EPFO APFC 2016: रंजीत कुमार की सफलता की कहानी, उन्हीं की ज़ुबानी

UPSC (संघ लोक सेवा आयोग) ने 2015 में श्रम और रोज़गार मंत्रालय की वैधानिक निकाय – कर्मचारी प्रोविडेंट फ़ंड संगठन के 170 रिक्त पदों को भरने के लिए APFC (सहायक प्रोविडेंट फ़ंड आयुक्त) परीक्षा का आयोजन किया था।

OnlineTyari टीम के रूप में, विद्यार्थियों/उम्मीदवारों/आकांक्षियों को ऑनलाइन मॉक टेस्ट, प्रश्न बैंक और ई-बुक्स के ज़रिए UPSC, NABARD, SBI, IBPS जैसी भर्ती परीक्षाओं की तैयारी करने में उनकी मदद करने पर हम गर्व महसूस करते हैं। अब बिना देरी किए हम रंजीत कुमार की सफलता की कहानी आपसे साझा करते हैं जो OnlineTyari के उपयोगकर्ता हैं और EPFO APFC भर्ती परीक्षा 2016 को पास करने में सक्षम रहे थे।

EPFO APFC सफलता की कहानी, रंजीत कुमार की ज़ुबानी 

किसी प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी पाने के इच्छुक लाखों उम्मीदवारों में से रंजीत कुमार सबसे आगे खड़े होते हैं। दिल्ली के रहने वाले मेहनती, सरल और विनम्र व्यक्ति रंजीत कुमार ने OnlineTyari टीम के साथ अपना अनुभव साझा किया और APFC भर्ती परीक्षा को सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने के अपने सफ़र के बारे में बताया।

  • नाम – रंजीत कुमार
  • परीक्षा क्वॉलिफ़ाइड – सहायक प्रोविडेंट फंड आयुक्त (APFC) 2015
  • रोल नंबर – 224962
  • स्कोर – अभी घोषित नहीं किए गए

OnlineTyari टीम द्वारा लिया गया रंजीत कुमार का साक्षात्कार नीचे दिया जा रहा है।

OnlineTyari: क्या आपने इससे पहले कोई सिविल सेवा परीक्षा दी थी? यदि हां, तो आपने कितनी बार परीक्षा दी है?

रंजीतः हां, मैं पहले 3 बार परीक्षा दे चुका हूं।

OnlineTyari: आपने परीक्षा की तैयारी कैसे की थी? क्या आपने किसी कोचिंग संस्थान से पढ़ाई की थी? यदि हां, तो, वो आपके लिए कितनी सहायक साबित हुई?

रंजीतः इस परीक्षा के लिए मैंने कोई कोचिंग क्लास नहीं ली थी। ज़्यादातर, मैंने सिलेबस को ख़ुद ही कवर करने की कोशिश की। साल 2011 में सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के लिए मैंने ध्येय IAS इंस्टीट्यूट में दाखिला लिया था फिर मुख्य परीक्षा के लिए मैंने एफ़र्ट IAS अकादमी में कोचिंग ली। उसके बाद, पिछले कुछ वर्षों में मैंने कोचिंग इंस्टीट्यूट से पढ़ाई करने का विचार छोड़ दिया जिससे वास्तव में मुझे बहुत मदद मिली साथ ही समय और पैसों की बचत भी हुई। अपनी कुशलताओं को बेहतर करने के लिए और गहराई से मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए मैंने ऑनलाइन शैक्षिक पोर्टल को देखना शुरू किया। विशेष रूप से OnlineTyari के करेंट अफ़ेयर्स कॉलम से और डेली न्यूज़ डाइजेस्ट सेक्शन से मैं काफ़ी लाभान्वित हुआ जिससे मुझे मेरी सामान्य ज्ञान की क्षमता को बढ़ाने में मदद मिली।

OnlineTyari: हमें अपने बारे में कुछ और भी बताएं और यह भी बताएं कि करियर बनाने के उद्देश्य से आपने इसी क्षेत्र को क्यों चुना, क्या कोई ख़ास वजह रही?

रंजीतः मैंने CBSE बोर्ड के ज़रिए दिल्ली के स्कूल से स्कूली शिक्षा प्राप्त की है। मैंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक किया है। मैंने B.T.E. से ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कोर्स भी किया है। साथ ही डिस्टेंस लर्निंग के माध्यम से मार्केटिंग में MBA भी किया है। मैंने करियर के लिए इस क्षेत्र को चुना क्योंकि मुझे लगता है कि सरकारी नौकरी की सुरक्षा, प्रतिष्ठा और आराम के स्तर का कोई मुक़ाबला नहीं है। मैं मानता हूं कि काम का कम बोझ और स्वतंत्र जीवन शैली ही एक स्वस्थ जीवन शैली का आधार है और किसी भी अन्य नौकरी में ऐसी संतुष्टी नहीं मिलती जो अपने देश की सेवा प्राप्त करके प्राप्त होती है।

OnlineTyari: OnlineTyari के लिए आपका क्या विचार / प्रतिक्रिया है? यह कैसे आपके लिए सहायक साबित हुआ?

रंजीतः OnlineTyari बहुत उपयोगी है और सार्वजनिक क्षेत्र में जाने के लिए किसी भी उम्मीदवार के लिए यह एक आधार है। इसकी अध्ययन योजनाएं, अंतिम मिनट में तैयारी की टिप्स, मॉक टेस्ट्स, प्रश्न बैंक और अभ्यास करने के लिए ऐसे अन्य साधन बहुत उपयोगी साबित हुए। इनके निरंतर समर्थन और मार्गदर्शन ने हमेशा मेरी मदद की।

OnlineTyari: कृपया EPFO APFC साक्षात्कार के दौरान अपने अनुभवों को हमसे साझा करें। आपसे क्या प्रश्न पूछे गए थे और कितने अच्छे तरीक़े से आप उनका जवाब देने में कामयाब रहे?

रंजीतः संगठन के अध्यक्ष के अलावा साक्षात्कार पैनल में बोर्ड के 3 अन्य सदस्य भी मौजूद थे। मैं अंदर जाने से पहले काफ़ी घबराया हुआ था पर जैसे ही प्रवेश किया मैंने अपने अंदर आत्मविश्वास को महसूस किया और बिना किसी गड़बड़ के उनके प्रश्नों के जवाब देने की कोशिश की। उन्होंने कई क्षेत्रों में मुझसे प्रश्न किए। सबसे पहले उन्होंने  मुझसे अपने पिछले कार्य अनुभवों और उन्हें छोड़ने के कारण के बारे में पूछा। उन्होंने करेंट अफ़ेयर्स पर ध्यान केंद्रित किया और विभिन्न विषयों के बारे में बहुत कुछ पूछा जैसे दिल्ली में प्रदूषण, कैसे भ्रष्टाचार सरकारी तंत्र की नज़रों से छुपा है, किस प्रकार उच्च न्यायालय का 2000सी सी वाहनों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश पर्यावरण को प्रभावित करेगा। उन्होंने मुझसे वर्तमान न्यायपालिका प्रणाली और उसकी कार्यशैली के साथ-साथ देश की आबादी और उससे जुड़े सामाजिक मुद्दों के बारे में पूछा। साक्षात्कार लगभग आधे घंटे के लिए हुआ और मुझे उम्मीद है कि मुझे सकारात्मक परिणाम मिलेगा।

OnlineTyari: आपने पहले हमें निजी क्षेत्र में काम करने के बारे में बताया था। आपने काम करने के साथ-साथ पढ़ाई कैसे की?

रंजीतः हां, यह मेरे लिए बहुत ज़रूरी था कि मैं साथ ही साथ काम करूं क्योंकि मैं हमेशा से अपने परिवार को आर्थिक सहायता देना चाहता था। पहले पहल मैंने एक दो साल के लिए काम किया और ख़ासा अच्छा कमा लिया पर जब मैंने देखा कि प्रतियोगी परीक्षाएं पास आ रहीं थीं तो मैंने काम करने का विचार छोड़ दिया और इंन्स्टिट्यूट में दाखिला ले लिया। 3 साल की कड़ी मेहनत और अध्ययन के बावजूद मैं परीक्षा को पास करने में असमर्थ था। यह मेरे जीवन का सबसे मुश्किल और निराशाजनक दौर था।

OnlineTyari: उस मुश्किल दौर में आपको आगे बढ़ने के लिए किसने प्रेरित किया?  वो कौन था जिसने क़दम से क़दम मिलाकर हर पर आपका साथ दिया?

रंजीतः मुझे याद है कि मैंने 2013 का अपना IAS रिज़ल्ट  देखा था। मैं अपने रिज़ल्ट  को लेकर काफ़ी सकारात्मक था लेकिन जो रिज़ल्ट आया वो मेरी अपेक्षा के विपरीत था जिसके चलते  मैं गम्भीर अवसाद में चला गया और जीवन के प्रति निंदक नज़रिया रखने लगा, और जहां तक बात रही मेरे मुश्किल दौर में हमेशा साथ देने वाले किसी शक़्स की तो, मेरे पिता जी ने कभी मेरा साथ नहीं छोड़ा और हमेशा मुझे अगली बार कोशिश करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा अपने सपनों का पीछा करो, इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि यह कितना अप्राप्य दूसरों को लगता है। उन्होंने हमेशा इसी स्तर का धैर्य बनाए रखने की प्रेरणा दी वो भी हर उस मुश्किल दौर में जब मुझे उनके समर्थन या सुझाव की ज़रूरत रही। यह बहुत ज़रूरी है उन लोगों के लिए जो अपने सपनों का पीछा कर रहे हैं कि वो हमेशा सकारात्मक लोगों के साथ रहें।

OnlineTyari: अब एक आख़िरी सवाल, आप उन उम्मीदवारों को क्या संदेश देना चाहेंगे जो फ़िलहाल अपना भविष्य संवारने के सपने देख रहे हैं।

रंजीतः हमेशा अपने बड़ों की बात सुनें और अपना बेहतर प्रदर्शन  दें। हमेशा आगे बढ़ने का साहस रखें और कभी भी अपने सपनों को अधूरा न छोड़ें और न ही कभी ख़ुद पर शंका करें। अगर आप सपने देख सकते हैं तो निश्चित तौर पर उन्हें पूरा भी कर सकते हैं, यही आत्मविश्वास एक दिन आपको आपके लक्ष्य तक ज़रूर पहुंचाएगा। हमारी ओर से आप सभी उम्मीदवारों को शुभकामनाएं।

रंजीत जैसे कई लोगों ने EPFO APFC परीक्षा क्वॉलिफ़ाई की है और हमें उनका ऑनलाइन मेंटर होने पर गर्व है। यदि आप भी अपनी कोई सफ़लता की कहानी हमसे साझा करना चाहते हैं तो अपना नाम, रोल नम्बर और अपने स्कोर कार्ड की फ़ोटो हमें support@onlinetyari.com पर भेजें और हम आपको शीघ्र ही संपर्क करेंगे।Doubts-Hindi- (1)

बेहतर प्रतिक्रिया के लिए OnlineTyari Community पर अपनी शंकाएं या सवाल हमसे साझा करें।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.