9. GST बिल
  10. SARFAESI और DRT अधिनियम को संशोधित करने का बिल
  11. आदर्श भूमि किराया अधिनियम
  12. आदर्श दुकानें और स्थापना बिल, 2016
  13. मर्चेंट शिपिंग बिल
  14. बेनामी लेनदेन (निषेध) संशोधन अधिनियम 2016
  15. दुश्मन संपत्ति (संशोधन और वैधता) बिल, 2016
  16. मध्यस्थता और समझौता अधिनियम 2015
  17. जुवेनाइल न्याय (बच्चे की देखभाल और सुरक्षा) अधिनियम
  18. सेरोगैसी (नियंत्रण) बिल, 2016
  19. बाल मजदूरी (निषेध और संशोधन) बिल, 2016
  20. मातृत्व लाभ बिल 2016
  21. पूर्व धारण की नैदानिक तकनीक (PNDT) अधिनियम
  22. मानलिक स्वास्थ्य देखभाल बिल, 2013
  23. यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा (POSCO)
  24. तस्करी के खिलाफ़ बिल और कड़े-से-कड़ा जुर्माना
  25. HIV और AIDS (निवारण और नियंत्रण) बिल, 2014 – संशोधन
  26. घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 – SC विडेंस एम्बिट
  27. दिव्यांगों के अधिकार अधिनियम, 2014 वो भी लाभों के साथ
  28. ट्रांसजेंडर लोग (अधिकारों की सुरक्षा) बिल, 2016
  29. अनुसूचित जन और जाति (अत्याचारों का निवारण) संशोधन अधिनियम
  30. ड्राफ्ट राष्ट्रीय जल प्रारूप बिल
  31. प्रतिपूरक वनीकरण फ़ंड बिल 

आज हम पहले दो बिलों पर चर्चा करेंगे। नीचे, ऊपर लिखे दो विषयों यानि लोगों का प्रतिनिधित्व बिल 2010 और आधार अधिनियम 2016। 

लोगों का प्रतिनिधित्व (संशोधन) बिल, 2010

यह बिल राज्य सभा में 21 अगस्त 2010 को कानून और न्याय मंत्री श्री एम. वीरप्पा मोयली द्वारा रखा गया था। यह बिल लोक सभी द्वारा 31 अगस्त 2010 और राज्य सभा द्वारा 30 अगस्त 2010 को स्वीकार किया गया था। 

उद्देश्य

विधेयक भारत के नागरिकों को मतदान अधिकार देने के लिए लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाले विधेयक में संशोधन करने का पक्षधर है, जो भारत में उनके अपने स्थान, शिक्षा या भारत के बाहर (चाहे अस्थायी रूप से या नहीं) या अपने निवास से दूर रहे हैं। 

वे विधानसभा / संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता सूची में अपना नाम पंजीकृत करने के हकदार होंगे जिसमें उनके पासपोर्ट पर भारत में उनके निवास स्थान का पता दर्ज होगा। 

विशेषताएं

  • लोगों का प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 चुनावों के लिए विस्तृत प्रावधान करता है और एक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता के रूप में पंजीकृत होन की आवश्यक शर्तें प्रदान करता है। पंजीकरण की शर्त के अनुसार नागरिक, किसी भी निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना चाहिए।
  • यह विधेयक सभी नागरिकों को उनके निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता सूची में नामांकित होने की अनुमति देता है जिसमें उनके पासपोर्ट में उल्लिखित भारत में उनके निवास स्थान का पता दर्ज है।
  • चुनाव अधिकारी को नामांकन के लिए आवश्यक सत्यापन करना होगा।
  • पंजीकरण की प्रक्रिया और पंजीकरण होने में लगने वाला समय, चुनाव आयोग के परामर्श से सरकार द्वारा निर्दिष्ट किया जाएगा।
  • विधेयक उन व्यक्तियों को मतदाता सूची में पंजीकृत होने की अनुमति देता है जो (क) भारत के नागरिक हैं, (ख) निर्वाचक रोल में नामांकित नहीं हैं, (ग) किसी अन्य देश की नागरिकता नहीं लिए हैं और (घ) अपने निवास स्थान से दूर हैं।

यहां हम पहले विषय के विस्तार को विराम देंगे। अब हम अगले विषय यानि, आधार (वित्त और अन्य सब्सिडी की लक्षित डिलीवरी, लाभ और सेवाएं) अधिनियम 2016 पर चर्चा करेंगे। 

आधार (वित्त और अन्य सब्सिडी की लक्षित डिलीवरी, लाभ और सेवाएं) अधिनियम 2016

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) की स्थापना 28 जनवरी 2009 को भारत सरकार द्वारा गैजेट की एक अधिसूचना के ज़रिए योजना आयोग के संलग्न कार्यालय के रूप में की गई थी। UIDAI, भारत के सभी नागरिकों को एक 12 अंकों की अद्वितीय पहचान (UID) संख्या, (आधार के रूप में) देने के लिए कटिबद्ध है। अधिसूचना के अनुसार, UIDAI को UID स्कीम के कार्यान्वयन और UID डाटाबेस को चलाने और संचालित करने के लिए योजना और नीतियों को जारी रखने की ज़िम्मेदारी दी गई है। साथ ही यह इसके अद्दतन और रखरखाव के लिए ज़िम्मेदार है।

IAS All India Prelims Test Series

ओरिएंट आईएएस ऑल इंडिया आईएएस प्रीलिम्स टेस्ट सीरीज 2017

IAS परीक्षाओं की तैयारी हेतु अग्रणी संस्थान ओरिएंट आईएएस द्वारा ‘ऑल इंडिया आईएएस प्रीलिम्स टेस्ट सीरीज 2017’ को तैयार किया गया है। इस पुस्तक में 100 प्रश्नों वाले 16 टेस्ट सीरीज IAS प्रारंभिक परीक्षा के अनुरूप तैयार किए गए हैं। टेस्ट सीरीज में परम्परागत प्रश्न के साथ-साथ नवीन समसामयिकी को भी सम्यक स्थान दिया गया है। अभ्यर्थियों में उत्तर लेखन विकसित करने हेतु प्रत्येक प्रश्न का विश्लेषण सहित व्याख्यात्मक हल भी प्रदान किया गया है।

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हालांकि शुरूआत में लोगों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा जैसे तकनीकि नलिकाएं, ग़लत डाटा प्रस्तुतिकरण आदि, साथ ही आधार कार्ड की उपयोगिता भी अस्पष्ट थी। लेकिन, कई मुश्किलों को हल कर लिया गया था और कई पहल के लिए दस्तावेजों के साथ इसकी अनिवार्यता को आधिकारिक कर दिया गया था। इसी के साथ, इससे भ्रष्टाचार से लड़ने में भी आसानी होगी क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति के पास एक विशेष संख्या होगी।

  • ये 12 अक्षरों की व्यक्तिगत पहचान संख्या है जो कि UIDAI (Unique Identification Authority of India) भारत सरकार, द्वारा जारी की गई है।
  • ये देशभर में कहीं भी पहचान पत्र और आवासीय प्रमाण पत्र के रूप में स्वीकार की जाएगी।
  • ये दो तरीकों में उपलब्ध है – फ़िज़िकल और इलेक्ट्रॉनिक यानि (e-aadhar)।
  • कोई भी भारतीय निवासी (जो आधार के लिए आवेदन भरने की तिथि से 182 दिन पहले भारत में रहा हो) किसी भी वर्ग, श्रेणी आयु का इससे प्राप्त करने का अधिकार रखता है।
  • यदि कोई संस्था ऐसा अनुरोध करती है तो UID प्राधिकरण एक व्यक्ति के आधार संख्या को प्रमाणित करेगा। कोई भी अनुरोध करने वाली इकाई (संस्था या व्यक्ति जो किसी व्यक्ति की जानकारी की प्रामाणिकता जानना चाहता है) उसे उस व्यक्ति विशेष की जानकारी प्राप्त करने के लिए उसी व्यक्ति से आज्ञा लेनी होगी।

आधार कार्ड के लाभ

  • सभी पब्लिक और प्राइवेट बैंक अब व्यक्ति की पहचान के लिए आधार कार्ड को एक विशेष पहचान प्रमाण पत्र के रूप में स्वीकार करते हैं। इसे वोटर आईडी कार्ड और पासपोर्ट के विकल्प के रूप में भी प्रयोग किया जा सकता है।
  • आप नया पासपोर्ट पाने / पासपोर्ट को दोबारा नया कराने के लिए आप आधार को पहचान पत्र के रूप में प्रयोग कर सकते हैं।
  • निश्चित राज्यों से सभी पेंशनभोगियों को अब संबंधित विभाग में अपना आधार कार्ड नंबर पंजीकृत कराना होगा ताकि वे महीने की पेंशन पा सकें। ये कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि कई नकली पेंशनभोगियों की खबर का खुलासा हुआ था।
  • आधार कार्ड पर 12 अक्षरों का व्यक्तिगत पहचान नंबर का प्रयोग LPG सब्सिडी की राशि तुरंत बैंक में प्राप्त करने के लिए भी किया जाता है।
  • सरकारी सर्वर में सबी व्यक्तिगत दस्तावेजों को सुरक्षित करने के लिए सरकार ने डिजिटल लॉकर व्यवस्था का प्रमोचन किया है।
  • अब ये शेयर मार्केट में भारत की सुरक्षा और विनिमय बोर्ड द्वारा आवास के प्रमाणपत्र के रूप में भी स्वीकार किया जा रहा है।
  • UIDAI द्वारा जारी किया गया आधार अब बैंकों द्वारा खाते खुलवाने में मान्य प्रमाण पत्र के रूप में भी स्वीकारा जा रहा है।
  • भारत सरकार नया सिम कार्ड खरीदने के लिए आधार को अनिवार्य बनाने के प्रस्ताव पर भी सोच रही है।
  • आंध्र प्रदेश सरकार ने हाल ही में घोषित किया है कि राज्य में कोई भी नया परिवहन खरीदने के लिए आधार कार्ड ज़रूरी होगा। ड्राइविंग लाइसेंस लेने के लिए भी ये अनिवार्य होगा।
  • भविष्य में आधार कार्ड प्रत्येक व्यक्ति का पहचान पत्र होगा। हालांकि, आधार कार्ड धारकों की जानकारी, सुरक्षित ऑनलाइन सर्वर में रखी जाती हैं, लेकिन व्यक्ति की पहचान को जांचने के लिए बायोमेट्रिक पहचान पत्र का प्रयोग किया जा सकता है।

IAS Prelims Mock Test Series 2017

क्रॉनिकल ऑल इंडिया आईएएस प्रीलिम्स टेस्ट सीरीज 2017

क्रॉनिकल प्रकाशन सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक जाना हुआ नाम है। प्रत्येक वर्ष काफी प्रश्न इसकी पुस्तकों से पूंछे जाते हैं।ऑल इंडिया आईएएस प्रीलिम्स टेस्ट सीरीज 2017’ इसी श्रेणी में एक अन्य पुस्तक हैं जो IAS परीक्षा 2017 को ध्यान में रखकर तैयार तैयार किया गया है। इस पुस्तक में NCERT आधारित, विषय विशेष और समसामयिकी आधारित टेस्ट पेपर रखा गया है और प्रत्येक टेस्ट सीरीज में 100 प्रश्न सम्मिलित किये गए है।

सामान्य अध्ययन पेपर-I के 9 टेस्ट और सीसेट पेपर-II के 5 टेस्ट भी सम्मिलित किये गए है। अभ्यर्थी में उत्तर लेखन विकसित करने हेतु प्रत्येक प्रश्न का विश्लेषण सहित व्याख्यात्मक हल भी प्रदान किया गया है।

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IAS Prelims All India Test Series 2017

क्रॉनिकल सिविल सर्विसेज करंट अफेयर मॉक टेस्ट सीरीज 2017

यह मॉक टेस्ट सीरीज IAS प्रीलिम्स 2017 के नवीनतम परीक्षा पैटर्न पर आधारित है और आईएस 2017 में प्रतिभाग करने वाले अभ्यर्थीयों के लिए विशेष उपयोगी है। इस ऑनलाइन मॉक टेस्ट सीरीज में आप अपने मोबाइल से भी प्रतिभाग कर सकते हैं और अपनी तैयारी की जांच कर सकते हैं।

सिविल सर्विसेज करंट अफेयर: मॉक टेस्ट सीरीज 2017 की शुरुवात क्रॉनिकल IAS के सहयोग से Online Tyari द्वारा आपको प्रदान किया जा रहा है।

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विधेयक की मुख्य विशेषताएं

नीचे आधार (वित्त और अन्य सब्सिडी की लक्षित डिलीवरी, लाभ और सेवाएं) अधिनियम 2016 की मुख्य विशेषताओं का उल्लेख किया गया है: 

पंजीकरण
  • प्रत्येक निवासी को नामांकन के दौरान अपनी बायोमेट्रिक और जनसांख्यिकीय जानकारी जमा कर आधार नंबर प्राप्त करने के लिए अधिकृत किया जाएगा।
  • निवासी को नामांकन के समय, नामांकन एजेंसी द्वारा उस तरीके से अवगत कराया जाएगा जिसमें उसे एकत्रित की गई जानकारी का प्रयोग और प्रमाणीकरण के दौरान जिस प्रकार के प्राप्तकर्ताओं के साथ जानकारी साझा की जाएगी, के विषय में बताया जाएगा।
  • प्रमाणीकरण के दौरान या अन्य शर्तों के अधीन एक आधार नंबर को भौतिक या इलेक्ट्रॉनिक रूप में पहचान पत्र के रूप में स्वीकार किया जाएगा।
प्रमाणीकरण

UID प्राधिकरण किसी भी व्यक्ति की आधार संख्या को प्रमाणित करेगा यदि कोई (एक संस्था या व्यक्ति जो किसी की जानकारी प्रमाणति करना चाहता हो) इस तरह का अनुरोध करता है तो जानकारी एकत्र करने से पहले उसकी अनुमति अनिवार्य है। एजेंसी प्रकट हुई जानकारी को केवल उन प्रयोजनों के लिए ही प्रयोग कर सकती है जिसके लिए व्यक्ति ने सहमति दी है।

सूचना का संरक्षण

एक व्यक्ति के फिंगरप्रिंट, नेत्र कलर स्कैन और अन्य जैविक विशेषताओं (नियमों द्वारा निर्दिष्ट) जैसे बॉयोमेट्रिक जानकारी का उपयोग केवल आधार नामांकन और प्रमाणीकरण के लिए किया जाएगा, और किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं होगा। इसके अलावा नियमों द्वारा निर्दिष्ट उद्देश्यों को छोड़कर इस तरह की जानकारी किसी के साथ साझा नहीं की जाएगी, न ही इसे सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।  जमा की जाने योग्य जानकारीआधार संख्या प्राप्त करने के लिए, एक व्यक्ति को अपने, (i) बायोमेट्रिक (फोटो, फिंगर प्रिंट, आईरिस स्कैन) और (ii) जनसांख्यिकीय (नाम, जन्म तिथि, पता) की जानकारी जमा करनी होगी। विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UID) द्वारा अन्य बायोमेट्रिक और जनसांख्यिकीय जानकारी एकत्र करने के लिए नियमों का निर्देशन मिल सकता है।  प्राधिकरण की स्थापना और संरचना

  1. अधिनियम नामांकन औऱ प्रमाणीकरण और अन्य कार्य के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण की स्थापना की बात करता है।
  2. प्राधिकरण में एक अध्यक्ष (अंशकालिक या पूर्णकालिक), दो अंशकालिक सदस्य और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शामिल होंगे जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किया जाएगा और ये भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव के पद से नीचे नहीं होंगे।
  3. प्राधिकरण व्यक्तियों को आधार संख्या जारी करने और प्रमाणीकरण करने के लिए नीति, प्रक्रिया और व्यवस्था का विकास करेगा।

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भारत की राजव्यवस्था: पंचम संस्करण, एम. लक्ष्मीकान्त

हिंदी माध्यम से सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे सभी छात्रों के लिए इस पुस्तक का अध्ययन करना अत्यंत आवश्यक है। पंचम संस्करण में सिविल सर्विस के पाठ्यक्रम में हुए अभी तक के सभी बदलाव को शामिल किया गया है। पुस्तक में राजव्यवस्था के बुनियादी संकल्पनाओं, भारतीय संविधान का इतिहास और संशोधन, कार्यपालिका और न्यायपालिका के समस्त कलेवर को अत्यंत सरल भाषा में समझाया गया है। यह पुस्तक MC Graw Hill प्रकाशन से प्रकाशित की गई है।

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भारतीय अर्थव्यवस्था: सिविल सेवा परीक्षा के लिए सफल मार्गदर्शिका – रमेश सिंह

अपने ज्ञान में विस्तार के लिए और सिविल सेवा परीक्षाओं में भारतीय अर्थव्यवस्था की तैयारी के लिए रमेश सिंह द्वारा लिखित और MC Graw Hill द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक का अध्ययन अवश्यक है। सामान्य अध्ययन के कौशल को विकसित करने में भी यह पुस्तक सहायक है और इसमें सिविल सेवा परीक्षाओं के पाठ्यक्रम के तहत अध्याय और सामग्री का संकलन किया गया है जिससे अभ्यर्थी को परीक्षा में सफलता पाना सरल हो जाएगा।

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भारत का भूगोल: माजिद हुसैन और रमेश सिंह

भारत का भूगोल पुस्तक में भारतीय भूगोल का विहंगम अध्ययन किया गया है। इस पुस्तक में भौगोलिक संरचना, नदी, मरुस्थल, पहाड़ और पठार, पहाड़ी श्रृंखला, नहर, कृषि, अभ्यारण, खनिज, उर्जा स्त्रोत, जलवायु, मिट्टी, राजनीतिक-भूगोल, भौगोलिक-संकृति आदि विषयों पर कवर किया गया है। यह पुस्तक सरल भाषा में सम्पूर्ण सिविल सर्विस परीक्षा के पाठ्यक्रम को कवर करती है इसलिए यह पुस्तक सभी हिंदी माध्यम से तैयारी करने वाले छात्रों के लिए विशेष उपयोगी बन गई है।

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अपराध और दंड

इस अधिनियम के तहत् किसी भी प्रावधान के उल्लंघन में विशेष रूप से अधिनियम के तहत् प्रदान किए जाने वाले दंड दिए जाएंगे। निम्नलिखित दंड निर्धारित किए गए हैं:

  • आधार संख्या धारक के प्रतिरूपण के लिए
  • पहचान की जानकारी का खुलासा करने पर
  • CIDR से छेड़छाड़ या अनाधिकृत उपयोग करने पर
  • सूचना आवश्यकताओं के अनुपालन के लिए
  • किसी भी अनुरोध करने वाले व्यक्ति द्वारा पहचान का अनाधिकृत उपयोग करने पर
  • अवशिष्ट दंड

यहां हम महत्वपूर्ण बिल और संशोधन पर इस लेख को विराम देते हैं। अन्य विषयों के लिए हमारे साथ बने रहिए जिनकी चर्चा हम दिन-प्रतिदिन करेंगे। सिविल सेवा परीक्षाओं में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए सर्वश्रेष्ठ IAS परीक्षा तैयारी एप नि:शुल्क डाउनलोड करें।

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