IAS मुख्य परीक्षा के GS प्रश्नपत्र 4 का विश्लेषण: 6 दिसम्बर 2016

IAS मुख्य परीक्षा के GS प्रश्नपत्र 4 का विश्लेषण (6 दिसम्बर): UPSC IAS सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे चुनौतीपूर्ण परीक्षाओं में से एक माना जाता है। प्रत्येक वर्ष, लाखों उम्मीदवार, सिविल सेवा परीक्षा के लिए उपस्थित होते हैं। UPSC ने IAS मुख्य परीक्षा के GS प्रश्नपत्र 4 का आयोजन 6 दिसम्बर 2016 को किया था।

इस लेख का मुख्य उद्देश्य, IAS मुख्य परीक्षा के GS प्रश्नपत्र 4 का विश्लेषण करना है। इसके साथ-साथ, हम IAS मुख्य परीक्षा के GS प्रश्नपत्र 4 में पूछे गए सभी प्रश्नों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

IAS मुख्य परीक्षा का GS प्रश्नपत्र 4

UPSC ने IAS मुख्य परीक्षा के GS प्रश्नपत्र 4 का आयोजन 6 दिसम्बर को किया था। उम्मीदवार को 14 प्रश्नों के उत्तर देने थे। तो, आइये, प्रश्नपत्र पर विस्तार से चर्चा करते हैं।

 IAS मुख्य परीक्षा का GS प्रश्नपत्र 4

Q1. (a) स्पष्ट कीजिये कि आचारनीति समाज और मानव का किस प्रकार भला करती है।

(b) क्या कारण है कि निष्पक्षता और अपक्षपातीयता को लोक सेवाओ में, विशेषकर वर्तमान सामाजिक-राजनीतिक संदर्भ में, आधारभूत मूल में समझना चाहिए ? अपने उत्तर को उदाहारण के साथ स्पष्ट कीजिये।

Q2. (a) ‘शासन’, ‘सुशासन’ और ‘नैतिक शासन’ शब्दों से आप क्या समझते हैं ?

(b) महात्मा गाँधी की सात पापों की संकल्पना की विवेचना कीजिये।

Q3. (a) भारत के संदर्भ में सामाजिक न्याय की जॉन रॉल्स की संकल्पना का विश्लेषण कीजिये।

(b) द्वितीय प्रशानिक सुधार आयोग द्वारा सिफारिशकृत (अनुशंसित) लोक सेवा संहिता की विवेचना कीजिये।

Q4. (a) “भ्रष्टाचार” सरकारी राजकोष का दुरूपयोग ,प्रशासनिक अदक्षता एवं राष्ट्रीय विकास के मार्ग में बाधा उत्पन्न करता है।” कौटिल्य के विचारों की विवेचना कीजिये।

(b) सामाजिक प्रभाव और समझाना-बुझाना स्वच्छ भारत अभियान की सफलता के लिए किस प्रकार योगदान कर सकते हैं?

Q5. विधि और आचारनीति मानव आचरण को नियंत्रित करने वाले दो उपकरणमाने जाते हैं ताकि आचरण को सभ्य सामाजिक अस्तित्व के लिए सहायक बनाया जा सके।

(a) चर्चा कीजिये कि वे इस उद्देश्य की किस प्रकार पूर्ति करते हैं।

(b) उदाहरण देते हुए यह बताइए कि ये दोनों अपने उपागमों में किस प्रकार एक-दूसरे से भिन्न हैं।

Q6. जीवन, कार्य, अन्य व्यक्तियों एवं समाज के प्रति हमारी अभिवृत्तियां आमतौर पर अनजाने में परिवार एवं उस सामाजिक परिवेश के द्वारा रूपित हो जाती है, जिसमें हम बड़े होते हैं। अनजाने में प्राप्त इनमें से कुछ अभिवृत्तियां एवं मूल्य अक्सर आधुनिक लोकतांत्रिक एवं समतावादी समाज के नागरिकों के लिए अवांछनीय होते हैं।

(a) आज के शिक्षित भारतीयों में विद्यमान ऐसे अवांछनीय मूल्यों की विवेचना कीजिये।

(b) ऐसी अवांछनीय अभिवृत्तियों को कैसे बदला जा सकता है तथा लोक सेवाओं के लिए आवश्यक समझे जाने वाले सामजिक-नैतिक मूल्यों को आकांक्षी तथा कार्यरत लोक सेवकों में किस प्रकार संवर्धित किया जा सकता है?

Q7. क्रोध एक नकारात्मक हानिकारक संवेग है। यह व्यक्तिगत जीवन एवं कार्य जीवन दोनों के लिए हानिकारक है।

(a ) चर्चा कीजिये कि यह किस प्रकार नकारात्मक संवेगों और अवांछनीय व्यवहारों को पैदा कर देता है।

(b) इसे कैसे व्यवस्थित एवं नियंत्रित किया जा सकता है ?

Q8. “मैक्स वैबर ने कहा था कि जिस प्रकार के नैतिक प्रतिमानों को हम व्यतिगत अंतरात्मा के मामलों पर लागू करते हैं, उस प्रकार के नैतिक प्रतिमानों को लोक प्रशासन पर लागू करना समझदारी नहीं है। इस बात को समझ लेना महत्वपूर्ण है कि हो सकता है कि राज्य के अधिकारीतंत्र के पास अपनी स्वयं की स्वतंत्र अधिकारीतंत्रीय नैतिकता हो।” इस कथन का समालोचनापूर्वक विश्लेषण कीजिये।

Q9. इंजीनियरी की एक नई स्नातक(ग्रेजुएट) को एक प्रतिष्ठान रासायनिक उद्योग में नौकरी मिली है। वह कार्य को पसंद करती है। वेतन भी अच्छा है। फिर भी, कुछ महीनों के पश्चात् इत्तफाक से उसने पाया कि उच्च विषाक्त अपशेष को गोपनीय तरीके से नजदीकी नदी में प्रवाहित किया जा रहा है। यह अनुप्रवाह में रहने वाले ग्रामीणों, जो पानी की आवश्यकता के लिए नदी पर निर्भर हैं, के स्वास्थ्य की समस्याओं का कारण बन सकता है। वह विचलित है और अपनी चिंता सहकर्मियों को प्रकट करती है, जो लंबे समय से कंपनी के साथ रहे हैं। वे उसे चुप रहने की सलाह देते हैं क्योंकि जो भी इस विषय का उल्लेख करता है, उसको नौकरी से निकाल दिया जाता है। वह अपनी नौकरी खोने का खतरा नहीं ले सकती, क्योंकि वह अपने परिवार की एकमात्र जीविका चलाने वाली हैतथा उसे अपने बीमार माता-पिता एवं भाई-बहनों का भरण-पोषण करना है। प्रथमत: वह सोचती है यदि उसके वरिष्ठ चुप हैं, तो वह ही क्यों अपनी गर्दन बाहर निकाले। परन्तु उसका अंत:करण नदी को एवं नदी पर निर्भर रहने वाले लोगों को बचाने के लिए कुछ करने की प्रेरणा देता है। अंत: करण से वह महसूस करती है कि उसके मित्रों द्वारा चुप रहने का दिया गया परामर्श उचित नहीं है, यद्यपि वह उसके कारण नहीं बता सकती है। वह सोचती है कि आप एक बुद्धिमान व्यक्ति है तथा वह आपका परामर्श पूछती है।

(a) चुप रहना उसके लिए नैतिक रूप से सही नहीं है, यह दर्शाने के लिए आप क्या तारक प्रस्तुत कर सकते हैं?

(b) आप उसे कौनसा रास्ता अपनाने की सलाह देंगे और क्यों?

Q10. खनन, बांध एवं अन्य बड़े पैमाने की परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि अधिकांशतः आदिवासियों एवं पहाड़ी निवासियों एवं ग्रामीण समुदायों से अर्जित की जाती है। विस्थापित व्यक्तियों को कानूनी प्रावधानों के अनुरूप मौद्रिक मुआवज़ा दिया जाता है। फिर भी , भुगतान प्रायः धीमी गति से होता है। किसी भी हालत में विस्थापित परिवार लम्बे समय तक जीवनयापन नहीं कर पाते। इन लोगो के पास बाज़ार की आवश्यकतानुसार किसी दूसरे धंधे में लगने का कौशल भी नहीं होता है। वे आखिरकार कम मज़दूरी वाले आवर्जिक (प्रवासी) श्रमिक बन जाते हैं। इसके आलावा, उनके सामुदायिक जीवन के परंपराग तरीके अधिकांशतः समाप्त हो जाते हैं। अतः विकास के लाभ उद्योगों, उद्योगपतियों एवं नगरीय समुदायों को चले जाते हैं, जबकि विकास की लागत इस ग़रीब असहाय लोगो पर डाल दी जाती है। लागतों एवं लाभों का यह अनुचित वितरण अनैतिक है।

यदि आपको ऐसे विस्थापित व्यक्तियों के लिए अच्छे मुआवज़े एवं पुनःवास की नीति का मसौदा बनाने का कार्य दिया जाता है ,तो आप इस समस्या के सम्बन्ध में क्या दृष्टिकोण रखेंगे एवं आपके द्वारा सुझाई गयी  नीति के मुख्य तत्व कौन-कौन से होंगे ?

Q11. कल्पना करें कि आप एक सामाजिक सेवा योजना की क्रियान्विति के कार्य प्रभारी हैं, जिससे बूढी एवं निराश्रय महिलाओं को सहायता प्रदान करनी है। एक बूढी एवं अशिक्षित महिला योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आपके पास आती है। यद्यपि, उसके पास पात्रता के मानदंडों को पूरा करने वाले कागज़ात दिखाने के लिए नहीं हैं। परन्तु उससे मिलने एवं उसे सुनने से आप यह महसूस करते हैं की उसे सहायता की निश्चित रूप से आवश्यकता है। आपकी जांच में यह भी आया है कि वास्तव में वह दयनीय दशा में निराश्रित जीवन व्यतीत कर रही है। आप इस धर्म संकट में हैं कि क्या किया जाए। उसे बिना कागज़ात के योजना में सम्मलित किया जाना, नियमों का स्पष्ट उल्लंघन होगा। उसे सहायता के लिए मना करना भी निर्दयता एवं अमानवीय होगा।

(a) क्या आप इस धर्मसंकट के समाधान के लिए कोई तार्किक तरीका सोच सकते हैं?

(b) इसके लिए अपने कारण बतलाइए।

Q12. आप एक सरकारी कार्यालय में अपने विभाग के निदेशक के रूप में कार्यरत एक युवा, उच्चाकांक्षी एवं निष्कपट कर्मचारी हैं। जैसा कि आपने अभी पद ग्रहण किया है, आपको सीखने एवं प्रगति की आवश्यकता है। भाग्यवश आपका उच्चस्थ बहुत दयालु एवं आपको अपने कार्य के लिए प्रशिक्षित करने के लिए तैयार है। वह बहुत बुद्धिमान एवं पूर्ण जानकार व्यक्ति है, जिसे विभिन्न विभागों का ज्ञान है। संक्षेप में, आप अपने बॉस का सम्मान करते हैं तथा उससे कुछ सीखने को उत्सुक हैं।

जैसा कि आपके साथ बॉस के अच्छे संबंध हैं, वह आप पर निर्भर करने लगा है। एक दिन ख़राब स्वास्थ्य के कारण उसने आपको कुछ आवश्यक कार्य पूरा करने के लिए घर पर बुलाया।

आप उसके घर पहुंचे एवं घंटी बजाने से पूर्व आपने जोर-जोर से चिल्लाने का शोर सुना। आपने कुछ समय प्रतीक्षा की। घर में प्रवेश करने पर बॉस ने आपका अभिनंदन किया तथा कार्य के बारे में बतलाया। परन्तु आप एक औरत के रोने की आवाज से निरंतर व्याकुल रहे। अंत में आपने अपने बॉस से पूछा परन्तु उसने संतोषप्रद जबाव नहीं दिया।

अगले दिन आप कार्यालय में इसके बारे में आगे जानकारी करने को उद्वेलित हुए एवं मालूम हुआ कि उसका घर में अपनी पत्नी के साथ व्यवहार बहुत ख़राब है। वह अपनी पत्नी की मारपीट भी करता है। उसकी पत्नी ठीक से शिक्षित नहीं है तथा अपने पति की तुलना में एक सरल महिला है। आप देखते हैं कि आपका बॉस कार्यालय में अच्छा व्यक्ति है, परन्तु घर पर वह घरेलू हिंसा में संलिप्त है।

इस स्थिति में, आपके सामने निम्लिखित विकल्प बचे हैं। प्रत्येक विकल्प का परिणामों के साथ विश्लेषण कीजिये।

(a) इसके बारे में सोचना छोड़ दीजिये क्योंकि यह उसका व्यक्तिगत मामला है।

(b) उपयुक्त प्राधिकारी को मामले को प्रेषित कीजिये।

(c) स्थिति के बारे में आपका स्वयं का नवप्रवर्तनकारी  दृष्टिकोण।

Q13. ए.बी.सी. लिमिटेड एक पारराष्ट्रीय कंपनी है जो विशाल शेयरधारक के आधार पर विविध व्यापारिक गतिविधियाँ संचालित करती है। कंपनी द्वारा निरंतर विस्तार एवं रोजगार सर्जन हो रहा है। कंपनी ने अपने विस्तार एवं विविधता कार्यक्रम के अंतर्गत विकासपुरी, जो एक अविकसित क्षेत्र है, में एक नया संयंत्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। नया संयंत्र ऊर्जा दक्ष प्रौद्योगिकी के प्रयोग के अनुरूप प्रारूपित किया गया है जो कंपनी के उत्पादन लागत को 20% बचायेगी। कंपनी के निर्णय सरकार की अविकसित क्षेत्रों के विकास के लिए निवेश को आकर्षित करने की नीति के अनुरूप हैं। सरकार ने उन कम्पनियों कोपांच वर्ष के लिए करों में छूट (टैक्स होलीडे) की घोषणा की है जो अविकसित क्षेत्र में निवेश करती है। फिर भी, नया संयंत्र विकासपुरी क्षेत्र के शान्तिप्रिय निवासियों के लिए अव्यवस्थापैदा कर देगा। नए संयंत्र के परिणामस्वरूप जीवनयापन की लगत बढ़ेगी, क्षेत्र में विदेशी प्रवसन से सामजिक एवं आर्थक व्यवस्था प्रभावित होगी। कंपनी को संभावित विरोध का आभास होने पर, उसने विकासपुरी क्षेत्र के लोगों एवं जनता को यह बताने के कोशिश की कि कम्पनी की निगमीय सामाजिक उत्तरदायित्व की नीति विकासपुरी क्षेत्र के निवासियों की संभावित कठिनाइयों को रोकने में मददगार रहेगी। इसके बावजूद भी विरोध प्रारंभ होता है तथा कुछ निवासी न्यायपालिका जाने का इस आधार पर निर्णय करते हैं कि इससे पूर्व सरकार के सामने दिए गए तर्कों का कोई परिणाम नहीं निकला था।

(a) इस मामले में अन्त:निहित समस्याओं की पहचान कीजिये।

(b) आप कंपनी के लक्ष्यों एवं प्रभावित निवासियों की संतुष्टि के लिए क्या सुझाव दे सकते हैं?

Q14. सरस्वती यू.एस.ए. में सूचना प्रौद्यिगिकी की एक सफल पेशेवर थी। अपने देश के लिए कुछ करने की राष्ट्र-भावना से प्रेरित होकर वह वापस भारत आई। उसने गरीब ग्रामीण समुदाय के लिए एक पाठशाला निर्माण के लिए एक जैसे विचारों वाले कुछ मित्रों के साथ एक गैर-सरकारी संगठन बनाया।

पाठशाला का लक्ष्य नाममात्र की लागत पर उच्च स्तरीय आधुनिक शिक्षा प्रदान करना था। उसने जल्दी ही पाया कि उसे सरकारी एजेंसियों से अनुमति लेनी होगी। नियम एवं प्रक्रियाएं काफी अस्पष्ट और जटिल थी। अनावश्यक देरियों, अधिकारियों की कठोर प्रवृत्ति एवं घूस की लगातार मांग से वह सबसे ज्यादा हतोत्साहित हुई। उसके एवं उसके जैसे दूसरों के अनुभव ने लोगों को सामाजिक सेवा परियोजनाओं को लेने से रोका हुआ है।

स्वैच्छिक सामाजिक कार्य पर सरकारी नियंत्रण के उपाय आवश्यक हैं। परन्तु इन्हें बाध्यकारी या भ्रष्टरूप में प्रयोग नहीं लिया जाना चाहिए। आप क्या उपाय यह सुनिश्चित करने के लिए सुझायेंगे कि जिससे आवश्यक नियंत्रण के साथ नेक इरादों वाले इमानदार गैर-सरकारी संगठन के प्रयासों में बाधा नहीं आये?

IAS मुख्य परीक्षा के GS प्रश्नपत्र 4 को पूरी तरह से देखने के बाद, तो, आइये, अब IAS मुख्य परीक्षा के GS प्रश्नपत्र 4 के विश्लेषण की ओर अपना ध्यान केंद्रित करते हैं।

IAS मुख्य परीक्षा के GS प्रश्नपत्र 4 का विश्लेषण

यहाँ, पर, हम IAS मुख्य परीक्षा के GS प्रश्नपत्र 4 के विश्लेषण को महत्वपूर्ण बिंदुओं के रूप में तैयार करने का प्रयास करेंगे। तो, आइये, प्रश्नपत्र का एक त्वरित विश्लेषण करते हैं:

  • IAS मुख्य परीक्षा के जनरल स्टडीज प्रश्नपत्र 4 में, कानून, नैतिकता, भावनात्मक प्रबंधन, प्रशासन, स्वच्छ भारत अभियान आदि जैसे टॉपिक्स को कवर किया गया था।
  • IAS मुख्य परीक्षा के जनरल स्टडीज प्रश्नपत्र 4 में प्रश्नों में कई सब-सेक्शन थे। प्रश्नों के संबंध में अंकों का आंतरिक विभाजन था।

कुल मिलाकर हम यह निष्कर्ष निकालते हैं कि UPSC IAS मुख्य परीक्षा के GS प्रश्नपत्र 4 (6 दिसम्बर 2016) में पूछे गए प्रश्नों का स्तर मध्यम था।

हम उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपको IAS मुख्य परीक्षा के GS प्रश्नपत्र 4 की एक बेहतर समझ प्रदान करेगा। यहां हम IAS मुख्य परीक्षा के GS प्रश्नपत्र 4 के विश्लेषण को समाप्त करते हैं।

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