IAS प्रारंभिक परीक्षा 2019 : भूगोल की तैयारी कैसे करें

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IAS प्रारंभिक परीक्षा 2019 : भूगोल की तैयारी कैसे करें

IAS प्रारंभिक परीक्षा 2019 : भूगोल की तैयारी कैसे करें: यदि आप IAS प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा 2019 दोनों में अच्छा स्कोर करना चाहते हैं, तो यह काफी हद तक आपकी भूगोल की तैयारी पर निर्भर करता है। इस लेख में हम, सिविल सेवा परीक्षा के एक भाग के रूप में भूगोल की तैयारी के लिए एक विस्तृत रणनीति बनाने पर चर्चा करेंगे। कृपया, इस लेख का कोई भी भाग या खंड न छोड़ें क्योंकि यह आपको अच्छे अंक दिला सकता है।

IAS प्रारंभिक परीक्षा में सफल होने के लिए इनका अत्यधिक महत्त्व है। हम आपको भूगोल के बारे में संक्षिप्त परिचय देते हुए शुरुआत करते हैं।

IAS प्रारंभिक परीक्षा 2019: भूगोल का परिचय

Table of Contents

इससे पहले कि हम आगे बढ़ें, पिछले कुछ वर्षों में हुए IAS प्रारंभिक परीक्षाओं का एक संक्षिप्त ब्योरा यहां दिया गया है। इन्हें ध्यान से देखिये और पिछले कुछ वर्षों में भूगोल में पूछे गए प्रश्नों की संख्या का विश्लेषण कीजिये:

वर्ष पूछे गए प्रश्न
2011 16
2012 20
2013 15
2014 20
2015 14
2016 12
2017 10

IAS प्रारंभिक परीक्षा परीक्षा में पूछे गए कुल प्रश्नों में से 15-20% प्रश्न भूगोल से होते हैं। अब CSAT को केवल क्वॉलिफ़ाइंग कर दिया गया है। तो ज़ाहिर सी बात है कि भूगोल के 30-40 अंकों का आपके IAS प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम पर गहरा असर पड़ेगा। OnlineTyari आपको इस बात को ध्यान में रखने और इस खंड पर विशेष ध्यान देने की सलाह देता है।

IAS प्रारंभिक परीक्षा 2019: भूगोल की तैयारी के लिए टिप्स और अध्ययन गाइड

UPSC के पाठ्यक्रम और भूगोल को इसके एक भाग के रूप में समझना: UPSC IAS प्रारंभिक परीक्षा के पाठ्यक्रम में भूगोल का एक विषय के तौर पर सीधा और स्पष्ट उल्लेख होता है। यदि आप सिविल सेवा परीक्षा के संशोधित UPSC IAS पाठ्यक्र्म को देखें तो आप वहां क्रमबद्ध रूप से भारत और विश्व का भूगोल: भारत और विश्व का भौतिक, सामाजिक और आर्थिक भूगोल पाएंगे।

भूगोल को दो भागों में बांटा गया है:

  1. भारत का भूगोल
  2. विश्व का भूगोल

सामान्यत: ऐसा देखा गया है कि प्रारंभिक परीक्षा में भारत के भूगोल पर महत्त्व दिया जाता है। एक IAS उम्मीदवार के रूप में, आपको अपने लक्ष्यों को प्राथमिकताओं के अनुसार चुनना होगा। लेकिन, इसका ये अर्थ बिलकुल नहीं है कि आप विश्व के भूगोल को हल्के में लें।

भारत के भूगोल के लिए कैसे तैयारी करें?

इससे पहले की हम भारत के भूगोल के लिए एक विस्तृत रणनीति बनाने की ओर बढ़ें, सबसे पहले एक नज़र इसके पाठ्यक्रम पर डालते हैं। भारत के भूगोल (IAS प्रारंभिक परीक्षा) के लिए UPSC पाठ्यक्रम के अंतर्गत भारत का भौतिक, सामाजिक और आर्थिक भूगोल आता है।

एक स्पष्ट दृष्टिकोण के लिए, हम आपके लिए भारत के भूगोल के इन संबंधित उपखंडों को वर्गीकृत किए हैं:

भारतीय भूगोल: व्यापक स्तर पर वर्गीकरण

भारतीय भूगोल को व्यापक रूप से निम्नलिखित भागों में विभाजित किया जा सकता है:

  1. प्राकृतिक भूगोल
  2. भारत का नदी तंत्र
  3. जलवायु
  4. भारत की खनिज संपदा
  5. मृदा और उसके प्रकार
  6. खेती
  7. जंगल
  8. जीव-जगत और उनका संरक्षण
  9. मानव भूगोल

सही दृष्टिकोण: भारत का भौतिक, सामजिक और आर्थिक भूगोल

1. विषय की गहराई तक जाने का प्रयास करें:

भारत के भौतिक भूगोल की तैयारी करते हुए एक बात का हमेशा ध्यान रखिए कि केवल तथ्यों का पीछा न करें। तथ्यों को केवल रट लेना काफी नहीं है और इसका कोई मतलब नहीं है। इससे पहले कि आप भौतिक भूगोल की ओर बढ़ें, Onlinetyari आपको सबसे पहले भौतिक भूगोल के बेसिक को स्पष्ट रूप से समझने की सलाह देता है। एक बार आप भौतिक भूगोल के बेसिक कॉन्सैप्ट से परिचित हो जाएं तो आप भारत के भौतिक भूगोल के अध्ययन के लिए तैयार हैं। यहां प्रत्येक खंड और उसके उपखंडों को विस्तार से समझें।

उदाहरण के तौर पर यदि आपको भारत का प्राकृतिक भूगोल समझना है, तो आप इस विषय से संबंधित विशेष स्त्रोतों से जानकारी लेना प्रारंभ करें। ऐसा करते हुए आप प्रत्येक भौगोलिक परिवेश को समझेंगे, इसी के साथ उनकी निर्माण प्रक्रिया को भी जानेंगे, उन परिवेशों की खनिज संपदा और वहां की जलवायु के मौजूदा हालत का कारण भी समझेंगे। वहां की वनस्पतियों के विषय में जानेंगे और इसके मानवीय गतिविधियों और जलवायु पर पड़े प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रभाव को समझेंगे।

इसी प्रकार ”भारत के नदी तंत्र” के अध्ययन के लिए इनके उद्भव, वर्गीकरण और जल निकासी प्रणाली (वे राज्य जिनसे होकर ये नदियां गुजरती हैं), नदी तंत्र की विशेषताएं, दो नदी तंत्रों के मध्य अंतर तथा प्रत्येक नदी तंत्र की विशिष्टताओं पर विशेष ध्यान देने की ज़रूरत है। भारत के नदी तंत्रों के बारे में अत्यधिक रोचक तथ्य हैं। उदाहरण के तौर पर, पूर्व की ओर बहने वाली नदियां डेल्टा का निर्माण करती हैं, कुछ नदियां पश्चिम की ओर बहती हैं जबकि अधिकतर नदियां पूर्व की ओर ही बहती हैं। इससे संबंधित बहुत सी जानकारी NCERT की पुस्तकों में उपलब्ध है, जिन्हें भली भांति समझना और याद करना आवश्यक है। सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में इन विषयों से पहले भी सीधे प्रश्न पूछे गए हैं और आगे भी ऐसा होने की संभावना है।

जलवायु एक रोचक हिस्सा होने के साथ ही महत्वपूर्ण भी है। भारतीय मॉनसून को समझने के लिए NCERT से बेहतर पुस्तक कोई नहीं है। जब आप भारत की जलवायु का अध्ययन करें तो ध्यान रहे कि भारत की जलवायु को तय करने वाले कारकों जैसे ऊपरी हवा सर्कुलेशन, मग़रिबी हवा (westerlies), जेट धाराएं और चक्रवात (उष्णकटिबंधीय और शीतोष्ण), एल-नीनो, ला-नीनो को अवश्य जान और समझ लें।

खनिजों की स्थिति, उनकी गुणवत्ता, प्रयोग, नुकसान और इन सभी के पीछे मौजूद कारणों को भी जानना महत्वपूर्ण है, तभी आप भारत की खनिज संपदा को ठीक तरह से समझ पाएंगे।

2. सही पुस्तकों और स्रोतों की मदद लें

कक्षा 6 से 12 तक की भूगोल की NCERT की पुस्तकें।

Oxford student Atlas या Orient Blackswan Atlas । अपना आधार मजबूत करने के लिए NCERT की कक्षा 6-10 की पुस्तकों की सहायता लें। जबकि कक्षा 11 और 12 की चार पुस्तकें आपको भूगोल के एक अधिक व्यापक रूप से परिचित कराएंगी।

पढ़ते समय महत्वपूर्ण बिन्दुओं को अवश्य हाइलाइट कर लें तथा साथ ही नोट्स भी बनाते रहें।

3. स्कूल के एटलस का प्रयोग करें

इस बात से तो हम सभी सहमत हैं कि भूगोल कई बार बहुत बोरिंग भी हो सकता है। तो ऐसे में, क्यों न हम नक्शों की मदद लें? किसी भी चीज़ का चित्रात्मक प्रेसेंटशन हमेशा ही आपको बेहतर समझ आता है और ज़्यादा देर तक याद भी रहता है। भूगोल की तैयारी करते हुए हमेशा अपने साथ एक एटलस रखें।

4. अपनी तैयारी को परखें और अपनी गलतियों से सीखें

हमें कभी भी IAS परीक्षा की तैयारी को हल्के में लेने की भूल नहीं करनी चाहिए। शुरुआत करने के लिए, आप पिछले वर्षों में आए प्रश्नपत्रों को हल करने से प्रारंभ कर सकते हैं। बाज़ार में उपलब्ध विभिन्न प्रश्न बैंकों की मदद भी ली जा सकती है। कोशिश करें कि आप हर सप्ताह अपना टेस्ट लें, जिससे कि आप अपनी तैयारी में सुधार देख पाएं। एक अच्छी टेस्ट सीरीज़ आपको स्वयं को जांचने में बेहतर सहयोग करेगी और आप बेहतर सुधार कर पाएंगे।

विश्व के भूगोल के लिए कैसे तैयारी करें?

भौतिक भूगोल से जुड़े हुए कई घटनाक्रम और अनेकों कॉन्सैप्ट वैश्विक भूगोल का हिस्सा हैं। यहां इस बात को साफ कर देना अत्यंत आवश्यक है कि विश्व के भूगोल की आपकी समझ आपके लिए भारतीय भौतिक भूगोल और वातावरण जैसे कुछ विषयों को काफी आसान बना देगी।

विश्व का भूगोल: व्यापक स्तर पर वर्गीकरण:

वैश्विक भूगोल को व्यापक स्तर पर निम्नलिखित भागों में विभाजित किया जा सकता है:

  1. पृथ्वी और ब्रह्माण्ड
  2. भू-आकृतियां और उनका निर्माण
  3. वातावरण
  4. पवन प्रणाली
  5. बादल और प्रेसीपिटेशन
  6. हाइड्रोस्फेयर
  7. विश्व की विभिन्न प्रकार की जलवायु और जलवायु परिवेश

1. प्रत्येक विषय को छोटे–छोटे उप-विषयों में विभाजित कर लें

कोई एक विषय चुन लें और फिर इसे उप-विषयों में वर्गीकृत कर लें। नीचे दी गई सूची आपको इस विषय में बेहतर समझा पाएगी कि किसी एक विषय में क्या-क्या सम्मिलित होता है।

उदाहरण के तौर पर, हम “पृथ्वी और ब्रह्माण्ड” जैसे किसी विषय को इस तरह से वर्गीकृत करते हैं:

  • सौरमंडल
  • पृथ्वी की गति- घूर्णन और परिक्रमण- दिन और रात
  • पृथ्वी के अक्ष का झुकाव- मौसम पर इसका प्रभाव
  • अक्षांश और देशांतर
  • महत्वपूर्ण समानांतर और मध्याह्न
  • सूर्यग्रहण, चंद्र ग्रहण तथा ज्वार और उनके महत्व
  • पृथ्वी की सतह
  • पृथ्वी की संरचना
  • चट्टानों का वर्गीकरण: आग्नेय, अवसादी, रूपांतरित

2. महत्वपूर्ण बिन्दुओं की पहचान करें और रुझान में प्राथमिकता लाएं

अब आप जैसे-जैसे कोई पुस्तक पढ़ते हैं, ये सुनिश्चित करें कि आप उन सभी उप-विषयों को जानते हैं जिन पर आपको अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। ये महत्वपूर्ण बिन्दु आवश्यक हैं क्योंकि अक्सर ही वहां से सीधा या कई बार टेढ़ा प्रश्न पूछ लिया जाता है, या ये वो बिन्दु होते हैं जिन्हें समझना, आपको आगे के विषयों को समझने में सहायक सिद्ध होता है। तैयारी के दौरान इन बिन्दुओं पर विशेष ध्यान दें। आगे बढ़ने से पहले हमेशा ये सुनिश्चित कर लें कि आप पिछला बिन्दु पूरी तरह से समझ चुके हैं।

हम अपने किसी अगले लेख में आपके लिए महत्वपूर्ण बिन्दुओं की एक सूची पेश करेंगे।

3. सही स्रोतों और पुस्तकों की सहायता लें

Goh Cheng Leong द्वारा लिखी गई पुस्तक ‘Certificate Physical & Human Geography’ प्रत्येक IAS उम्मीदवार के पास होनी चाहिए। यह पुस्तक विषयों को संक्षिप्त में और टू द पॉइंट समझाती है। इसमें भूगोल के पाठ्यक्रम के सभी हिस्से मौजूद हैं और अगर आप इसके बाद भी कहीं फंस जाते हैं तो इंटरनेट की मदद ली जा सकती है।

4. स्कूल के एटलस का प्रयोग करें

इस बात से तो हम सभी सहमत है की भूगोल कई बार बहुत बोरिंग भी हो सकता है। तो ऐसे में, क्यों न हम नक्शों की मदद लें? किसी भी चीज़ का चित्रात्मक प्रेजेंटेशन हमेशा ही आपको बेहतर समझ आता है और ज़्यादा देर तक याद भी रहता है। भूगोल की तैयारी करते हुए हमेशा अपने साथ एक एटलस रखें।

5. अध्ययन के दौरान अपने स्वयं के नोट्स तैयार करें

महत्वपूर्ण बिन्दुओं को चिन्हित मात्र कर लेना पर्याप्त नहीं है। पढ़ाई के दौरान जैसे-जैसे आप विभिन्न विषयों का अध्ययन करते हैं, अपने स्वयं के नोट्स तैयार करते जाएं। भविष्य में जब आप दोहराएंगे, तब आपके लिए सहायक सिद्ध होगा।

6. अपनी तैयारी के स्तर को परखें और अपनी गलतियों से सीखें

हम जानबूझ कर हर बार वही बात दोहरा रहे हैं, जैसा कि हमने पहले भी कहा था। एक अच्छी टेस्ट सीरीज़ आपको अपनी तैयारी को बेहतर प्लान करने में मददगार साबित होगी तथाअसल परीक्षा में छोटी-छोटी- गलतियों को कम से कम करने में सहायक सिद्ध होगी, स्वयं को परखने में आपकी सहायता करेगी और आपको सुधार बिन्दुओं की ओर ले जाएगी, जहां से आप और बेहतर कर पाएंगे। OnlineTyari आपको एक अच्छी टेस्ट सीरीज़ में शामिल होने की सलाह देता है और साथ ही इनमें नियमित रहने की भी हिदायत देता है।

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