SSC CGL 2017-18 के लिए निबंध लेखन में 35+ अंक कैसे पाएं ?

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SSC CGL 2017-18 के लिए निबंध लेखन में 35+ अंक कैसे पाएं ?

SSC CGL 2017-18 के लिए निबंध लेखन में 35+ अंक कैसे पाएं ? : सम्मानीय सरकारी परीक्षा के लिए SSC CGL परीक्षा का प्रमुख स्थान है। SSC CGL परीक्षा में इस वर्ष एक और परीक्षा स्तर जोड़ा गया है जो टियर 3 है। यदि कोई उम्मीदवार टियर 2 की परीक्षा पास करता है तो वो टियर 3 की परीक्षा देगा। इस लेख में, हम SSC CGL टियर 3 परीक्षा से संबंधित “निबंध लेखन कैसे करें” विषय पर चर्चा करेंगे।

SSC टियर 3 परीक्षा 2017 का आयोजन 08 जुलाई को किया जाना है। परीक्षा प्रश्नपत्र (वर्णात्मक पेपर) 100 अंकों का होगा जो पेन और पेपर माध्यम में आयोजित किया जाएगा। टियर 3 की परीक्षा लिखने के लिए 60 मिनट का कुल समय दिया जाएगा। SSC द्वारा टियर 3 परीक्षा परीक्षा का आयोजन उम्मीदवार के लेखन कौशल का आकलन करने के लिए किया जाता है। इस पेपर में 250 शब्दों का निबंध लेखन/आलेख और 150 शब्दों का पत्र लेखन शामिल होगा। आज हम निबंध लेखन कैसे करें इस विषय पर चर्चा करेंगे।

 

SSC CGL 2017-18 के लिए निबंध लेखन में 35+ अंक कैसे पाएं ? 

बुनियादी प्रश्नपत्रों (गणित, रीजनिंग, अंग्रेजी और सामान्य ज्ञान) की अपेक्षा निबंध के प्रश्नपत्र में अपेक्षाकृत कम मेहनत करके अधिक अंक लाए जा सकते हैं। आप 50 अंकों के प्रश्नपत्र में 35+ अंक तक प्राप्त कर सकते हैं।

  • हालाँकि, ऐसा देखा जाता है कि निबंध के प्रश्नपत्र को अनेक परीक्षार्थी बहुत हल्के में ले लेते हैं और सीधे परीक्षा भवन में ही जाकर निबंध लिखते हैं। इनमें कुछ प्रतिभाशाली विद्यार्थी जो स्कूल और कॉलेज स्तर पर निबंध लेखन करते रहे हैं, वे बेहतर प्रदर्शन करते हैं। परंतु, परीक्षार्थियों का एक बड़ा तबका अपने ‘अति आत्म-विश्वास’ का शिकार हो जाता है, क्योंकि सभी में तो ऐसी प्रतिभा नहीं हो सकती कि सीधे परीक्षा भवन में निबंध लिखें और अच्छे अंक पा जाएँ।
  • आपके मन में एक बड़ा सवाल यह उठता रहा होगा कि आखिर निबंध की तैयारी कैसे की जाए? इसके लिये कौन सी किताब पढ़ी जाए? तो यहाँ आपको स्पष्ट कर दें कि ऐसी कोई एक किताब नहीं है जिसे पढ़कर आप रातोंरात निबंध में पारंगत हो जाएँ। कोई ऐसी विधि भी नहीं है जिसे रटकर आप निबंध के प्रश्नपत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
  • अब, आप सोच रहे होंगे कि फिर ऐसा क्या है जो निबंध के प्रश्नपत्र में आपको सहज और सफल बनाएगा? आजकल सभी सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं के निबंधों की मूल प्रवृत्ति ही रचनात्मक रहती है। यहाँ आपसे इस बात की बहुत अधिक उम्मीद नहीं की जाती है कि आप दिये गए विषय में तथ्यों का विशाल पहाड़ खड़ा कर दें, बल्कि अधिक उम्मीद यह की जाती है कि आप अपने रचनात्मक और कल्पनात्मक कौशल का परिचय देते हुए दिये गए विषय की अवधारणा को स्पष्ट करें। निबंध को नीरस व उबाऊ बनाने की बजाय सरस व रोचक बनाएँ।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं के वर्तमान प्रारूप में निबंध लेखन में एक चुनौती यह आती है कि कम-से-कम शब्दों में पूरे विषय को स्पष्ट कैसे किया जाए? इसके लिये जो सबसे ज़रूरी बात है, वह है नियत समय व नियत शब्द-सीमा में लिखने का अभ्यास। इसके लिए उम्मीदवारों को कम-से-कम दो महीने पहले से ही अधिक से अधिक विषयों पर लेखन अभ्यास, खासकर उन विषयों पर जो विगत परीक्षाओं में अब तक पूछे जा चुके हैं-पर करना प्रारंभ कर देना चाहिए।

कैसे करें लिखने की शुरुआत? क्या हो उचित समापन?

  • सभी उम्मीदवारों का ये जान लेना आवश्यक है कि निबंध लेखन से तात्पर्य ये नहीं कि अपने सभी विचारों को किसी भी क्रम में लिखते चले जाएं। ये प्रारूपबंध लेखन है जिसकी परिचय के साथ निश्चित शुरूआत होती है और किसी तार्किक बिंदु के साथ इसका निष्कर्ष निकलता है। उदाहरण के लिए यहां निबंध का प्रारूप दिया जा रहा है, एक बार अवश्य देखें:
  1. परिचय-पृष्ठभूमि / संबंधित इतिहास
  2. मुख्य विचार / सिद्धांत / विषय किस बारे में है -इससे संबंधित समकालीन परिदृश्य/नकारात्मक पक्ष / कठिनाइयां और प्रस्तावित सुझाव / सुधार
  3. निष्कर्ष
  • निबंध का उत्तर लिखते समय कुछ परीक्षार्थियों के मन में बड़ा प्रश्न यह होता है कि पहली पंक्ति में क्या लिखें? शुरुआत कहाँ से करें, तो बिना डरे किसी कविता, कहानी, कोई संस्मरण, किसी फिल्म का प्रासंगिक दृश्य, आपके जीवन से जुड़ी कोई घटना आदि से शुरुआत की जा सकती है। अंत भी ऐसा ही हो जो विषय के मूलभाव को संतुलित तरीके से समेट सके।
  • इसमें अच्छे अंक प्राप्त करने के लिये आप परीक्षा से जितना अधिक संभव हो निबंध लिखकर उसका आंकलन कर लेना चाहिए और देखें की इसमें और सुधार कैसे लाया जा सकता है।
  • हालाँकि, परीक्षा में इस बात की बहुत कम ही संभावना रहती है कि विषय रिपीट हो। मगर यह ज़रूर है कि अगर आपने विगत वर्षों की परीक्षा में पूछे गए या उनकी प्रवृत्ति से मिलते-जुलते निबंधों का अभ्यास कर लिया, तो परीक्षा भवन में पूछे गए निबंध आपको नए नहीं लगेंगे। आप उनकी मूल प्रवृत्ति को समझ सकेंगे और बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
  • आप प्रयास यह करें कि बचे हुए महीनों में प्रतिदिन कम-से-कम एक विषय पर निबंध लिखें, प्रतिदिन नहीं तो कम-से-कम दो दिनों में एक निबंध अवश्य लिखें।

निबंध लेखन के लिए क्या पढ़ें?

  • सबसे बड़ा सवाल निबंध के प्रश्नपत्र को लेकर यह है कि क्या पढ़ा जाए? जैसा कि हमने पूर्व में बताया कि इसके लिये कोई एक ऐसी किताब नहीं है। वस्तुतः निबंध आपके संपूर्ण व्यक्तित्व का परीक्षण है। इससे आपकी संवेदना और आपकी सोच का पता चलता है।
  • कुछ आवश्यक सामग्री जो आपके निबंध लेखन में लाभदायी होंगी उनमें नियमित रूप से अखबारों मे छपे संपादकीय लेख अत्यधिक महत्त्वपूर्ण हैं जो किसी विषय के प्रति आपकी समझ को विकसित करने में लाभकारी सिद्ध होंगे।
  • इसके अलावा, कुछ प्रसिद्ध निबंधकारों के निबंध पढ़ें और यह समझने की कोशिश करें कि दिये गए विषय को किस तरह से लेखक ने कितने आयामों में बाँटा है और उसके क्या मनोभाव रहे हैं? ज़रूरी हो तो आवश्यक बातों को नोट भी करें। कुछ प्रसिद्ध महापुरुषों के कथन, शायरी, कविता भी याद कर लें, इनका एक संग्रह भी बना सकते हैं खासकर, गरीबी, न्याय, महिला, विज्ञान, धर्म, भ्रष्टाचार, पर्यावरण से जुड़े विषयों पर।

निबंध को रोचक कैसे बनाएँ ?

  • निबंध को रोचक बनाने के लिये शायरी, कहानी, लोकोक्ति, श्लोक, संस्मरण, प्रसिद्ध विद्वानों के कथन या अन्य बातें जो आपको लगें कि विषय से जुड़ी हुई और प्रासंगिक हैं, उनका इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • आप इनका इस्तेमाल निबंध की शुरुआत, मध्य या अंत में अथवा जहाँ भी उचित मालूम पड़े, कर सकते हैं। मगर इस बात का ध्यान रहे कि आपके द्वारा इस्तेमाल की गई कविता/कहानी विषय से जुड़ती हो, वह विषय से एकदम भिन्न न हो, या फिर यूँ ही इस्तेमाल न की गई हो।
  • इनका इस्तेमाल आपके निबंध को रोचक व प्रवाहमय बनाएगा और परीक्षक आपके निबंध को पढ़ते वक्त बोर भी नहीं होगा। विद्वानों के कथन आपकी बात को पुष्ट व प्रमाणिक बनाते हैं, कभी-कभी तो सीधे कोई काव्य पंक्ति या विद्वानों के कथन निबंध के विषय के रूप में पूछ लिये जाते हैं। इससे आप इनकी महत्ता समझ सकते हैं।
  • वस्तुतः निबंध का उद्देश्य आपके ज्ञान परीक्षण से अधिक आप के व्यक्तित्व का परीक्षण करना है। आप कैसे इंसान हैं? सरकारी सेवक बनने के बाद आप आम जन की भावना और संवेदना से जुड़ पाएंगे या नहीं? आपके निबंध लेखन में ये भाव आपके लाख छिपाने के बाद भी अभिव्यक्त हो जाते हैं।
  • निरंतर अपने व्यक्तित्व को निखारने और सकारात्मक विचारों को निरंतर ग्रहण करने का प्रयास करें। आशावादी बनें, समस्याओं के समाधान बताएँ न कि समस्याएँ खड़ी करें। आपकी निराशावादी विचारधारा आपको प्रतियोगिता से बाहर कर सकती है, यकीन मानें।

निबंध लिखते समय क्या हो विचारधारा?

  • परीक्षार्थियों के समक्ष एक बड़ी समस्या इस बात को लेकर रहती है कि निबंध लेखन के समय हमारी विचारधारा क्या हो? क्या किसी खास विचारधारा का कोई असर पड़ता है? क्या हम सरकारी नीतियों का विरोध कर सकते हैं?
  • इसका सीधा-सा जवाब है कि हमारी विचारधारा चाहे जो भी हो, बस आम जन के विरोध वाली नहीं होनी चाहिये; किसी लिंग, जाति व धर्म के प्रति दुराग्रहपूर्ण नहीं होनी चाहिये, और अगर ऐसा है तो निश्चित रूप से इसका असर पड़ता है। जहाँ तक सरकारी नीतियों के विरोध की बात है तो उचित विरोध किया जा सकता है, मगर सिर्फ विरोध करने के लिये विरोध न करें।

कैसे करें विषयों का चुनाव?

  • वैसे तो SSC CGL और SSC CHSL में निबंध के चयन का विकल्प नहीं होता परन्तु यदि आपके पास यदि निबंध चयन का विकल्प हो तो ऐसे में विषय चयन के प्रति सावधानी अति आवश्यक है। आप दिये गए विकल्पों में जिसमें अधिक सहज हों, जो आपकी रुचि से जुड़ा हो, उसका चयन करें। लेकिन यह चयन सोच-समझकर करें क्योंकि एक बार लिखना शुरू करने के बाद फिर आपको लगे कि आप किसी और विषय पर ज़्यादा अच्छा लिख सकते थे, तो इससे आपके समय और ऊर्जा दोनों की बर्बादी होती है, साथ ही आपका आत्मविश्वास भी गिरता है और लिखकर काटना, फिर लिखना परीक्षक पर भी सकारात्मक असर नहीं डालता है।
  • एक बार निबंध लिखना शुरू कर दें तो पूरे आत्मविश्वास के साथ लिखें। ध्यान रखें कि निबंध के किसी भी प्रश्न का कोई एक निश्चित उत्तर नहीं होता। यह आप पर निर्भर करता है कि आपका विषय के प्रति क्या नज़रिया है, आप विषय को कैसे परिभाषित करते हैं? निबंध के रूप में जवाब कभी पूर्णतया सही या गलत नहीं होते। हाँ, यह प्रयास अवश्य करें कि दिये गए विषय के मूलभाव तक पहुँच सकें।

परीक्षा भवन में क्या करें?

  • प्रश्नपत्र सामने आते ही पहले निबंध शीर्षक/विषय को आराम से पढ़ें, फिर दिये गए विषय के पक्ष व विपक्ष में कुछ बिंदु सोचें व नोट करें, फिर उन्हें सम्यक रूप से लिखने की कोशिश करें।
  • कई बार, कुछ विषयों में सिर्फ पक्ष या सिर्फ विपक्ष का चुनाव कर सकते हैं, मगर ऐसे में आपके पास सिर्फ विरोध या सिर्फ समर्थन के ठोस तर्क होने चाहियें, हवा-हवाई बातों से काम नहीं चलेगा। अंत में निष्कर्ष अवश्य लिखें जो कि आपके निबंध का सार है।

ऐसे कोई निश्चित विषय नहीं हैं जिनमें से उम्मीदवारों से परीक्षा में निबंध लिखने के लिए पूछे जाएंगे। इसलिए, किसी विषय को रटने का सवाल ही नहीं उठता। यही पक्ष इसे, SSC टियर 3 अंग्रेज़ी वर्णात्मक पेपर का सबसे चुनौतीपूर्ण पक्ष बनाता है। हम आशा करते हैं कि यह लेख आपके लिए काफ़ी उपयोगी सिद्ध हुआ होगा। यदि आपको कोई भी शंका या प्रश्न पूछना है तो नीचे दिए गए टिप्पणी अनुभाग में हमें अवश्य लिखें। SSC CGL टियर 3 अंग्रेज़ी वर्णात्मक पेपर के लिए आप सभी को शुभकामनाएं।

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