एक उत्तम पाठ योजना कैसे बनाएं: सीखने और सिखाने की प्रक्रिया

एक उत्तम पाठ योजना कैसे बनाएं: सीखने-सिखाने की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण अंग है पाठ योजना। एक उचित क्लासरूम योजना, शिक्षकों को व्यवस्थित रखेगी जिससे वे ज़्यादा पढ़ा सकेंगे फलस्वरूप बच्चों को निश्चित उद्देश्य तक पहुंचने में आसानी होगी।CTET मॉक टेस्ट सीरीज 2018

टीचिंग उम्मीदवारों के लिए ये लेख बहुत आवश्यक है क्योंकि ये लेख सामान्य शिक्षण उद्देश्य, सीखने के उद्देश्य और इसे पूरा करने के तरीकों का रेखाचित्र खींचेगा।

 

एक उत्तम पाठ योजना कैसे बनाएं: तैयारी टिप्स के चरण

एक उचित पाठ योजना तैयार करने में समय, लगन और बच्चों की क्षमताओं को लेकर आपकी समझ अहम् भूमिका निभाती है। जितना तैयार शिक्षक होगा उतना ही पाठ में आने वाली अनअपेक्षित बाधाओं को वो अच्छे से निर्देशित करेगा। नीचे कुछ चरण दिए गए हैं जिनसे आप एक उचित पाठ योजना बना सकते हैं।

प्रत्येक चरण पर प्रश्नों का एक सेट है जिससे आपको सीखने और सिखाने की गतिविधियों का पता चल सके।

उद्देश्यों को रेखांकित करें

उद्देश्यों को रेखांकित करने से आप कक्षा में प्रवेश करने से पहले अपनी शिक्षण पद्धति पर व्यवस्थित ढंग से सोचते हैं। सबसे पहला चरण ये है कि आप क्या चाहते हैं कि आपके विद्यार्थी सीखें ताकि पाठ के अंत में उसे कर करें। कक्षा में प्रवेश करने से पहले निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर जान लें:

  • पाठ का विषय क्या है?
  • आप क्या चाहते हैं कि विद्यार्थी क्या सीखें?
  • आप क्या चाहते हैं जो वे समझें?
  • इस निश्चित पाठ से आप क्या चाहते हैं कि वे अपने में धारण करें?
  • कौन सी रणनीतियों के तहत् आप शिक्षण करेंगे?
  • यदि आपके पास पर्याप्त समय नहीं है तो किसे छोड़ा जा सकता है?

इन चरणों से आप कक्षा के समय का प्रबंधन कर सकेंगे और समय के अभाव के दबाव के बावजूद सीखने के उद्देश्यों के साथ न्याय कर सकेंगे।

आरंभ का विकास करें

बच्चों में रूचि और विचारशीलता को जागृत करने के लिए अपने विषय का परिचय रचनात्मक ढंग से दें। इन प्रश्नों पर विचार करें:

  • ये आप कैसे जांचेंगे कि बच्चों को विषय के बारे में कुछ पता है या नहीं?
  • विषय को लेकर सामान्य विचार क्या हैं जिससे बच्चे इसे समझ सकें?
  • विषय का परिचय देने के लिए आप क्या करेंगे?

आप बच्चों को व्यस्त रखने के लिए कई तरीकों का प्रयोग कर सकते हैं (उदा. वास्तविक ज़िंदगी के उदाहरण, वीडियोज़ आदि)।

मूल बात का स्पष्टीकरण देना

अधिक बच्चों का ध्यान केंद्रित करें और सीखने की विभिन्न शैलियों को अपनाएं। आप अपनी गतिविधियों और उदाहरणों को समझाने की जो योजना बनाएंगे, आकलन करें कि कितना समय प्रत्येक पर व्यय होगा। विस्तृत चर्चाओं और स्पष्टीकरण के लिए समय नियोजित करें लेकिन, दूसरी समस्या पर जाने के लिए तैयार रहें। साथ ही रणनीति पहचानें जिससे बच्चों को समझ आता हो।

  • आपके बच्चों के स्तर के आधार पर, आपको थोड़ा पीछे भी जाना पड़ सकता है। सोचें कि आपको कितना पीछे जाना होगा।
  • यदि आप बच्चों को सीधे ये बताते हैं कि वे क्या सीखने जा रहे हैं तो निश्चित ही ये आपके लिए उपयोगी होगा। यानि, उन्हें अपना उद्देश्य दीजिए। इससे वे कक्षा छोड़ते समय याद रखेंगे कि आज उन्होंने क्या सीखा?

बच्चे जो सीखें उसे प्रयोग में लाएं

अब जब बच्चों ने जानकारी प्राप्त कर ली है, तो अब आपको एक ऐसी गतिविधी करानी है जिसमें उन्होंने जो सीखा है उसे प्रयोग कर सकें। हालांकि, पहली बार में संभव नहीं है इसलिए पहले उन्हें प्रशिक्षण की गाड़ी में बिठाएं। वीडियो क्लिप, वर्कशीट, चित्र या गतिविधियों के बारे में सोचें। विभिन्न क्षमता के बच्चों पर विभिन्न प्रकार की गतिविधियां निश्चित करें।

समीक्षा

ये आप कैसे पता करेंगे कि बच्चे सीख रहे हैं? इसके लिए आपको उनकी सीख को जांचना होगा। उन प्रश्नों के बारे में सोचें जिससे आप उनकी समझ को जांच सकते हैं, उन्हें लिखें और उनकी संक्षिप्त व्याख्या कर लें ताकि आप विभिन्न तरीके से प्रश्न पूछने के लिए तैयार हो जाएं। यदि बच्चे नहीं समझ पा रहे तो जानकारी पर वापस जाएं।

निष्कर्ष और पूर्वावलोकन का विकास करें

कक्षा में पढ़ाई गई सामग्री को देखें और पाठ के महत्वपूर्ण बिंदु का सार तैयार करें। आप बच्चो की मदद ले सकते हैं या आप सभी विद्यार्थियों से एक पेपर पर सीखा सबकुछ लिखने को कह सकते हैं। आप बच्चों की समझ को समझने के लिए उनके उत्तरों का सहारा ले सकते हैं फिर वो समझाएं जो बच्चों को समझ ना आया हो।

पाठ के सार के अलावा अगले पाठ के पूर्वावलोकन के साथ पाठ समाप्त करें। इस पूर्वावलोकन से बच्चों की रुचि में इजाफ़ा होगा और अलग-अलग विचारों से जुड़कर वृहद सोच के साथ जुड़ सकेंगे।

प्लान बी तैयार रखें

आपके टिचिंग करियर में आप ऐसे भी दिन देखेंगे जहां आपकी योजना  फीकी पड़ सकती है और आप नि:शब्द रह जाएंगे। कुछ ऐसे भी दिन होंगे जब टेस्ट आगे-पीछे हो सकते हैं, आधी ही क्लास आई है, या आपने जो गतिविधि सोची थी वो संभव नहीं है। यदि ऐसी परिस्थितियां आएं तो आपके पास एक बैक-अप प्लान होना चाहिए।

क्यों तैयार करें पाठ की योजना?

  • प्रभावी शिक्षण के लिए एक सुसंगत ढांचा तैयार करना।
  • इससे शिक्षक व्यवस्थित होता है।
  • सिलेबस के संबंध में दिशा प्रदान करता है।
  • पाठ पढ़ाते समय शिक्षक को अधिक विश्वास देता है।
  • भविष्य की योजना तैयार करने में उपयोगी आधार प्रदान करता है।
  • विभिन्न बच्चों के लिए शिक्षक को योजना बनाने में मदद करता है।
  • एक प्रमाण है कि शिक्षक ने पढ़ाने के लिए उचित औऱ पर्याप्त प्रयास किए हैं।

प्रभावी होने के लिए, पाठ योजना को एक थकाऊ दस्तावेज़ होने की ज़रूरत नहीं है जिसमें कक्षा के प्रत्येक परिदृश्य के बारे में लिखा हो। ना ही पहले से ही प्रत्येक उत्तर और प्रश्न के बारे में सोचना ज़रूरी है। इसके विपरीत पाठ योजना से आपको अपने शिक्षण उद्देश्यों, सीखने के उद्देश्यों और उन्हें पूरा करने के तरीकों की जानकारी होनी चाहिए। ये एक अलार्म है जो कि आपको याद दिलाएगा कि आपको क्या और कैसे करना है। एक उत्पादक पाठ वो है जिसमें सबकुछ वैसा नहीं होता जैसा प्लान किया जाता है बल्कि जिसमें शिक्षक और विद्यार्थी दोनों ही एक-दूसरे से सीखते हैं।

यहां हम एक उत्तम पाठ योजना पर इस लेख को विराम देते हैं। उम्मीद करते हैं कि आपने कुछ नया सीखा होगा।

अब प्रत्येक परीक्षा के लिए अलग-अलग टेस्ट पैकेज खरीदने की कोई जरुरत नहीं है। सिर्फ 499 रुपये में TyariPLUS की सदस्यता लें और अनलिमिटेड मॉक टेस्ट्स पाएं। अपने मजबूत पक्ष, कमजोर पक्ष और सुधार क्षेत्रों को जानने के लिए फ्री मॉक टेस्ट दें और प्रत्येक टेस्ट देने  के बाद गहन विश्लेषण रिपोर्ट के साथ अपने लिए व्यक्तिगत प्रतिक्रियाएं और टेस्ट में सम्मिलित हुए छात्रों के मध्य रैंकिंग तुरंत प्राप्त करें।
Online TyariPLUS : Join Now !

टीचर भर्ती परीक्षा 2018 के संबंध में और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए हमसे जुड़े रहें। शिक्षण परीक्षाओं में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए सर्वश्रेष्ठ शिक्षण परीक्षा तैयारी ऐप नि:शुल्क डाउनलोड करें।

Best Government Exam Preparation App OnlineTyari

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.