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IBPS क्लर्क मुख्य परीक्षा 2018: क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड सेक्शन की तैयारी कैसे करें !

IBPS क्लर्क मुख्य परीक्षा 2018: क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड सेक्शन की तैयारी कैसे करें – बैंकिंग कार्मिक संस्थान (IBPS) द्वारा जनवरी 2019 के महीने में IBPS क्लर्क भर्ती परीक्षा 2018 के दूसरे दौर का आयोजन किया जाएगा।

IBPS क्लर्क मुख्य परीक्षा तैयारी और संशोधन के लिए केवल सीमित समय शेष रह गया है, IBPS क्लर्क मुख्य परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए ये समय एक अध्ययन योजना तैयार करने और परीक्षा की उचित रणनीति तैयार करने का है। इस लेख के माध्यम से, हम आपको IBPS क्लर्क भर्ती परीक्षा के रीज़निंग और कम्प्यूटर सेक्शन की तैयारी करने के बारे में बताएंगे।

IBPS क्लर्क की मुख्य परीक्षा का पैटर्न

IBPS क्लर्क की मुख्य परीक्षा के तहत प्रत्येक सेक्शन के लिए अलग-अलग समय आवंटित किया गया है और उम्मीदवारों को इसी तय सीमा के भीतर प्रश्नों को हल करना होगा।

लिखित परीक्षा को हल करने के लिए कुल 160 मिनट की समय-सीमा तय की गई है। बैंक क्लर्कों की चयन प्रक्रिया में एक प्रमुख बदलाव के चलते अंतिम मेधा सूचि केवल मुख्य परीक्षा में सुरक्षित अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी।

IBPS क्लर्क मुख्य परीक्षा 2018: GK सेक्शन की तैयारी कैसे करें

IBPS क्लर्क मुख्य परीक्षा 2018: क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड सेक्शन की तैयारी कैसे करें

हमें बहुत से उम्मीदवारों की तरफ से क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड(QA) सेक्शन के कठिनाई स्तर के संबंध में बहुत से प्रश्न प्राप्त हुए हैं। सबसे अधिक आम प्रश्न यह था कि “QA सेक्शन सबसे अधिक कठिन है तथा यदि हमें थोड़े से और अधिक मिनट मिलें, तो हम इसमें अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं।” इसके विपरीत, इसे सभी सेक्शन में से सबसे सरल सेक्शन माना जाता है क्योंकि यह मुख्य रूप से गणनात्मक शक्ति, गति और सटीकता पर आधारित होता है।

उम्मीदवार, QA के सभी टॉपिक्स में अच्छे कमांड और  बेसिक कॉन्सेप्ट्स की स्पष्टता के साथ, बहुत ही आसानी से इस सेक्शन में अच्छा स्कोर कर सकते हैं तथा अपनी कमजोरी को ताकत में बदल सकते हैं।

IBPS क्लर्क के क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड सेक्शन की तैयारी पर आधारित इस लेख को पढ़ने के पश्चात् प्रत्येक उम्मीदवार को नीचे दिए गए प्रश्नों का उत्तर देने में सक्षम होना चाहिए।

  • मैं IBPS क्लर्क के क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड सेक्शन की तैयारी किस प्रकार से प्रारंभ कर सकता/सकती हूँ?
  • क्या मैं IBPS क्लर्क के क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड सेक्शन के लिए टॉपिक-वाइज तैयारी कर सकता/सकती हूँ?
  • IBPS क्लर्क के क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड सेक्शन में कौनसे टॉपिक्स हल करने में सरल हैं?
  • IBPS क्लर्क के क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड सेक्शन की तैयारी के लिए मुझे कितना समय देना चाहिए?

परीक्षा के विश्लेषण के अनुसार, यहां IBPS क्लर्क के क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड सेक्शन के महत्वपूर्ण टॉपिक्स की एक सूची दी गयी है।

  1. सरलीकरण
  2. द्विघात समीकरण
  3. सन्निकट मान(Approximation)
  4. संख्या श्रृंखला
  5. डाटा इंटरप्रिटेशन – लाइन ग्राफ, बार ग्राफ़, मिश्रित चार्ट, पाई चार्ट आदि
  6. विविध

तो आइये, अब IBPS क्लर्क परीक्षा 2017 के क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड सेक्शन की तैयारी के कुछ टिप्स पर विचार करते हैं।

संख्या पद्धति से प्रारंभ करें

इस टॉपिक से अपनी तैयारी करना प्रारंभ करें, क्योंकि यह बहुत ही महत्त्वपूर्ण होता है तथा इसके लिए निरंतर अभ्यास की आवश्यकता होती है। आपको इस टॉपिक को अच्छी तरह से तैयार करने के लिए पर्याप्त समय देना होगा।

संख्या पद्धति का अभ्यास करने के लिए प्रतिदिन एक विशेष समय निर्धारित करें क्योंकि यह टॉपिक सैद्धांतिक(Theoretical) नहीं है तथा इसमें आपको कुछ भी रटना नहीं है। रेखाचित्रों(Diagrams) का उपयोग करके एक बेहतर और सरल तरीके से कॉन्सेप्ट्स को समझने का प्रयास करें।

गणितीय पजल को प्रतिदिन हल करें

यदि आप गणितीय पजल को प्रतिदिन हल करते हैं, तो इससे आपको गणना में महारत हासिल करने और आपकी गति को बढ़ाने सहायता मिलेगी। यह आपके लिए इसीलिए भी बहुत लाभदायक है क्योंकि पजल को हल करना अपने दिमाग को तरोताजा करने के लिए एक बहुत अच्छा व्यायाम होता है।

जब आप अपने अध्ययन के समय के बीच एक ब्रेक लें, तब आप  पजल को हल करने का प्रयास कर सकते हैं।

गणनात्मक प्रश्नों में समय प्रबंधन

समय प्रबंधन एक ऐसा महत्वपूर्ण तत्व है, जो किसी भी चीज को बना भी सकता है और बिगाड़ भी सकता है। परीक्षा में हमेशा शॉर्टकट तकनीकों का प्रयोग करने का प्रयास करें।

यदि किसी प्रश्न में लंबी गणना की आवश्यकता है, तो इसे बाद में समीक्षा में के लिए चिन्हित कर दें और इसे फिर से तब देखें, जब अन्य प्रश्नों को हल करने के बाद आपके पास समय बचा हो।

स्वयं का आंकलन करें

जब भी आप किसी मॉक टेस्ट या पिछले वर्ष के प्रश्नपत्र को हल करें, तो हमेशा समय पर ध्यान रखें तथा गति और सटीकता के संबंध में अपने प्रदर्शन और दक्षता का मूल्यांकन करें।

इससे आपको यह जानने में सहायता मिलेगी कि आप कहां कमजोर हैं क्योंकि स्वयं से बेहतर, आपका आंकलन और कोई नहीं कर सकता।

धैर्य बनाए रखें

हर समय शांत रहें और धैर्य बनाये रखें तथा अधिक परेशान न हों। यह केवल आपके लिए ख़राब ही होगा। हमेशा एक  सकारात्मक रवैये के साथ अध्ययन करें जिससे कि आपको वह सब याद रखने में सहायता मिलेगी जिसे आपने बीते समय में पढ़ा है।

यहां तक कि यदि आप किसी विशेष टॉपिक में अधिक निपुण नहीं हैं, तो भी चिंता करने और तनावग्रस्त होने के बजाय, इस पर कार्य करने का प्रयास करें। साथ ही, अपने स्वास्थ्य को भी अनदेखा न करें तथा योग या व्यायाम के लिए थोड़ा समय दें। एक पुरानी कहावत है कि “केवल एक स्वस्थ शरीर में ही एक स्वस्थ मन का वास होता है।”

परीक्षा की तैयारी के अन्य ट्रिक्स

  1. सिलेबस की जानकारी : प्रत्येक परीक्षा के गणित सेक्शन का सिलेबस आपको पता होना चाहिए। सिलेबस से अवगत रहने से आपको अपने मजबूत और कमज़ोर पक्षों की जानकारी होती है।
  2. फॉर्मूलों को याद  रखें : मैथ के प्रस्नो को हल करने के लिए फॉर्मूलों का याद होना अति आवश्यक है। इसलिए फॉर्मूले याद करे।
  3. रीडिंग नही प्रैक्टिस करे : कई छात्र ऐसे होते है जो गणित के प्रश्नों को पढ़ते है। यह गणित सिखने का सबसे गलत तरीका है। गणित विषय पर आपकी पकड़ तभी बन सकती है। आप इसकी ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस करे। क्योकि गणित विषय को आपको रटना या याद करना नही पड़ता। इसलिए गणित विषय की ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस करे।
  4. प्रश्नों को हल करने की गति पर ध्यान दें : गणित पेपर को हल करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण टिप है कि आप अपनी गति को सुधारें। गणित में आपकी गति तभी ठीक होगी जब आप नियमित अभ्यास की आदत बनायेंगे और साथ ही अभ्यास प्रश्नों को समय प्रबंधन करना सुनिश्चित करने में आप कामयाब हों।
  5. विगत वर्ष के प्रश्न पत्र हल करें : पिछले वर्षों के पेपर हल करें। इससे प्रश्नों के पैटर्न को समझने में और उन्हें हल करने में काफ़ी मदद मिलती है। इससे आप प्रत्येक विषय की कठिनाई का स्तर भी जान पाएंगे।
  6. पहाड़े, वर्ग और घन मूल जैसे बुनियादी तथ्यों को याद करें : 25 तक पहाड़े, 50 तक के वर्गमूल, 15 तक के घन, 15 तक के वर्गमूल, घन मूल, दशमलव/भिन्नों और बुनियादी एल्जेब्रा के फॉर्मूले याद कर लें। साथ ही जरुरत है की आपको दो संख्या के बीच की अभाज्य संख्या निकालना, भाज्यता की जांच, भिन्न शांत है या अशांत, लघुत्तम, महत्तम जैसे बुनियादी बातें आना आवश्यक है। इससे आपको काफी सारा समय बचाने में सहायता मिलेगी जो कि बिना वजह लंबी गणनाओं में खर्च हो जाता है। इससे आप दूसरों से आगे निकल सकते हैं। महत्त्वपूर्ण सूत्रों और प्रमेयों को याद करें।
  7. बुनियादी कॉन्सेप्ट अवश्य समझे : उन विषयों के बुनियादी कॉनसेप्ट को समझें जिनका उल्लेख सिलेबस में किया गया है। यदि आप कहीं किसी विषय पर अटक जाते हैं तो संदर्भ पुस्तकों का सहारा लें और इसके लिए आप किसी शिक्षक की मदद ले सकते हैं या कोई अच्छे प्रकाशक की पुस्तक अवश्य पढ़ें । कोई भी विषय ना छोड़ें तब भी जब आपको लगे कि अपेक्षाकृत अधिक महत्वपूर्ण नहीं है क्योंकि प्रश्न कहीं से भी पूछे जा सकते हैं।
  8. शॉर्टकट तरीके का अधिक उपयोग करें : कोशिश करें कि अपने ही शॉर्टकट तरीके अपनाएं। अंकगणित के लिए आप वैदिक गणित, शॉर्टकट तरीके से प्रश्न हल सिखाने वाली पुस्तक आदि का सहारा लें। जिससे अंकगणित में गणना करना आसान हो जाये।
  9. ऑनलाइन मॉक टेस्ट से अभ्यास करें : जहाँ तक सम्भव हो बाजार या ऑनलाइन उपलब्ध मॉक टेस्ट और प्रश्न बैंक को हल करें। इससे आपको पता चलता है कि किस प्रकार प्रश्नों को सेट किया जाता है। नए ट्रिक्स और याद करने के स्मार्ट तरीके अपनाएं ताकि आप समय और परिश्रम का कुशल प्रयोग कर सकें।यह प्रत्येक भर्ती परीक्षा के लागू होता है। आप तब तक प्रश्नप्रत्र के बारे में पूरी तरह से निश्चित नहीं हो सकते हैं जब तक कि आप स्वयं से इसे हल न कर लें तथा ऐसा करने के लिए पिछले वर्ष के प्रश्नपत्रों को हल करना परीक्षा से पहले सबसे बेहतर अभ्यास माना जाता है।सबसे पहले IBPS क्लर्क के पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करें तथा आपके उद्देश्य इस प्रकार होने चाहिए:
    • IBPS क्लर्क परीक्षा में कौनसा टॉपिक, कहां प्रमुख है?
    • क्या प्रश्न हल करने में सरल, मध्यम और कठिन थे?
    • आप प्रत्येक सेक्शन के लिए कितना समय देने में सक्षम थे?
    • प्रश्नपत्र को हल करते समय आपका सही/गलत का अनुपात क्या था?
    • क्या आप उस वर्ष की IBPS क्लर्क परीक्षा के कटऑफ से अधिक अंक प्राप्त करने में सक्षम थे?

    एक संपूर्ण विश्लेषण यह जानने में आपकी सहायता करेगा कि आप वास्तव में कहां खड़े हो? इसीलिए, अपने मन में विश्लेषण के साथ, आगे बढ़ें और फिर IBPS क्लर्क मॉक टेस्ट को हल करें और फिर न केवल IBPS क्लर्क के क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड सेक्शन पर,अपितु पूरे प्रश्नपत्र पर अपनी पकड़ को मजबूत बनायें।

    IBPS क्लर्क की मुख्य परीक्षा 2018 के लिए रीज़निंग और कम्प्यूटर सेक्शन की तैयारी कैसे करें

  10. गलतियों को दूर करें : परीक्षा पूर्व आप उन गलतियों को जरुर दूर करने की कोशिश करें जिसमे आप अपने आपको असहज महसूस करते हों और इसके लिए यह आवश्यक है कि अपनी सभी गलतियों की एक लिस्ट बनायें। करणी पर आधारित सवालों में अक्सर छात्र गलती करते हैं, साथ ही बीजगणित में अचर और चर को लोग जोड़ने की गलती भी करते दिखते हैं। द्विघात समीकरण के सवाल में भी दो मूल लेने के बजाय कई बार एक धनात्मक मूल लेने की भूल कर अपने अंक गँवा लेते है ऐसी अनेकों गलतियों से आप सावधानीपूर्वक बच सकते हैं।
  11. त्रिकोणमिति के मान कण्ठस्य करें : त्रिकोणमिति के सभी सूत्र और कोणों के मान – 30, 45, 60, 90 का मान सभी निष्पति – sin, cos, tan, cot, sec, cosec के लिए याद कर लें। साथ ही पाइथागोरस ट्रिक (3,4,5), (6,8,10), (7, 24, 25), (8, 15,17), (9, 40, 41)… याद करें जिससे त्रिकोणमिति के सूत्र निकालने में आपको आसानी होगी।
  12. अधिक ध्यान दें : अंकगणित में आप  लाभ और हानि, साधारण और चक्रवृद्धि व्याज, समय, दूरी और काम, लघुत्तम, सांख्यिकी, प्रायिकता जैसे ऐसे सवाल हैं जो परीक्षा में अवश्य आते है और इन्हें थोड़ा सा ध्यान देकर सीखा जा सकता है।
  13. मेंसुरेशन के सूत्र याद रखें : क्षेत्रमिति के सवाल अधिकांशतः सूत्र पर आधारित होते है जिसके लिए किसी विशेष योग्यता की आवश्यकता नहीं है, अगर आपको सूत्र में पकड़ है और आप थोड़ी सी सावधानी बरतें तो अवश्य ही इस प्रकार के प्रश्नों को हल कर पाएंगे।

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Tags: IBPS क्लर्क मुख्य परीक्षा टिप्स
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