IAS प्रारंभिक परीक्षा 2019: परिस्थितिकी, पर्यावरण, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन की तैयारी

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IAS प्रारंभिक परीक्षा 2019: परिस्थितिकी, पर्यावरण, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन की तैयारी

IAS प्रारंभिक परीक्षा 2019: परिस्थितिकी, पर्यावरण, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन: सिविल सर्विसेज़ में दाखिल होने के लिए UPSC IAS प्रारंभिक परीक्षा पहली सीढ़ी है। यह एक ऑब्जेक्टिव टाइप परीक्षा होती है और प्रारंभिक परीक्षा में स्कोर किए गए अंकों को अंतिम मेरिट लिस्ट तैयार करते वक़्त जोड़ा नहीं जाता है। IAS मुख्य परीक्षा में बैठने के लिए यह एक अनिवार्य चरण है, जिसमें सफल होने पर ही आप आगे बढ़ सकते हैं।

हर वर्ष लाखों उम्मीदवार सिविल सर्विसीज़ की परीक्षा देते हैं। इनमें से केवल 11,000-15,000 उम्मीदवार ही मुख्य परीक्षा के अगले चरण में पहुंच पाते हैं। ऐसे में यह बहुत ज़रूरी है कि प्रत्येक आकांक्षी प्रारम्भिक परीक्षा को बहुत ही गंभीरता से लें। ज़ाहिर है कि अब इस ओर विशेष ध्यान देना होता है। IAS आकांक्षी अब इस हिस्से को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते। इसी वजह से हमने IAS प्रारंभिक परीक्षा 2019 में पारिस्थितिकी, पर्यावरण, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन वाले सेक्शन से निपटने के लिए एक कारगर रणनीति बनाई है।

 

IAS प्रारंभिक परीक्षा 2019: पारिस्थिस्तिकी, पर्यावरण, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन से परिचय

इस लेख में हम पारिस्थितिकी, पर्यावरण, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन की तैयारी के लिए सबसे बेहतर तरीके सुझाने का प्रयास करेंगे। कृपया ध्यान रखें कि इस आर्टिकल में केवल IAS प्रारंभिक परीक्षा 2019 से संबन्धित जानकारी ही है। हम आने वाले समय में IAS मुख्य परीक्षा 2019 की भी जानकारी देंगे।

चलिए अब एक नज़र डालते हैं पिछले कुछ वर्षों में आयोजित हुई IAS प्रारंभिक परीक्षा की परीक्षाओं में पारिस्थितिकी, पर्यावरण, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन संबंधित पूछे गए प्रश्नों की संख्या पर-

   वर्ष     पूछे गए प्रश्नों की संख्या
 2011  21
 2012  23
 2013  22
 2014  31
 2015  13
 2016  19
 2016  10
 2017  19

यदि आपने हमारे पिछले लेख पढ़ें हैं – जैसे “IAS प्रारंभिक परीक्षा 2019 की तैयारी कैसे करें” तो आप जानते ही होंगे कि इस सेक्शन से पूछे जाने वाले प्रश्नों की संख्या किसी भी और सेक्शन से काफी ज़्यादा है। आप ऊपर दी गई सारणी से समझ सकते हैं कि इस सेक्शन में 13-31 की संख्या तक सवाल पूछे गए हैं| ऐसे में IAS प्रारंभिक परीक्षा 2019 में इस हिस्से को नकारा नहीं जा सकता है।

 

IAS प्रारंभिक परीक्षा 2019: पारिस्थितिकी और जैव विविधता संबंधी सुझाव और दिशा-निर्देश

अगर आप इस सेक्शन में अच्छा स्कोर करने में कामयाब हो जाते हैं, तो इसके बाद प्रारंभिक परीक्षा में सफल होने का रास्ता काफी आसान हो जाता है। तो आप इस सेक्शन में अच्छा स्कोर कैसे करें? जवाब आसान है। एक रणनीति के अनुसार काम करें!

सही स्रोतों का चुनाव:

चाहे वो पारिस्थितिकी, पर्यावरण, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन वाला सेक्शन हो या फिर कोई और, बात जब IAS प्रारंभिक परीक्षा की हो तो आपकी तैयारी के आधार होने चाहिए – सही और सटीक तथ्य एवं स्रोत। तो आपका पहला लक्ष्य है – सही अध्ययन सामाग्री की पहचान करना।

हम यहाँ सबसे बेहतरीन किताबों की सूची उपलब्ध करा रहे हैं, जो आपको IAS प्रारंभिक परीक्षा 2019 में अच्छा स्कोर करने में सहायक सिद्ध होंगी।

  • NCERT भूगोल – कक्षा 6-11
  • NCERT विज्ञान – कक्षा 8-10
  • NCERT अर्थशास्त्र – कक्षा 11
  • NCERT जीव विज्ञान – कक्षा 12
  • NCERT रसायनशास्त्र – कक्षा 12
  • शंकर IAS – पर्यावरण
  • NIOS के नोट्स
  • ICSE की किताबें – कक्षा 10,11
  • org/ENB
  • इंडिया ईयर बुक
  • ओरिएंट ब्लैक स्वान स्कूल एटलस
  • द हिन्दू अखबार की आधिककारिक वेबसाइट
  • पर्यावरणीय अध्ययन – एरेक भरूचा
  • पारिस्थितिकी और पर्यावरण – D. Sharma
  • डाउन टू अर्थ पत्रिका
  • साइंस रिपोर्टर
  • भारत का आर्थिक सर्वेक्षण
  • पर्यावरण मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट : http://envfor.nic.in/

यहाँ बताई गई अध्ययन सामाग्री पर अपना समय दें। ऐसा करते हुए आपको एक रणनीति के तहत अपने अध्ययन समय में विषयों और किताबों को कुछ इस तरह फिट करना होगा, जिससे IAS प्रारंभिक परीक्षा में आपकी सफलता निश्चित हो जाए।

अपने लिए परीक्षा की रणनीति तय करने में कोई परेशानी है? आइए हम आपकी मदद करते हैं!

सही सोच: IAS प्रारंभिक परीक्षा 2019 की परीक्षा की तैयारी के लिए रणनीति

किसी भी परीक्षा की तैयारी एक लंबी प्रक्रिया है। ऐसे में IAS प्रारंभिक परीक्षा 2019 के लिए आपको निश्चित ही एक फुलप्रूफ प्लान की ज़रूरत पड़ेगी। यहाँ 6 चरण बताए जा रहे हैं, जिनका प्रत्येक आकांक्षी जो पारिस्थितिकी, पर्यावरण, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन में अच्छा करना चाहता है, को इनका अनुसरण करना चाहिए।

पहला चरण: आप NIOS के नोट्स से अपनी बुनियाद मज़बूत करते हुए तैयारी शुरू कर सकते हैं| ये इंटरनेट पर मुफ्त उपलब्ध है।

दूसरा चरण: एक बार आप पहले चरण को पूरा कर लें, इसके बाद आप NCERT किताबों की सूची की ओर बढ़ सकते हैं। आपके लिए पारिस्थितिकी, पर्यावरण और जैव विविधता से जुड़े कुछ चुनिन्दा पाठों को पढ़ना ही काफी होगा।

तीसरा चरण: पहले और दूसरे चरण को पूरा करने के बाद, आप IAS Preliminary परीक्षा के पारिस्थितिकी, पर्यावरण, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन से जुड़े प्रश्नों को देखें, जो पिछले कुछ वर्षों से पूछे जा रहे हैं। ऐसा करने पर आपको एहसास होगा कि अब भी ऐसी बहुत सी चीज़ें हैं, जिनसे आप अब तक अंजान थे।

इस जानकारी के लिए, आप निम्नलिखित किताबों की सहायता ले सकते हैं:

  • शंकर IAS पर्यावरण
  • पर्यावरणीय अध्ययन – एरेक भरूचा
  • पारिस्थितिकी और पर्यावरण – D. Sharma

हम अपने सभी पाठकों को शंकर IAS पर्यावरण को पढ़ने की सलाह देते हैं। इस विषय पर पढ़ने के लिए ये सबसे उत्तम ग्रंथ है, जो IAS परीक्षा की तैयारी के लिए सबसे उपयुक्त है| इसे शुरू से लेकर अंत तक पढ़ें।

चौथा चरण: अगर आप कहीं पर फंस जाते हैं, या फिर किसी शब्दावली या जानकारी को सहज भाषा में चाहते हैं, तो Mrunal.org/ENB की सहायता लें।

इस दौरान जब आप एक के बाद एक किताबें पढ़ रहे होंगे, अभ्यास पत्रों को हल करना न भूलें। शुरुआत में मुमकिन है कि आप उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पा रहे हों और आपका सामना बिलकुल अजनबी से लगने वाले सवालों से हो जाए। लेकिन इससे आपको हतोत्साहित नहीं होना है| ऐसी स्थिति में आपको विषयों की अपनी बुनायादी समझ को मजबूत करने पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए।

पांचवा चरण: जब आप ऊपर बताए गए चरणों को पूरा कर लें, तब आप उस साल की इंडिया ईयर बूक की ओर बढ़ें।

उदाहरण के लिए, यदि आप 2019 की परीक्षा में सम्मिलित होने जा रहे हैं तो आप उसी साल की ईयर बूक पढ़ें| क्योंकि लेटेस्ट संस्करण में ही सबसे नई और ताज़ा जानकारी उपलब्ध होगी। IAS प्रारंभिक परीक्षा 2019 की तैयारी के लिए इंडिया ईयर बूक के निम्नलिखित विषयों को अवश्य पढ़ें:

  • जमीन व आबादी
  • ऊर्जा
  • पर्यावरण
  • राज्य और केंद्र शासित प्रदेश

छठा चरण: अब जबकी आपने पूरी तरह से स्थिर और आंशिक तौर पर गतिशील पारिस्थितिकी, पर्यावरण और जैव विविधता को जान लिया है, तो अब समय आ गया है कि आप नवीनतम जानकारी के लिए भारतीय आर्थिक सर्वेक्षण और संबन्धित पाँच वर्षीय योजना की  रिपोर्ट देखें। इन स्रोतों से सतत विकास और पर्यावरण से जुड़े पाठों का अध्ययन करें। आप भारत सरकार के नज़रिये से देखने पर बहुत सी ज़रूरी जांकारियों को समझ पाएंगे| और इसके अतिरिक्त वहाँ आपको तथ्य भी मिलेंगे| हमें उम्मीद है की आप इन चरणों का क्रमबद्ध तरीके से अनुसरण करेंगे। यहाँ IAS प्रारंभिक परीक्षा 2019 के लिए कुछ अतिरिक्त सुझाव दिए जा रहे हैं।

IAS प्रारंभिक परीक्षा 2019: तैयारी के लिए कुछ अतिरिक्त सुझाव

समकालीन मुद्दों से परिचित रहें: पिछले कुछ वर्षों में पूछे गए प्रश्नों और उनके फ़ॉरमेट को देखते हुए हमने पाया है कि बहुत से प्रश्न राष्ट्रीय उद्यानों, वाइल्डलाइफ सेंक्चुरीज़ और उनसे होकर गुजरने वाली नदियों से संबन्धित होते हैं। इन सभी जानकारियों को एक स्थायी स्रोत के तौर पर हमेशा अपने साथ एक हैंडबुक तैयार रखें। अपने स्कूल एटलस का प्रयोग करें और इन जानकारियों को पुनः संग्रहित करें।

अपने आपको अपडेट रखें: जब आप विभिन्न प्रकार की किताबों और स्रोतों से तैयारी कर रहे होंगे, कभी भी किसी राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय समकालीन मुद्दों को न छोड़ें। हमेशा द हिन्दू या किसी अन्य अखबार या अपनी पसंद की कोई पत्रिका पढ़ते रहें| हर घटना का ब्योरा आपके पास होना चाहिए। अपने ज्ञान का प्रयोग इन घटनाओं को जोड़ते हुए करें।

जितना संभव हो, अभ्यास करें: इस बात का हमेशा ध्यान रखें की पारिस्थितिकी, पर्यावरण और जैव विविधता वो सेक्शन है, जहां आपका अभ्यास बहुत मायने रखता है। भरोसा रखिए कि आप जितनी बार तथ्यों और जानकारियों से होकर गुज़रेंगे, आप कोई न कोई नई बात सीखेंगे। इस बात को सुनिश्चित करें कि आप अपने अध्ययन और अपनी परख के बीच एक संतुलन बनाए रखें।

कोशिश करें कि आपसे जितना संभव हो, उतने सवालों को हल करने का प्रयास करें। जहां, स्थायी प्रश्नों को विभिन्न प्रश्न बैंक्स से पढ़ा जा सकता है, वहीं समकालीन मुद्दों की परख के लिए आपको एक अच्छी टेस्ट सीरीज़ से तैयारी करनी चाहिए।

हम IAS प्रारंभिक परीक्षा 2019 में पारिस्थितिकी और जैव विविधता की तैयारी पर अपने इस लेख को यहीं विराम देते हैं। सूची में अगला नंबर है विज्ञान और तकनीक की तैयारी का। अगर आपके पास कोई सवाल है, या मन में कोई दुविधा है तो कृपया उसे नीचे कॉमेन्ट सेक्शन में लिखें।

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