IBPS PO की मुख्य परीक्षा के डिस्क्रिप्टिव पेपर के लिए टिप्स !

IBPS PO की मुख्य परीक्षा के डिस्क्रिप्टिव पेपर के लिए टिप्स – अब से कुछ दिनों में ही IBPS PO मुख्य परीक्षा होने वाली है, ज़ाहिर सी बात है कि जिन उम्मीदवारों ने प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त की है वे अब मुख्य परीक्षा में बैठेंगे। आपको बता दें कि IBPS PO मुख्य परीक्षा आगामी 26 नवम्बर 2017 को आयोजित की जाएगी।

ऑनलाइन माध्यम से लिखित परीक्षा देश भर में विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। सभी उम्मीदवारों की मदद करने के उद्देश्य से हम आपके लिए IBPS PO की मुख्य परीक्षा के डिस्क्रिप्टिव पेपर की तैयारी संबंधी टिप्स लेकर आएं हैं, जिनपर पर अमल करने से आप परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।

IBPS PO की मुख्य परीक्षा के डिस्क्रिप्टिव पेपर के लिए टिप्स !

परीक्षा का कोई निर्धारित सिलेबस नहीं है यही कारण है कि ये कई उम्मीदवारों के लिए चिंता का विषय बना रहता है।

IBPS PO के अंग्रेज़ी सेक्शन में निबंध और पत्र लेखन एक बहुत महत्वपूर्ण अंग होता है। पत्र लेखन आपको पेपर पर कुछ ठोस लिखने का अवसर प्रदान करता है जिससे आप पहले से चर्चित विषय को स्पष्टता से लिख पाते हैं।

एक प्रभावी पत्र और निबंध लिखने में आपकी मुख्य समस्याएं हैं कि IBPS PO के वर्णात्मक पेपर में आपके पास सीमित समय है। लेकिन यदि आप मूलभूत नियमों और प्रारूप का पालन करेंगे तो आप आसानी से अच्छी सामग्री तैयार कर सकते हैं। इस लेख में, हम आपको कुछ निबंध और पत्र लेखन के टिप्स देंगे जो परीक्षा में आपके सहायक होंगे। याद रहे, IBPS PO साक्षात्कार देने के लिए आपको वर्णात्मक पेपर भी पास करना होगा।

 

ऐसा कोई निश्चित विषय नहीं है जिसपर परीक्षा में उम्मीदवार से निबंध लिखने को कहा जाएगा। इसलिए रटने के विकल्प का सवाल ही पैदा नहीं होता। IBPS PO वर्णात्मक पेपर के लिए यही तथ्य चुनौतीपूर्ण है। यहां मुख्य परीक्षा के लिए कुछ निबंध और पत्र लेखन के कुछ टिप्स दिए जा रहे हैं।

IBPS PO मुख्य परीक्षा 2017 के लिए पत्र लेखन के टिप्स

आमतौर पर दो प्रकार के पत्र पूछे जाते हैं:

  1. अनौपचारिक पत्र – ये पत्र माता-पिता, दोस्तों, संबंधियों, भाई-बहनों आदि को लिखे जाते हैं
  2. औपचारिक पत्र – ये पत्र सरकारी कर्मचारियों, समाचार सम्पादक, बैंक प्रबंधक, सरकारी विभागों आदि को लिखे जाते हैं।

एक अच्छा पत्र लिखने का अर्थ है कि विषय से संबंधित सबसे अच्छी सामग्री को ठोस रूप में प्रस्तुत करना। यानि आपको विषय से संबंधित सारी महत्वपूर्ण जानकारी लिखनी होगी। आपके लेखन कौशल को अच्छा करने में मदद करने के लिए हम कुछ लेखन टिप्स पर ध्यान देंगे जो कि आगामी वर्णात्मक परीक्षा के लिए लाभकारी होंगे। एक नज़र डालें:

प्रारूप का पालन करें

पत्र लेखन के लिए सबसे महत्वपूर्ण टिप्स में से एक है कि प्रारूप का पालन किया जाए। विषय़ से भटकाव के कारण आपके अंक प्रभावित हो सकते हैं। पत्र का सामान्य प्रारूप नीचे दिया गया है।

  1. शीर्षक – पत्र के शीर्षक के दो भाग होते हैं, एक लेखक का पता और तिथि। शीर्षक पत्र के पहले पन्ने पर बाईं ओर लिखा जा सकता है।
  2. संबोधन – यह पत्र का सबसे महत्वपूर्ण भाग है, इसे भूलने की गलती ना करें। पेज के बाईं ओर संबोधन दें, शीर्षक के नीचे। वैसे भी, संबोधन के पहले और आखिरी शब्दों की शुरूआत बड़े अक्षरों से होती है।
  3. विषय – पत्र लिखने की मंशा को कम शब्दों में स्पष्ट कर दें। विषय बड़े अक्षरों में लिखा जाना चाहिए और बाईं ओर या केंद्र में होना चाहिए।
  4. विषय वस्तु – प्रश्न में जो विषय दिया गया हो, विषयवस्तु में उसकी समग्र जानकारी लिखें। विषयवस्तु 3 पैराग्राफ़ से ज़्यादा नहीं होना चाहिए।
  5. हस्ताक्षर – धन्यवादज्ञापन का सौम्य तरीका अपनाएं। ये सामान्य तौर पर विषयवस्तु के बाद बाईं ओर लिखा जाता है। ये बड़े अक्षर से शुरू होना चाहिए और अल्पविराम यानि कॉमा के साथ अंत होना चाहिए।
  6. पदनाम – हस्ताक्षरण के बाद पदनाम लिखा जाता है।

ना बहुत ज्यादा वर्णात्मक हों ना बहुत संक्षेप में ही लिखें

आप छोटे-छोटे पैराग्राफ़ लिख सकते हैं, 5 पंक्तियों के। हालांकि, आपके वाक्य की लंबाई छोटी-बड़ी हो सकती है। पत्र लिखने का अर्थ होता है कि आप कुछ महत्वपूर्ण साझा करना चाहते हैं और प्रतीक्षा नहीं कर सकते। इसलिए, बिना घुमाए सिर्फ़ महत्वपूर्ण जानकारियां ही लिखें।

दोहराएं नहीं

पत्र में कुछ दोहराया नहीं जाना चाहिए। किसी शब्द को बार बार दोहराने से ये अच्छी अपील नहीं होती। आप शब्दों के लिए समानार्थी शब्दों का प्रयोग करना है यदि आप उन्हें दोबारा प्रयोग करना चाहते हैं।

भाषा को जांचें

औपचारिक और अनौपचारिक लेखन शैली में भिन्नता को समझें। संज्ञा और क्रियाओं का औपचारिक पत्र में सीधा प्रयोग करें। आपको औपचारिक भाषा का प्रयोग करना है जो कि सौम्य हो। अनौपचारिक पत्रों में भी, आपको ऐसे ही विचारों को सौम्य तरीके से प्रस्तुत करना है।

एक फ्लो बनाए रखें

पत्र में एक बहाव होना चाहिए, ताकि इसे पढ़कर समझना आसान हो सके। एक अच्छा परिचय, ठोस विषयवस्तु और निष्कर्ष, पत्र का सबसे वांछनीय प्रारूप होता है। आपको अपने विचारों के बहाव से भटकना नहीं है।

टोन परखें

पैसेज की टोन यानि स्वर जांचना अत्यावश्यक है। आपके पत्र में उद्दंडता से अधिक विश्वास झलकना चाहिए। यदि आप शिकायत पत्र भी लिख रहे हों तो भी आपको प्रासंगिक तथ्य प्रकट करने चाहिए, प्राधिकरण को धमकाएं नहीं। परिस्थितियों का वर्णन करें और सौम्य तरीका अपनाएं।

अभ्यास करें

एक अच्छे पत्र के लिए अभ्यास ही रहस्य है क्योंकि ये आपको पर्फेक्ट बनाता है। प्रारूप से परिचित हो जाएं और यथासंभव अभ्यास करें। आप ऑनलाइन उपलब्ध विभिन्न मॉक टेस्ट और प्रश्न बैंक हल करें।

IBPS PO 2017 मुख्य परीक्षा के निबंध लेखन के टिप्स

निबंध का प्रारूप जानें

सभी उम्मीदवारों के लिए ये जानना ज़रूरी है कि निबंध लिखने का अर्थ ये नहीं कि मन में आने वाले हम विचार को आप वैसा ही पेपर पर उतार लें। निबंध में एक प्रवाह शामिल होता है जो कि परिचय से शुरू होता है अंत में तर्कों के साथ निष्कर्ष पर आकर समाप्त होता है।

यहां निबंध प्रारूप दिया जा रहा है, एक नज़र डालें

  1. परिचय
  2. पृष्ठभूमि / संबंधित इतिहास
  3. मुख्य कॉन्सेप्ट / सिद्धांत / विषयवस्तु
  4. वर्तमान परिदृश्य
  5. अच्छे पक्ष
  6. नकारात्मक पक्ष
  7. प्रस्तावित सुधार
  8. निष्कर्ष

बातों को गोल-गोल ना घुमाएं

परीक्षक आपके निबंधों में महत्वपूर्ण जानकारी खोजते हैं, तार्किक तथ्य और संवेदनशील निष्कर्ष खोजते हैं। बातों को गोल-गोल घुमाने से परीक्षक परेशान होते हैं और पूरे लिखे पर ध्यान भी नहीं देते। ये नियम बना लें कि प्रत्येक पंक्ति जो आप लिख रहे हों, वो अर्थपूर्ण हो और कुछ भी और कैसे भी विचारों को कागज़ पर नहीं उतार रहे हों।

तर्कपूर्ण सही संरचना

लेखन टिप्स के लिए सबसे महत्वपूर्ण विषय है कि विषयवस्तु को प्रवाहयुक्त प्रारूप में लिखें। विचारों को आगे पीछे लिखने से निबंध की सुंदरता समाप्त होती है। शुरूआत से लेकर अंत तक तार्किक बहाव होना चाहिए। निबंध को सुनियोजित पैराग्राफ़ में लिखना अच्छा विचार है।

दोहराएं नहीं

पेपर में कुछ भी दोहराएं नहीं, ये साधारण नियम है। प्रत्येक पैरा किसी एक बिंदु पर केंद्रित होना चाहिए। जब तक अति महत्वपूर्ण ना हो तब तक कोई भी तथ्य ना दोहराएं।

विषय से भटके नहीं

आप विषय से भटके कि परीक्षक की रुचि समाप्त। इसके अलावा, ये निबंध लिखने का सही तरीका नहीं है इससे आपके अंक जा सकते हैं।

लेखन के स्वर को लेकर सावधान रहें

एक निष्पक्ष नज़रिया और थोड़ा सा मानवीय चिंतन आपके लेखन को पढ़ने योग्य बना सकता है। अभद्र भाषा, बटरी भाषाओं से वाक्यों के अर्थ में अनर्थ हो सकता है और वे भ्रम फैला सकती हैं।

हम उम्मीद करते हैं कि इस लेख ने आपको IBPS PO मुख्य परीक्षा के वर्णात्मक पेपर के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की होगी।

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