करेंट अफ़ेयर्स पर IAS प्रारंभिक परीक्षा 2017 के महत्वपूर्ण टॉपिक्स : नो डिटेंशन पॉलिसी

करेंट अफ़ेयर्स पर IAS प्रारंभिक परीक्षा 2017 के महत्वपूर्ण टॉपिक्स : नो डिटेंशन पॉलिसी- संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) इस वर्ष 18 जून 2017 को सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन करेगी। इसे देश में सबसे प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। परीक्षा के लिए कुल आवेदन भरने वाले उम्मीदवारों में मात्र 0.1-0.3 फ़ीसद उम्मीदवारों के सफल होने वाले अनुपात में इस परीक्षा को पास करना बहुत मुश्किल होता है।

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सभी UPSC उम्मीदवार अब IAS प्रारंभिक परीक्षा 2017 की तैयारी कर रहे हैं। समस्या ये है कि हम कितना भी सोच लें कि हमें सबसे अच्छा ज्ञान है या परीक्षा को लेकर हम कितने ही आश्वस्त क्यों ना हों लेकिन किसी भी परीक्षा में अनिश्चितता का अंश हमेशा बना रहता है। इसी डर से आगे निकलने के लिए हम करेंट अफ़ेयर्स पर IAS प्रारंभिक परीक्षा 2017 के महत्वपूर्ण टॉपिक्स आपसे साझा करते हैं। इसी कड़ी में आज हम आपको ऐसे ही एक महत्वपूर्ण टॉपिक ‘नो डिटेंशन पॉलिसी के बारे में विस्तार से बताएंगे।

 

करेंट अफ़ेयर्स पर IAS प्रारंभिक परीक्षा 2017 के महत्वपूर्ण टॉपिक्स : नो डिटेंशन पॉलिसी

नो डिटेंशन पॉलिसी

नो डिटेंशन पॉलिसी शिक्षा के अधिकार अधिनियम (2009) का अहम् हिस्सा है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) 2009, जो 6 से 14 वर्ष की उम्र के बच्चो के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा की बात करता है। शिक्षा की धारा 21ए के तहत 6 और 14 वर्ष की उम्र के बीच प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार बना दिया गया है और प्राथमिक विद्यालयों में न्यूनतम मानदंड निर्दिष्ट किए गए हैं। इस अधिनियम में सभी निजी स्कूलों (अल्पसंख्यक संस्थानों को छोड़कर) के गरीबों और अन्य श्रेणियों के बच्चों के लिए 25% सीटें (सार्वजनिक-निजी भागीदारी योजना के हिस्से के रूप में राज्य द्वारा प्रतिपूर्ति के लिए) आरक्षित करना आवश्यक हैं।

नो डिटेंशन पॉलिसी के तहत प्रावधान है कि बच्चों को आठवीं तक किसी कक्षा में अनुत्तीर्ण घोषित कर उसी कक्षा में ना रखा जाये। अर्थात अगर किसी छात्र के प्राप्तांक कम भी हैं तो उसे पासिंग ग्रेड देकर अगली कक्षा में भेज दिया जाये। इस पॉलिसी का मुख्य मकसद यह था कि छात्रों की सफलता का मूल्यांकन केवल उसके द्वारा परीक्षा में प्राप्त अंको से ना किया जाये बल्कि उसके सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखा जाये।

धारा -16 के तहत अधिनियम, पढ़ने, लिखने और कक्षा को पास करने में असमर्थ होने के कारण विद्यालय छोड़ने वालों की उच्च दर के संबंध में, स्कूल छोड़ने की दर को कम करने और शिक्षित नागरिकता रखने के लिए कक्षा आठवीं तक किसी छात्र को विद्यालय आने से रोकना या विद्यालय से निष्काषित करने से रोकता  है।

नीति का सार यह है कि बच्चों को “असफल” नहीं होना चाहिए और 8 वीं कक्षा तक स्कूल आने से रोका नहीं जाना चाहिए। इसका अर्थ यह भी है कि 8 वीं कक्षा तक “परीक्षाएं” शब्द के संकीर्ण पारंपरिक अर्थ में नहीं होनी चाहिए। इसके बजाय, इस अधिनियम में छात्र की शिक्षा का आकलन और मूल्यांकन करने के लिए निरंतर और व्यापक मूल्यांकन (सीसीई) की प्रक्रिया का शासनादेश है। सीसीई नियमित रूप से कई तरीकों से छात्र की प्रगति का मूल्यांकन करती है और शिक्षण सीखने की प्रक्रिया में प्रतिक्रिया का उपयोग करती है। यह सीखने के तरीकों में सुधार के लिए निरंतर प्रगति रिकॉर्ड और विशिष्ट जानकारी देता है। परीक्षाओं के विपरीत, यह सामाजिक रुख, रचनात्मकता, भावनात्मक विकास और दृढ़ता जैसे चीजों का आकलन भी कर सकता है। दुनिया भर में हुए अनुसंधान से यह ज्ञात होता है कि इस तरह के तरीकों (रचनात्मक आकलन) से छात्र सीखने में सुधार करते हैं।

हालांकि, इसके कार्यान्वयन के कुछ सालों के बाद यह गुणवत्ता पूर्ण साबित नहीं हुई है और इस मुद्दे पर आलोचना की एक विस्तृत श्रृंखला समाज के विभिन्न समूहों के मध्य देखी गई है। इस नीति ने छात्रों को अपने अध्ययन के प्रति लापरवाही का रवैया विकसित करने के लिए प्रेरित किया है। माता-पिता अपने बच्चों के प्रति अधिक चिंतिति नहीं थे क्योंकि उनके बच्चों को अध्ययन कक्षा में पुनः पढ़ाया नहीं जा सकता है। इसने शिक्षा की गुणवत्ता को कमतर किया है और अच्छे और बुरे छात्रों के बीच कोई अंतर नहीं आ सका है।

हाल ही में नियुक्त टी एस आर सुब्रमण्यम समिति ने सिफारिश की है कि जब कोई बच्चा 11 साल का हो तो कक्षा पांच के पूरा होने तक युवा बच्चों के लिए कोई निरोधक नीति जारी नहीं रहनी चाहिए। उच्च माध्यमिक चरण में, असफल रहने पर छात्र को कोचिंग की सुविधा का प्रावधान व्यवस्था बहाल की जाएगी और कम से कम दो अतिरिक्त मौकों के द्वारा उच्च वर्ग में स्थानांतरित करने की उनकी क्षमता को साबित करने का मूल्यांकन किया जाएगा।

IAS All India Prelims Test Series

ओरिएंट आईएएस ऑल इंडिया आईएएस प्रीलिम्स टेस्ट सीरीज 2017

IAS परीक्षाओं की तैयारी हेतु अग्रणी संस्थान ओरिएंट आईएएस द्वारा ‘ऑल इंडिया आईएएस प्रीलिम्स टेस्ट सीरीज 2017’ को तैयार किया गया है। इस पुस्तक में 100 प्रश्नों वाले 16 टेस्ट सीरीज IAS प्रारंभिक परीक्षा के अनुरूप तैयार किए गए हैं। टेस्ट सीरीज में परम्परागत प्रश्न के साथ-साथ नवीन समसामयिकी को भी सम्यक स्थान दिया गया है। अभ्यर्थियों में उत्तर लेखन विकसित करने हेतु प्रत्येक प्रश्न का विश्लेषण सहित व्याख्यात्मक हल भी प्रदान किया गया है।

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IAS Prelims Mock Test Series 2017

क्रॉनिकल ऑल इंडिया आईएएस प्रीलिम्स टेस्ट सीरीज 2017

क्रॉनिकल प्रकाशन सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक जाना हुआ नाम है। प्रत्येक वर्ष काफी प्रश्न इसकी पुस्तकों से पूंछे जाते हैं।ऑल इंडिया आईएएस प्रीलिम्स टेस्ट सीरीज 2017’ इसी श्रेणी में एक अन्य पुस्तक हैं जो IAS परीक्षा 2017 को ध्यान में रखकर तैयार तैयार किया गया है। इस पुस्तक में NCERT आधारित, विषय विशेष और समसामयिकी आधारित टेस्ट पेपर रखा गया है और प्रत्येक टेस्ट सीरीज में 100 प्रश्न सम्मिलित किये गए है।

सामान्य अध्ययन पेपर-I के 9 टेस्ट और सीसेट पेपर-II के 5 टेस्ट भी सम्मिलित किये गए है। अभ्यर्थी में उत्तर लेखन विकसित करने हेतु प्रत्येक प्रश्न का विश्लेषण सहित व्याख्यात्मक हल भी प्रदान किया गया है।

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क्रॉनिकल सिविल सर्विसेज करंट अफेयर मॉक टेस्ट सीरीज 2017

यह मॉक टेस्ट सीरीज IAS प्रीलिम्स 2017 के नवीनतम परीक्षा पैटर्न पर आधारित है और आईएस 2017 में प्रतिभाग करने वाले अभ्यर्थीयों के लिए विशेष उपयोगी है। इस ऑनलाइन मॉक टेस्ट सीरीज में आप अपने मोबाइल से भी प्रतिभाग कर सकते हैं और अपनी तैयारी की जांच कर सकते हैं।

सिविल सर्विसेज करंट अफेयर: मॉक टेस्ट सीरीज 2017 की शुरुवात क्रॉनिकल IAS के सहयोग से Online Tyari द्वारा आपको प्रदान किया जा रहा है।

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भारत की राजव्यवस्था: पंचम संस्करण, एम. लक्ष्मीकान्त

हिंदी माध्यम से सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे सभी छात्रों के लिए इस पुस्तक का अध्ययन करना अत्यंत आवश्यक है। पंचम संस्करण में सिविल सर्विस के पाठ्यक्रम में हुए अभी तक के सभी बदलाव को शामिल किया गया है। पुस्तक में राजव्यवस्था के बुनियादी संकल्पनाओं, भारतीय संविधान का इतिहास और संशोधन, कार्यपालिका और न्यायपालिका के समस्त कलेवर को अत्यंत सरल भाषा में समझाया गया है। यह पुस्तक MC Graw Hill प्रकाशन से प्रकाशित की गई है।

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भारतीय अर्थव्यवस्था: सिविल सेवा परीक्षा के लिए सफल मार्गदर्शिका – रमेश सिंह

अपने ज्ञान में विस्तार के लिए और सिविल सेवा परीक्षाओं में भारतीय अर्थव्यवस्था की तैयारी के लिए रमेश सिंह द्वारा लिखित और MC Graw Hill द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक का अध्ययन अवश्यक है। सामान्य अध्ययन के कौशल को विकसित करने में भी यह पुस्तक सहायक है और इसमें सिविल सेवा परीक्षाओं के पाठ्यक्रम के तहत अध्याय और सामग्री का संकलन किया गया है जिससे अभ्यर्थी को परीक्षा में सफलता पाना सरल हो जाएगा।

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भारत का भूगोल: माजिद हुसैन और रमेश सिंह

भारत का भूगोल पुस्तक में भारतीय भूगोल का विहंगम अध्ययन किया गया है। इस पुस्तक में भौगोलिक संरचना, नदी, मरुस्थल, पहाड़ और पठार, पहाड़ी श्रृंखला, नहर, कृषि, अभ्यारण, खनिज, उर्जा स्त्रोत, जलवायु, मिट्टी, राजनीतिक-भूगोल, भौगोलिक-संकृति आदि विषयों पर कवर किया गया है। यह पुस्तक सरल भाषा में सम्पूर्ण सिविल सर्विस परीक्षा के पाठ्यक्रम को कवर करती है इसलिए यह पुस्तक सभी हिंदी माध्यम से तैयारी करने वाले छात्रों के लिए विशेष उपयोगी बन गई है।

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अब हम करेंट अफ़ेयर्स पर IAS प्रारंभिक परीक्षा 2017 के महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित इस लेख को यहीं विराम देते हैं। हमारे साथ बने रहें क्योंकि हम दिन-प्रतिदन अन्य विषयों पर चर्चा करेंगे। सिविल सेवा परीक्षाओं में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए सर्वश्रेष्ठ IAS परीक्षा तैयारी एप नि:शुल्क डाउनलोड करें।

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