टॉपर्स कैसे पढ़ते हैं: जानें टॉपर बनने के 10 टिप्स

0
652
टॉपर्स कैसे पढ़ते हैं: जानें टॉपर बनने के 10 टिप्स

टॉपर्स कैसे पढ़ते हैं: जानें टॉपर बनने के 10 टिप्स – टॉपर्स अक्सर हमारे समाज में एक आदर्श के रूप में देखे जाते हैं क्योंकि उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल की हुई होती है। टॉपर अन्य छात्रों की तरह ही आम छात्र होता है फिर वह एक टॉपर बन जाता है। यह विश्लेषण करना महत्वपूर्ण है कि ऐसे छात्र क्या करते हैं जिससे वह आम छात्र से ख़ास छात्र बन जाते हैं और अपने मुकाम को प्राप्त कर पाते हैं।TyariPLUS

अभी 22% छूट का लाभ उठाने के लिए कूपन कोड : SKRANT22 का प्रयोग करें !

हालांकि टॉपर बनने की खुशी कुछ अलग ही होती है लेकिन वह ख़ुशी सहज में प्राप्त नहीं होती। उसके लिए छात्रों को दैनिक कठिन परिश्रम और सटीक रणनीति से अपने लक्ष्य को हासिल करना होता है।

 

टॉपर्स कैसे पढ़ते हैं: जानें टॉपर बनने के 10 टिप्स !

टॉपर्स के अंदर आपको कभी भी असफल होने वाला रवैया देखने को नहीं मिलेगा जो उन्हें प्रतियोगी परीक्षा के लिए पूरी तरह से प्रेरित करता है। जब किसी के पास कभी भी ना हारने वाला रवैया होता है तो वे आसानी से हार नहीं मानते हैं।

आज हम आपको प्रतियोगी परीक्षा के टॉपर कैसे पढ़ते हैं (How Toppers Student Study) के विषय में बताने जा रहे हैं जिसे अपना कर आप भी टॉपर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं और अपनी परतियोगी परीक्षा में अपनी एक सीट पक्की कर सकते हैं।

1. नियमित तय घंटे पढ़ाई

सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण क्वालिटी जो उनमें देखने को मिलती है वो यह है कि वे लंबे समय तक सफल होने के लिए पूरे अनुशासन में रहते हैं। टॉपर्स किसी अन्य ईमानदार छात्र की तरह, अपनी तैयारी के दौरान समय और ऊर्जा के महत्व को समझते हैं, इसलिए वे अपने पढ़ाई के घंटों के दौरान बेहद अनुशासित रहते हैं। वह प्रतिदिन नियमतः अपनी पढ़ाई बिना व्यवधान के टाइमटेबल के तहत जारी रखते हैं और निश्चित घंटे अपनी पढ़ाई करते हैं। उनके लिए पढ़ाई का मतलब सिर्फ परीक्षा नहीं बल्कि ज्ञान संचय करना और अपनी संकल्पना को दृढ़ करने का मौका होता है।

2. नया सीखना/समझना

प्रथम परन्तु सबसे महत्त्वपूर्ण तत्त्व जो सभी छात्रों को जानना चाहिए कि उनमें पढ़ने की इच्छा और नया जानने/सीखने का उत्साह होता है। टॉपर बनने का कोशिश नहीं बल्कि ज्ञान समेटने/सबकुछ जानने का जोश उनको उस मुकाम तक ले जाता है। क्योंकि छात्र सीखते रहते हैं, इसलिए उनका आत्मविश्वास बढ़ता है। इसलिए प्रतियोगी छात्रों  के  टॉपर्स के पास एक मजबूत आत्म विश्वास प्रणाली पाई जाती है जो उनके प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में उत्कृष्टता के लिए लगातार चलने वाली शक्ति की तरह काम करती है।

3. स्मार्ट स्टडी

उनके पढ़ाई करने के तरीके को स्मार्ट स्टडी कहते है। सम्पूर्ण पाठ्यक्रम को समय प्रबंधन के तहत समय से समाप्त करना और पढ़ाई के दौरान सूझ-बुझ से काम लेना इस प्रक्रिया में आता है। प्रतियोगी परीक्षा के टॉपर और असफल उम्मीदवार के बीच बुनियादी अंतर एक समर्पण और स्थिरता का मिलता है जो कि अभ्यास के साथ निखरता है। नई चीजों को सीखने और सीखने के तरीके को लगातार सुधारने के लिए समर्पित होना भी एक कला है।

4. नोट्स तैयार करना

तीसरी बात जो उन्हें दूसरे छात्रों से अलग करती है वह है उनकी नोट्स मेकिंग स्किल। स्कूल/कॉलेज/कोचिंग में पढ़ाए गए पाठ्य के पश्चात भी खुद अध्ययन कर अपने नोट्स तैयार करना और पाठ्यक्रम को पूरा ख़त्म करना उनको उनके टॉपर बनाने में बहुत ही महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

26800+ सरकारी नौकरी के लिए 31 जनवरी तक करें आवेदन !

5. हर टॉपिक को कांसेप्टवाइज समझें  

टॉपर कभी भी किसी भी तथ्य को रट्टा मार कर याद नहीं करते बल्कि हर तथ्य को कांसेप्ट वाइज समझते हैं। इससे इनके ज्ञान में विस्तार होने के साथ-साथ प्रश्न के विविधताओं से सामना करने का सहायता करते हैं। इससे उनमें एक अलग तरह की रिफ्लेक्टिव सोच विकसित हो पाती है और वे किसी भी प्रकार की समस्या की स्थिति में आगे बढ़ने में सक्षम हो पाते हैं।

6. रीवीजन करना

टॉपर अपने पढ़ें हुए ज्ञान को एक निश्चित अंतराल पर वैज्ञानिक तरीके से रीवीजन करते हैं ताकि वह परीक्षा के लिए उसे बेहतर तरीके से याद रख कर प्रकट कर सकें। किसी तथ्य को पढ़ने के पश्चात उसका रीवीजन 24 घंटे की अन्दर अवश्य करें। फिर से एक सप्ताह के बाद जांचें। और फिर एक माह, 6 माह के पश्चात फिर रीवीजन करें। इस प्रक्रिया से टॉपर अधिक तथ्यों को स्मरण रख पाते हैं और साधारण छात्रों से अधिक प्रदर्शन कर पाते हैं। टॉपर्स अपनी तैयारी में निरंतरता के महत्व का एहसास करते हैं और हर दिन रीवीजन करने के लिए समय निकालते हैं।

7. प्रश्न पूछने में कभी संकोच न करें

वह लोग, अपनी शंकाएं निःसंकोच व्यक्त करते है। बिना किसी भय के, अपनी बात सबके सामने रखने का साहस अपने अंदर रखते हैं। क्लास/कोचिंग/ग्रुप स्टडी में कुछ समझ में न आने पर वह अपने डाउट को तुरंत सबके सामने रखकर उसका हल प्राप्त करते हैं।

8. मॉक टेस्ट/मॉडल पेपर सॉल्व करना 

कॉम्पिटिटिव एग्जाम के टॉपर्स मॉक टेस्ट सीरीज और पिछले कुछ सालों के पेपर्स जरूर सॉल्व करते हैं। इससे उनमें इस बात का भरोसा बढ़ता है कि वे किसी भी एग्जाम को क्रैक कर सकते हैं। पुराने पेपर्स सॉल्व करने से कॉन्फिडेंस आता है। मॉक टेस्ट सीरीज हल करने से छात्रों को परीक्षा में किस तरह के सवाल आते हैं, इसका पैटर्न भी पता चलता है। इससे अच्छे नंबर लाने में मदद मिलती है। जितनी ज्यादा प्रैक्टिस होगी आपका स्कोर उतना ही बेहतर होगा।

9. परीक्षा में कठिन सवालों पर ज्यादा वक्त बर्बाद नहीं करना 

कोई भी सफलता तब तक नहीं मिल सकती, जब तक कि बेहतर टाइम मैनेजमेंट नहीं किया जाए। वैसे तो टाइम मैनेजमेंट का ध्यान पूरे सालभर रखना चाहिए, लेकिन एग्जाम के अंतिम समय में यह और भी जरूरी हो जाता है। टॉपर्स न केवल साल भर टाइम मैनेज करके चलते हैं, बल्कि एग्जाम हॉल में भी इसका ध्यान रखते हैं। जैसे कठिन सवालों पर ज्यादा वक्त बर्बाद करने की बजाय उन पर ज्यादा समय लगाते हैं जिनमें वे 100 परसेंट मार्क ला सकते हैं।

सरकारी परीक्षा में सफलता के लिए अपना स्कोर और एक्यूरेसी कैसे बढ़ाएं !

10. स्वास्थ्य पर ध्यान देना

अच्छी पढ़ाई के लिए स्वस्थ्य शरीर का होना आवश्यक है। प्रतियोगी परीक्षा निकट आते ही छात्रों में पढ़ाई के प्रति तनाव के साथ रात-दिन कड़ी मेहनत से जहां छात्र-छात्राओं का सेहत बिगड़ जाता है, जिससे ऐन वक्त पर छात्र बीमार हो जाते हैं। जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो जाती है। वहीं परीक्षा के समय अस्वस्थ्य रहने से परीक्षाफल भी प्रभावित होता है। ऐसे में छात्रों को सेहत पर पूरा ध्यान रखने की आवश्यकता है। स्वस्थ्य रहने के लिए कम से कम छह घंटा सोना अनिवार्य है। वहीं स्वस्थ्य रहने के लिए पढ़ाई के साथ-साथ अंकुरित अनाज, नियमित भोजन के साथ फल एवं दूध का सेवन करना चाहिए।

अगर आप उन छात्रों में जो टॉपर कहलाते हैं, में शामिल होना चाहते हैं तो परिश्रम पूर्वक अध्ययन करें और जो भी पढ़ें उसका कॉन्सेप्ट क्लियर करते चलें। आप अपना भविष्य नहीं बदल सकते, लेकिन आप अपनी आदतों को बदल सकते हैं और निश्चित रूप से आपकी आदतों से आपका भविष्य बदल सकता है।

यह लेख को आप को कैसा लगा हमें कमेंट कर अवश्य बताएं, लेख को लाइक करें, शेयर करें और इसे सब्सक्राइब करना न भूलें।

TyariPlus जॉइन करें !
अपनी आगामी सभी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अब सिर्फ TyariPlus की सदस्यता लें और वर्ष भर अपनी तैयारी जारी रखें-
TyariPLUS सदस्यता के फायदे

          • विस्तृत और मासिक परफॉरमेंस रिपोर्ट
          • 12 माह तक सभी परीक्षा के मॉक टेस्ट एक्सेस
          • टॉपिकवाइज टेस्ट से सुधारें बुनियादी ज्ञान
          • विशेषज्ञों द्वारा नि: शुल्क परामर्श
          • मुफ्त मासिक करेंट अफेयर डाइजेस्ट
          • विज्ञापन-मुक्त अनुभव और भी बहुत कुछ

परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले सभी उम्मीदवार अपनी परीक्षा के लिए तैयारी जारी रखें और मॉक टेस्ट से अपनी तैयारी को जांचते रहें। अनलिमिटेड मॉक टेस्ट से अभ्यास करने के लिए अभी TyariPLUS जॉइन करें।
TyariPLUS

NO COMMENTS

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.