CTET फरवरी 2016: परीक्षा विश्लेषण

CTET फरवरी 2016 परीक्षा विश्लेषण: CTET पेपर की बात करें तो इसका पैटर्न और संरचना पिछले वर्षों के पेपर जैसा ही था, हालांकि कठिनाई का स्तर थोड़ा कम था। परीक्षा दो पाली में थी। पहली पाली 9:30 बजे से शुरू हुई थी। पेपर-1 (कक्षा 1 से 5 के लिए) हमेशा की तरह आसान था, फिर चाहे वो बाल विकास, शिक्षण या गणित का सेक्शन ही क्यों न हो। हालांकि कुछ छात्रों को पर्यावरण संबंधी प्रश्नों से परेशानी हुई।

 

CTET 2016 स्तर-2 परीक्षा विश्लेषण

क्रम संख्या

विषय

प्रश्नों की संख्या

कठिनाई स्तर

 1.

बाल विकास एवं शिक्षण

30

सरल

 2.

विज्ञान और गणित

60

मध्यम

या

सामाजिक विज्ञान

60

सरल

 3.

भाषा 1

30

सरल

 4.

भाषा 2

30

मध्यम

सेक्शन-वाइज विश्लेषण

  1. बाल विकास एवं शिक्षण

यह सेक्शन पिछले साल के पेपर की तुलना में आसान था। बाल विकास एवं शिक्षण से सीधे-सीधे प्रश्न पूछे गए थे। हैरानी की बात है कि इस साल पिगेट्स और जिगोत्स्की के कॉगनिटिव डेवेलपमेंट के सिद्धांत पर बहुत से प्रश्न पूछे गए थे। प्रश्न सीधे-सीधे और आसान थे। उदाहरण के लिए:-

प्रश्न: जिगोत्स्की द्वारा प्रस्तावित बच्चों की “प्राइवेट स्पीच” की अवधारणा

  1. दिखाती है कि बच्चे स्वयं के कार्यों के मार्गदर्शन के लिए अपनी बोली का उपयोग करते हैं।
  2. दिखाती है कि बच्चे मूर्ख होते हैं उन्हें वयस्कों के मार्गदर्शन की जरूरत है।
  3. दिखाती है कि बच्चों में अहंकार होता है।
  4. से पता चलता है कि बच्चों को खुद से प्यार होता है।

बाल शिक्षण शास्त्र की बुनियादी जानकारी के साथ कोई भी इस इस प्रश्न का उत्तर दे सकता है।

इसके अलावा, ऐसे भी प्रश्न थे:

प्रश्न: पिगेट्स के अनुसार, निम्नलिखित कारकों में से कौन सा एक विकास को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है?

प्रश्न: पिगेट्स और जिगोत्स्की द्वारा वर्णित एक सृजनात्मक कक्षा में सीखना किसे कहते हैं?

बाल विकास एवं शिक्षण सेक्शन में औसतन 20-25 प्रश्नों के सही-सही उत्तर की उम्मीद की जा सकती है।

 

2. गणित और विज्ञान

इस सेक्शन की कठिनाई का स्तर मध्यम था। हालांकि सितंबर 2015 में आयोजित परीक्षा की तुलना में यह अपेक्षाकृत आसान ही था। प्रश्न पत्र के 50% से अधिक प्रश्न गणित और भौतिकी से थे। इसमें रसायन विज्ञान से केवल 3 प्रश्न ही थे। हालांकि रसायन विज्ञान के शैक्षणिक पहलुओं संबंधी काफी प्रश्न पूछे गए थे।

विषय

प्रश्नों की संख्या

गणित

20

भौतिकी

8

रसायन विज्ञान

3

जीव विज्ञान

7

गणित एवं विज्ञान का शिक्षण

22

यानी कि ज्यादातार प्रश्न गणित और भौतिकी से थे। लेकिन वे भी मुश्किल नहीं थे। विज्ञान और गणित के लिए कक्षा 6, 7 और 8वीं की NCERT की पुस्तकें एकदम सही अध्ययन सामग्री थीं।

गणित और विज्ञान सेक्शन में औसतन 35-40 प्रश्नों के सही-सही उत्तर की उम्मीद की जा सकती है|

 

2. सामाजिक विज्ञान/ सामाजिक अध्ययन

विज्ञान और गणित के विपरीत, यह सेक्शन  अपेक्षाकृत आसान था। इसमें इतिहास, भूगोल, राज-व्यवस्था, सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन तथा सामाजिक विज्ञान के शैक्षणिक पहलुओं पर आधारित बुनियादी प्रश्न काफी थे।

हालांकि हैरानी की बात यह रही कि इस साल राज-व्यवस्था से भी कुछ अच्छे प्रश्न पूछे गए। उदाहरण के लिए:-

प्रश्न: संविधान का अनुच्छेद-22 सुनिश्चित करता है

  1. शिक्षा का अधिकार
  2. गिरफ्तारी या हिरासत के दौरान गलत ढंग से व्यवहार नहीं किए जाने का अधिकार
  3. संविधान संशोधन का अधिकार
  4. शोषण के विरुद्ध अधिकार

प्रश्न: राष्ट्रीय फोकस समूह (2006) के अनुसार, शिक्षण के रूप में सामाजिक विज्ञान अपनी लोकप्रियता खोता जा रहा है, जैसे कि?

प्रश्न: राज-व्यवस्था शब्द की जगह राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एनसीएफ), 2005 ने क्या शब्द सुझाया था:

जाहिर है कि इस वर्ष कुछ अच्छे प्रश्न भी थे, लेकिन सामान्य ज्ञान पर अच्छी पकड़ रखने वाले उम्मीदवार के लिए वे आसान ही थे।

सामाजिक विज्ञान में औसतन 40-45 प्रश्नों के सही-सही उत्तर की उम्मीद की जा सकती है|

 

3. भाषा-1 (अंग्रेजी)

भाषा-1 आसान थी। गद्यांश की कठिनाई का स्तर मध्यम था लेकिन बाकी पेपर आसान था| विलोम-समानार्थी (Antonym-Synonyms) और त्रुटियों का पता लगाने (Error detection) संबंधी प्रश्न बहुत बुनियादी थे। उदाहरण के लिए:-

प्रश्न: “Narrow” का विलोम-शब्द:

  1. steep
  2. Wide
  3. Broad
  4. Deep

प्रश्न: “illuminated” शब्द का मतलब?

  1. Tossed up
  2. Calm
  3. Lighted up
  4. Decorated

भाषा-1 में औसतन 17-22 प्रश्नों के सही-सही उत्तर की उम्मीद की जा सकती है|

 

4. भाषा-2 (अंग्रेजी)

भाषा-1 की तुलना में भाषा-2 का पेपर थोड़ा मुश्किल था। कुल मिलाकर देखें तो कठिनाई का स्तर मध्यम था। हालांकि ज्यादातर प्रश्न भाषा सीखने के शैक्षणिक पहलुओं पर आधारित थे।

भाषा-2 में औसतन 12-17 प्रश्नों के सही-सही उत्तर की उम्मीद की जा सकती है।

 

कुल मिलाकर देखें तो पिछले वर्ष के पेपर की तुलना में इस बार का पेपर अच्छा और आसान था। शिक्षण संबंधी नौकरियों के लिए इस साल अच्छी खासी संख्या में उम्मीदवार क्वॉलिफाई करेंगे, ऐसी उम्मीद की जा सकती है।

आपकी सफलता के लिए हमारी शुभकामनाएं !!!

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