IAS GS प्रश्न पत्र 2 हेतु 10 मुख्य विषयों पर उत्तर लेखन अभ्यास : क्या आधार भ्रष्टाचार मिटाने में सहायक हैं ?

IAS GS प्रश्न पत्र 2 हेतु 10 मुख्य विषयों पर उत्तर लेखन अभ्यास : क्या आधार भ्रष्टाचार मिटाने में सहायक हैं- IAS मुख्य परीक्षा 2017 के लिए उत्तर लेखन के अभ्यास से बहुत मदद मिलती है। इससे पता चल जाता है कि कैसे अपने समय को विभिन्न प्रश्नों के लिए वितरित किया जाए और कैसे बिंदुओं पर प्रकाश डाला जाए, जिससे अधिक अंक प्राप्त किये जा सकें।

उत्तर-लेखन प्रक्रिया का सबसे पहला चरण यही है कि उम्मीदवार प्रश्न को कितने सटीक तरीके से समझता है तथा उसमें छिपे विभिन्न उप-प्रश्नों तथा उनके पारस्परिक संबंधों को कैसे परिभाषित करता है? सच तो यह है कि आधे से अधिक अभ्यर्थी इस पहले चरण में ही गंभीर गलतियाँ कर बैठते हैं। अतः इससे बचने की जरुरत है।

 IAS GS प्रश्न पत्र 2 हेतु 10 मुख्य विषयों पर उत्तर लेखन अभ्यास 

सिविल सेवा परीक्षा में सफलता मेहनत के साथ-साथ कई अन्य कारकों पर निर्भर करती है जिनमें सबसे महत्त्वपूर्ण है आपकी उत्तर-लेखन शैली। क्योंकि उत्तर-पुस्तिका परीक्षक इस तथ्य से बिल्कुल अवगत नहीं होता कि उत्तर लेखन करने वाले अभ्यर्थी ने कितनी गंभीरता से पढ़ाई की है या उसकी परिस्थितियाँ कैसी हैं इत्यादि। परीक्षक के पास अभ्यर्थी के मूल्यांकन का एक ही आधार होता है और वह यह कि अभ्यर्थी द्वारा उत्तर-पुस्तिका में किस स्तर का उत्तर लेखन किया गया है। अगर उत्तर लेखन प्रभावी होंगे तो परीक्षक अच्छे अंक देने के लिये मजबूर हो जाएगा और यदि उत्तरों में दम नहीं है तो फिर अभ्यर्थी ने चाहे जितनी भी मेहनत की हो, उसका कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकलेगा।

आपकी सफलता या विफलता में तैयारी की भूमिका 50% से अधिक नहीं है। शेष 50% भूमिका इस बात की है कि परीक्षा के तीन घंटों में आपका निष्पादन कैसा रहा? आपने कितने प्रश्नों के उत्तर लिखे? किस क्रम में लिखे, बिंदुओं में लिखे या पैरा बनाकर लिखे, रेखाचित्रों की सहायता से लिखे या उनके बिना लिखे, साफ-सुथरी हैंडराइटिंग में लिखे या अस्पष्ट हैंडराइटिंग में, उत्तरों में तथ्यों और विश्लेषण का समुचित अनुपात रखा या नहीं- ये सभी वे प्रश्न हैं जो आपकी सफलता या विफलता में कम से कम 50% भूमिका निभाते हैं। दुर्भाग्य की बात यह है कि अधिकांश उम्मीदवार इतने महत्त्वपूर्ण पक्ष के प्रति प्रायः लापरवाही बरतते हैं और उनमें से कई तो अपने कॉलेज के बाद के जीवन का पहला उत्तर मुख्य परीक्षा में ही लिखते हैं।

यूपीएससी मुख्य परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों की प्रकृति वर्णनात्मक होती है जिसमें प्रश्नों के उत्तर को  निर्धारित शब्दों (सामान्यत:100 से 300 शब्द) में उत्तर-पुस्तिका में लिखना होता है, अत: ऐसे प्रश्नों के उत्तर लिखते समय लेखन शैली एवं तारतम्यता के साथ-साथ समय प्रबंधन आदि पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। लेखन शैली एवं तारतम्यता का विकास सही दिशा में निरंतर अभ्यास से संभव है, जिसके लिये अभ्यर्थियों को विषय की व्यापक समझ के साथ-साथ कुछ महत्त्वपूर्ण बातों का भी ध्यान रखना चाहिये। हमारा उद्देश्य दिए गए प्रश्नों के तहत अभ्यर्थियों को यही समझाने की कोशिश करना है कि उत्तर-लेखन शैली के विकास के लिये क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिये?

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भारत की राजव्यवस्था: पंचम संस्करण, एम. लक्ष्मीकान्त

हिंदी माध्यम से सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे सभी छात्रों के लिए इस पुस्तक का अध्ययन करना अत्यंत आवश्यक है। पंचम संस्करण में सिविल सर्विस के पाठ्यक्रम में हुए अभी तक के सभी बदलाव को शामिल किया गया है। पुस्तक में राजव्यवस्था के बुनियादी संकल्पनाओं, भारतीय संविधान का इतिहास और संशोधन, कार्यपालिका और न्यायपालिका के समस्त कलेवर को अत्यंत सरल भाषा में समझाया गया है। यह पुस्तक MC Graw Hill प्रकाशन से प्रकाशित की गई है।

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भारतीय राजव्यवस्था एवं प्रशासन (अरिहंत प्रकाशन)

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मैगबूक भारतीय राजव्यवस्था एवं प्रशासन (अरिहंत प्रकाशन)

यह पुस्तक सिविल सेवा के विभिन्न परीक्षाओं साथ अन्य परीक्षाओं के लिए विशेष महत्पूर्ण है। इस पुस्तक में राज्यव्यवस्था के बुनियादी तथ्यों के अतिरिक्त संविधान के तथ्यों एवं उपबंधों एवं इनका समसामयिक परिदृश्य के अनुरूप रोचक प्रस्तुतीकरण किया गया है। पुस्तक में प्रशासन एवं नीति निर्माण के तत्वों पर भी विशेष फोकस डाला गया है।

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IAS GS प्रश्न पत्र 2 हेतु 10 मुख्य विषयों पर उत्तर लेखन अभ्यास : क्या आधार भ्रष्टाचार मिटाने में सहायक हैं ?

प्रश्न : क्या आपको लगता है कि आधार भ्रष्टाचार समाप्त होने में प्रभावी रहा है? विस्तृत विवेचन कीजिए।

उत्तर : पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत राजीव गांधी ने कभी कहा था कि सरकार की ओर से एक रुपया दिया जाता है लेकिन आम आदमी को केवल 15 पैसा मिल पाता है। राजीव गांधी की इस पीड़ा पर मरहम लगाने का काम अब आधार के व्यापक चलन से होना शुरू हो गया है। अब आधार व्यवस्था के तहत लाभ वास्तव में उन लोगों को मिलना शुरू हो चूका है जो इसके हकदार हैं।

आंखों की पुतलियों और फिंगर प्रिंट की वजह से कोई भी व्यक्ति डुप्लीकेट आधार कार्ड नहीं बनवा सकता और निजता के अधिकार का सम्मान करते हुए सरकार द्वारा एकत्र आधार आंकड़ों को पूरी तरह गोपनीय रखा जाता है। इस बारे में सरकार की ओर से स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए गए हैं। यह प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित, संरक्षित एवं जवाबदेह है।

विश्‍व बैंक की वैश्‍विक निगरानी रिपोर्ट 2014-15 में ‘एंडिंग पावर्टी एंड शेयरिंग प्रोस्‍पेरेटी’ नामक रिपोर्ट में भी माना गया है कि भारत में ‘आधार’ कार्यक्रम के तहत सरकारी पहचान नंबर लागू करने का उद्देश्‍य सुरक्षा में सुधार, पुख्‍ता मतदान प्रक्रिया लागू करना, धोखाधड़ी और भ्रष्‍टाचार कम करने जैसी सरकारी सेवाओं की डिलीवरी में सुधार लाना है। सूचना और संचार प्रौद्योगिकी में वैश्‍विक गरीबी के खिलाफ लड़ाई और समृद्धि के बंटवारे को बढ़ावा देने की अपार क्षमता है।

आधार से सब्सिडी की डिलिवरी मॉडल की अनियमितताएं सुधरेंगी और इससे भ्रष्टाचार को काबू में करने में मदद मिलेगी।इसका उदाहरण महाराष्ट्र सरकार में सामने आया है। जहाँ महाराष्ट्र सरकार आदिवासी बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च उठाती है। जांच के बाद वहां 30 से 40 फीसदी बच्चों की संख्या और शिक्षकों की 20 फीसदी संख्या कम हो गई। यह संख्या इसलिए कम हुई क्योंकि इन बच्चों और शिक्षकों का अस्तित्व ही नहीं था जबकि इनके नाम पर लाभ लिया जाता था। मनरेगा में, डीबीटी में, एलपीजी में, पेंशन योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर अपात्र व्यक्तियों ने लाभ लिया और पात्र व्यक्ति वंचित रह गए। आधार की वजह से इस पर रोक लगी है। अपात्र व्यक्तियों ने जो लाभ लिया वह विकास कार्यों के लिए करदाताओं से मिली राशि थी। आधार कार्ड को जनधन योजना से जोड़ने पर 50,000 करोड़ रुपए की एलपीजी सब्सिडी की बचत हुई है।

यही हाल पूरे भारतवर्ष में हैं। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से राशन उठाने के लिए लोग फर्जी राशनकार्ड बनवा लिए है। खेत जमीन पक्का घर और नौकरी है, चल रहे है निजी गाड़ी से लेकिन राशनकार्ड बीपीएल और अन्त्योदय का बना हुआ है। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की होड़ मची है। किन्तु उसी गाँव में कुछ ऐसा भी गरीब परिवार है जो वास्तविक रूप से लाभान्वित होने का हकदार है लेकिन वह इससे वंचित है। कुछ ऐसे भी कोटेदार और ग्राम प्रधान है जिनकी मिलीभगत से फर्जी बीपीएल और अन्त्योदय कार्ड बन गया है जिसका लाभ हर महीने खुद वही लोग उठा रहे है।

आइये अब बात करते है फर्जी जनसंख्या की। पूरे देश में बहुत से ऐसे लोग है जो गाँव छोड़कर शहर में बस गये है लेकिन उनका नाम गाँव के मतदाता सूचीं के साथ साथ शहर के मतदाता रजिस्टर में भी दर्ज है। ऐसे लोग प्रायः दोनों जगह वोट देते है। लोकल चुनाव में इनका बोलबाला होता है। ऐसे दो दो जगह निवास प्रमाण से देश की जनसंख्या करोड़ो में बढ़ जाती है जिससे सरकारी योजना का खर्च वास्तविक आबादी के सापेक्ष से ज्यादा होता है। इसी तरह टैक्स का मसला हो या फिर बैंक खातो में लेनदेन की बात हो अथवा कालेधन के निवेश का मामला हो सब जगह गोलमाल हो रहा है। भ्रष्टाचार से काली कमाई करने वाले जब बेनामी सम्पत्ति में अपना धन खपाते है तो उसके लिए भी आधार की अनिवार्यता नही होना एक कारण बनता है।

तमाम बाधाओं और अवरोधों के वावजूद केंद्र सरकार आधार को सभी प्रकार की सेवाओं के लिए अनिवार्य करने के अपने संकल्प पर अड़ी हुई है। और शनैः शनैः उस दिशा में आगे बढ़ रही है। अब एक जुलाई से इनकम टैक्स और पैन कार्ड के लिए आधार जरूरी हो गया है। इसी तरह अब खाता खोलने के लिए आधार अनिवार्य हो गया है। यदि आप 50 हजार रूपये या उससे अधिक का लेनदेन करेगे तो आधार कार्ड देना पड़ेगा। इतना ही नही बैंक के वर्तमान ग्राहक को भी अपना खाता आधार से लिंक कराना होगा वरना दिसंबर 2017 तक खाता को निष्क्रिय कर दिया जायेगा। इसके अतिरिक्त अन्य सरकारी लाभ पाने के लिए भी आधार कार्ड जरूरी होगा। मोबाइल फोन सर्विस ऑपरेटर को भी अब अपने ग्राहक का आधार कार्ड डाटा संरक्षित करना होगा।

इसी तरह जब हर जगह आधार अनिवार्य होगा तो लेनदेन में पारदर्शिता आयेगी और भ्रष्टाचार कम होगा। जिस दिन जमीन जायजाद और प्रापर्टी खरीदने में भी आधार कार्ड अनिवार्य हो जायेगा उस दिन से बेनामी सम्पत्ति और कालेधन के निवेश में प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसलिए आधार की अनिवार्यता का विरोध करने की बजाय इसे जीएसटी [एक देश एक कर] की तर्ज़ पर एक देश एक पहचान के रूप में लागू कराना चाहिए। जिससे पहचान के अनेक विकल्पों के झॅझट से मुक्ति मिल सके और भ्रष्टाचार पर सम्पूर्ण लगाम लग सके।

GS

हमारे द्वारा दिए जा रहे उत्तर UPSC की सिविल सेवा परीक्षा (IAS परीक्षा) के मानक उत्तर न होकर सिर्फ एक प्रारूप हैं। जिससे अभ्यर्थी उत्तर लेखन की रणनीति से अवगत हो सकेगा। वह उत्तर में निर्धारित समयसीमा में कलेवर को समेटने और समय प्रबंधन की रणनीति से परिचय पा सकेगा। जिससे वह सम्पूर्ण परीक्षा को समयसीमा में हल करने में समर्थ होगा।

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4 REPLIES

    1. OnlineTyari Team Post author

      हम प्रतिदिन IAS मुख्य परीक्षा पर आधारित एक प्रश्न का उत्तर प्रदान कर रहे हैं. कृपया उत्तर पाने के लिए हमसे जुड़े रहे.

      Reply
  1. SANDAL

    एक बस के गहरी खाई में गिरने से लोगों की मौत हो गई और और गंभीर रूप से घायल हुए इस ह्रदयविदारक दृश्य का आँखोंदेखा हाल लिखिए

    Reply

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