UKPSC लोअर अधीनस्थ सेवा के लिए सिलेबस एवं परीक्षा पैटर्न 2016

UKPSC लोअर अधीनस्थ सेवा के लिए सिलेबस एवं परीक्षा पैटर्न 2016: उत्तराखण्ड लोअर अधीनस्थ सेवा में विभिन्न विभागो में नायब तहसीलदार, पूर्ति निरीक्षक, कर अधिकारी, यात्रीकर अधीक्षक पदों के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है। उत्तराखण्ड में सरकारी नौकरी की इच्छा रखने वालों के लिए सुनहरा मौका है।

इच्छुक छात्र जो योग्यता शर्तों को पूरा करते हैं अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा तिथि की घोषणा अभी नहीं की गयी है, लेकिन आपको इसकी तैयारी शुरू कर देनी चाहिए क्यूंकि इसका सिलेबस जारी कर दी गयी है।

इस लेख में, हम UKPSC लोअर अधीनस्थ परीक्षा सिलेबस एवं परीक्षा पैटर्न 2016 से सम्बंधित सभी प्रासंगिक जानकारी को साझा करेंगे।

UKPSC लोअर अधीनस्थ परीक्षा पैटर्न 2016

UKPSC लोअर अधीनस्थ परीक्षा तीन चरणों में ली जाएगी अर्थात् प्रारम्भिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार। UKPSC लोअर अधीनस्थ परीक्षा के तीनों चरणों में प्रदर्शन के आधार पर उम्मीदवार का चयन किया जाएगा।

चरण 1: प्रारम्भिक परीक्षा

प्रारंभिक परीक्षा एक पेपर की होती है जिसकी जानकारी नीचे टेबल में दी गयी है। यह पेपर बहुविकल्पीय वस्तुनिष्ठ प्रकार का एवं अधिकतम 150 अंकों का होता है। इस परीक्षा का मकसद सिर्फ स्क्रीनिंग टेस्ट होता है अर्थात इसके द्वारा मुख्य परीक्षा के लिए छात्रों का चुनाव किया जाता है।

 

विषय

अधिकतम अंक

प्रश्नों की संख्या

सामान्य अध्ययन

150

150

  

  • परीक्षा का कुल समय 2 घंटा होता है।
  • प्रश्न-पत्र का स्तर स्नातक स्तरीय होता है।

वे सभी जो प्रारंभिक परीक्षा में सफल होते हैं उन्हें मुख्य परीक्षा देना होता है। प्रारंभिक परीक्षा में प्राप्त अंकों की गणना अंतिम चुनाव के लिए नहीं किया जाता है।

चरण 2: मुख्य परीक्षा

मुख्य परीक्षा में 2 पेपर होते हैं अर्थात सामान्य अध्ययन तथा निबंध एवं आलेखन (essay  & drafting)। पेपर कुल 400 अंकों का एवं वर्णात्मक प्रकार का होता है। पेपर 2 में कम-से-कम 35% अंक प्राप्त करना आवश्यक होता है।

  

पेपर

विषय अधिकतम अंक

प्रश्नों की संख्या

पेपर-1

सामान्य अध्ययन 200 20
पेपर- 2 निबंध एवं आलेखन 200

05

  

  • सामान्य अध्ययन का प्रत्येक प्रश्न 10 अंकों का होता है।
  • प्रत्येक पेपर के लिए कुल समय 3 घंटे का होता है।
  • मुख्य परीक्षा के अंकों की गणना मेरिट लिस्ट के लिए की जाती है।

वे सभी छात्र जो न्यूनतम अर्हक अंक प्राप्त करता है वो अंतिम चरण अर्थात साक्षात्कार के योग्य होता है।

चरण 3: साक्षात्कार

वे छात्र जो मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करते हैं उन्हें अंतिम चरण साक्षात्कार में उपस्थित होना पड़ता है। यह अधिकतम 50 अंकों का होता है। वे छात्र जो दोनों परीक्षाओं, मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार, में न्यूनतम अर्हक अंक प्राप्त कर लेते हैं वांछित पदों के लिए चयनित किये जाते हैं।

अब हम UKPSC लोअर अधीनस्थ परीक्षा के सभी चरणों के सिलेबस की जानकारी के लिए UKPSC लोअर अधीनस्थ परीक्षा सिलेबस विस्तृत चर्चा करते हैं।

UKPSC लोअर अधीनस्थ परीक्षा सिलेबस 2016

UKPSC लोअर अधीनस्थ परीक्षा सिलेबस का सभी टॉपिक सब-टॉपिक्स में विभाजित हैं। इस परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए आपको सभी टॉपिक्स की तैयारी अत्यंत समर्पण के साथ करने की आवश्यकता है। आइये, UKPSC लोअर अधीनस्थ परीक्षा के दोनों चरणों के सिलेबस पर नज़र डालते हैं।

UKPSC लोअर अधीनस्थ सेवा की प्रारम्भिक परीक्षा के लिए सिलेबस

UKPSC लोअर अधीनस्थ परीक्षा में केवल एक पेपर शामिल है लेकिन इसका सिलेबस बहुत विशाल है।

1. सामान्य विज्ञान एवं कंप्यूटर ज्ञान

प्रतिदिन के अवलोकन एवं अनुभव (observation and experience) के साथ-साथ विज्ञान एवं कंप्यूटर की सामान्य जानकारी एवं उनके उपयोग का ज्ञान।

2. भारतीय इतिहास एवं भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन

प्राचीन, मध्यकालीन एवं आधुनिक भारत की राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक पहलू एवं भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन, राष्ट्रवाद का उदय एवं स्वतंत्रता की प्राप्ति पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं।

3. भारतीय राजव्यस्था एवं अर्थव्यस्था

भारतीय राजव्यवस्था, संविधान, पंचायती राज तथा सामुदायिक विकास, भारतीय अर्थव्यवस्था एवं योजना के विस्तृत लक्षणों पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं।

4. भारत का भूगोल एवं जनसांख्यिकी

भारत के भौगोलिक, पारिस्थितिक और सामाजिक-आर्थिक पहलू एवं जनसांख्यिकी पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं।

5. समसामयिक घटनाएं

राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, उत्तराखण्ड राज्य एवं खेलकूद के महत्वपूर्ण समसामयिक घटनाओं पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं।

6. उत्तराखण्ड का इतिहास

प्राचीन काल (प्रारंभ से 1200AD); मध्यकालीन काल (1200 AD से 1815 AD तक); महत्वपूर्ण वंश एवं उनके उपलब्धियाँ; गोरखा आक्रमण एवं प्रशासन, ब्रिटिश राज, टिहरी रियासत एवं इनका प्रशासन, भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन में उत्तराखण्ड की भूमिका एवं सम्बंधित विख्यात हस्तियाँ; ऐतिहासिक स्थल एवं स्मारक; उत्तराखण्ड के गठन के लिए आन्दोलन, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र विशेषतः सशत्र बलों में उत्तराखण्ड के लोगों का योगदान, विभिन्न सामाजिक सुधर आंदोलन एवं उत्तराखण्ड के SC, ST, बच्चों, अल्पसंख्यकों और औरतों के लिए विभिन्न कल्याण कार्यक्रमों पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं।

7. उत्तराखण्ड की संस्कृति

जातियां एवं जनजातियां, धर्म एवं लोक विश्वास, साहित्य एवं लोक साहित्य, परम्पराएं एवं रीति-रिवाज, वेश-भूषा एवं आभूषण, मेले एवं त्यौहार, खान-पान, कला एवं शिल्प, नृत्य, गायन, वाद्य यंत्र, प्रमुख पर्यटन-स्थल, महत्वपूर्ण खेलकूद, प्रतियोगिताएं एवं पुरस्कार, उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध लेखक एवं कवि तथा उनका हिन्दी-साहित्य एवं लोक-साहित्य में योगदान, उत्तराखण्ड शासन द्वारा संस्कृति के विकास हेतु उठाए गए कदम।

8. उत्तराखण्ड का भूगोल एवं जनांकिकी

भौगोलिक स्थिति । उत्तराखण्ड हिमालय की प्रमुख विशेषताएं। उत्तराखण्ड में नदियां, पर्वत, जलवायु, वन संसाधन एवं बागवानी। प्रमुख फसलें एवं फसल चक्र। सिंचाई के साधन। कृषि जोतें। प्राकृतिक एवं मानव जनित आपदायें एवं आपदा प्रबन्धन। जल संकट और जलागम प्रबन्धन। दूरस्थ क्षेत्रों की समस्याऐं। पर्यावरण एवं पर्यावरणीय आन्दोलन। जैव विविधता एवं इसका संरक्षण। उत्तराखण्ड की जनसंख्याः वर्गीकरण, घनत्व, लिंगानुपात, साक्षरता एवं जनसंख्या पलायन।

9. उत्तराखण्ड का आर्थिक, राजनीतिक व प्रशासनिक परिवेश

राजनीतिक एवं प्रशासनिक परिवेशः- उत्तराखण्ड में गठित सरकारें एवं उनकी नीतियां, राज्य की विभिन्न प्रकार की सेवाएं,  प्रदेश की राजनैतिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था, पंचायती-राज, सामुदायिक विकास तथा सहकारिता।

प्रशासनिक व्यवस्था की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि:- गोरखा एवं ब्रिटिश शासन काल में भूमि सम्बन्धी व्यवस्थाएँ- जिला भूमि प्रबन्धन (थोकदारी, वन पंचायतें, सिविल एवं सोयम वन केशर हिन्द (बेनाप भूमि) नजूल, नयाबाद बन्दोबस्त)। आधुनिक काल- उत्तर प्रदेश एवं कुमाऊं – उत्तराखण्ड जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम लागू होने के बाद भूमि-सुधार, लैंड टेन्योर में परिवर्तन, लगान वसूली व्यवस्था। राजस्व पुलिस-व्यवस्था।

आर्थिक परिवेशः- सीमान्त जनपदों का प्राचीन काल में तिब्बत से व्यापार एवं व्यापार की वर्तमान स्थिति, स्थानीय कृषि, पशुपालन, कृषि जोतों की अलाभकर स्थिति व चकबंदी की आवश्यकता, बेगार तथा डडवार प्रथा।

10. आर्थिक व प्राकृतिक संसाधन

  • मानव संसाधन, प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था एवं प्रमुख शिक्षण संस्थान; वन, जल, जडी-बूटी, कृषि, पशुधन, जल-विद्युत, खनिज, पर्यटन, उद्योग (लघु व ग्रामीण) संसाधनों के उपयोग की स्थिति।
  • उत्तराखण्ड में गरीबी व बेरोजगारी, उन्मूलन व आर्थिक विकास की दिशा में चलाई जा रही विभिन्न योजनाएँ/आर्थिक क्रियाएं एवं इनका राज्य जी। डी। पी। में योगदान, उत्तराखण्ड में विकास की प्राथमिकतायें व नियोजन की नवीन रणनीति तथा समस्याएँ। उत्तराखण्ड में विपणन की सुविधाएं तथा कृषि मन्डियां, उत्तराखण्ड के बजट की प्रमुख विशेषताएँ।

11. सामान्य बुद्धिमता

 इसके अन्तर्गत प्रश्न सामान्य बुद्धिमता से संबंधित जैसे शाब्दिक और गैर-शाब्दिक दोनों प्रकार के प्रश्न होंगें और इसमें सादृश्यों, समानताओं तथा अंतरों, स्थानिक कल्पना, समस्या, समाधान, विश्लेषण, निर्णय लेना, दृश्य स्मृति, विभेद, अवलोकन, संबंध अवधारणा, अंकगणितीय तर्क, शाब्दिक एवं चित्रात्मक वर्गीकरण, अंकगणितीय संख्या श्रृंखला आदि सम्मिलित होंगें। इसमें अभ्यर्थी की योग्यता का सामान्य विचार और संकेत और उनके संबंध, अंकगणितीय गणना तथा अन्य विश्लेषणात्मक कार्य आदि के प्रश्न भी शामिल होंगें।

UKPSC लोअर अधीनस्थ सेवा की मुख्य परीक्षा के लिए सिलेबस

UKPSC लोअर अधीनस्थ मुख्य परीक्षा में 2 पेपर होंगे अर्थात सामान्य अध्ययन, निबंध एवं आलेखन। सामान्य अध्ययन में कुल प्रश्नों की संख्या 20 होगी एवं निबंध एवं आलेखन में 5 प्रश्न होंगे।  दोनों पेपर का सिलेबस निम्नलिखित है –

1. अन्तर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं राज्य के महत्व की समसामयिक घटनाएं

इसके अन्तर्गत राष्ट्रीय महत्व की घटनाएं जैसे- गठबंधन सरकार व्यवस्था, आर्थिक उदारीकरण, आर्थिक मंदी, क्षेत्रीय अतिवाद तथा पृथकतावादी आन्दोलन, नक्सलवाद, माओवाद, सलवा जुडम, राष्ट्रीय सुरक्षा, आन्तरिक सुरक्षा, सामुदायिक सौहार्द्र और अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य में जैसे नाभिकीय नीति-मुद्दे एवं विवाद; भुमण्डलीकरण का विकासशील देशों की सामाजिक-आर्थिक परिस्थतियों पर प्रभाव एवं वैश्विक खाद्य संकट सम्मिलित होंगे।

2. खेल-कूद

विश्व, भारत एवं उत्तराखण्ड के महत्वपूर्ण खेलकुद, प्रतियोगिताएं, पुरुस्कार एवं सम्बन्धित व्यक्तियों पर आधारित प्रश्न होंगे।

3. भारत का इतिहास

भारत के प्राचीन, मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास के अन्तर्गत भारत के राजनैतिक, सामाजिक, आर्थिक तथा सांस्कृतिक पक्षों की जानकारी; भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन, राष्ट्रवाद का विकास एवं स्वतंत्रता की प्राप्ति।

4. भारतीय संविधान का आधारभूत ज्ञान

इसके अन्तर्गत भारतीय संविधान पर आधारित ऐसे प्रश्न होंगे जिनकी किसी ऐसे शिक्षित व्यक्ति से अपेक्षा की जा सकती है जिसने कभी संविधान का विशेष अध्यन न किया हो। सूचना का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, बौद्धिक सम्पदा का अधिकार  और उपभोक्ता संरक्षण अधिकार, समाज के निर्बल एवं अल्पसंख्यक समुदाय के लिये बनाये गये विभिन्न कानून तथा कल्याणकारी कार्यक्रम एवं उनके उत्थान हेतु विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य आयोग से सम्बन्धित प्रश्न भी होंगे।

5. भारतीय राज्यव्यवस्था और अर्थव्यवस्था

 इसके अन्तर्गत भारतीय राजनैतिक व्यवस्था, पंचायती राज एवं सामुदायिक विकास, भारतीय अर्थव्यवस्था एवं योजना की विशिष्टिताओं की व्यापक समझ से सम्बन्धित प्रश्न होंगे।

6. भारत का भूगोल एवं जनांकिकी

 इसके अन्तर्गत भारत के भौगोलिक, पारिस्थितिकीय, सामाजिक, आर्थिक एवं जनांकिकीय पहलुओं की समझ से संबन्धित प्रश्न होंगे।

7. सामान्य विज्ञान एवं पर्यावरण

 सामान्य विज्ञान एवं पर्यावरण के अन्तर्गत विज्ञान एवं पर्यावरण की समझ एवं अनुप्रयोग जिसमें दैनिक जीवन के प्रेक्षण एवं अनुभव पर ऐसे प्रश्न होंगे, जिसकी किसी भी ऐसे शिक्षित व्यक्ति से अपेक्षा की जा सकती है जिसने विज्ञान की किसी भी शाखा का विशेष अध्ययन नहीं किया हो। वैश्विक पर्यावरणीय समस्यायें एवं समाधान, मानव के शारीरिक विकास हेतु पोषणीय आवश्यकताएं, अनुवांशिक अभियंत्रण के मानवहित में अनुप्रयोग, पशु, पक्षी एवं पादपों के रोग तथा इनकी रोकथाम।

8. भारतीय कृषि

इसके अनतर्गत फसलों, श्वेत, पीत एवं हरित क्रांति, कृषि उत्पादन तथा इसका भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था में योगदान, सेज, कृषि के क्षेत्र में नैनो एवं बायोप्रौद्योगिकी का उपयोग, भारतीय किसानों की समस्यायें एवं भूमि सुधार पर आधारित प्रश्न होंगे।

9. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

इस भाग में उम्मीदवारों के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सूचना एवं अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के क्षेत्र में विकास तथा कम्प्यूटर सम्बन्धी आधारभूत ज्ञान तथा साइबर अपराध के ज्ञान का परीक्षण होगा।

10. उत्तराखण्ड का इतिहास

उत्तराखण्ड की ऐतिहासिक पृष्ठभूमिः प्राचीनकाल (आरम्भ से 1200 ई। तक); मध्यकाल (1200 से 1815 ई। तक); प्रभावशाली राजवंश एवं उनकी उपलब्धियाँ, गोरखा आक्रमण एवं शासन, ब्रिटिश शासन, टिहरी रियासत एवं उसकी शासन व्यवस्था, स्वतंत्रता आन्दोलन में उत्तराखण्ड की भूमिका और इससे सम्बन्धित प्रमुख विभूतियाँ, प्रमुख ऐतिहासिक स्थल एवं स्मारक, उत्तराखण्ड राज्य निर्माण आन्दोलन, उत्तराखण्ड के लोगों का राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय क्षेत्रों में, विशेष रूप से सशस्त्र बलों में योगदान; विभिन्न समाज सुधार आन्दोलन तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, बच्चों, दलितों एवं महिलाओं हेतु उत्तराखण्ड शासन के विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रम।

11. उत्तराखण्ड की संस्कृति

जातियां एवं जनजातियां, धर्म एवं लोक विश्वास, साहित्य, लोकसाहित्य, परम्पराएं एवं रीति-रिवाज, वेश-भूषा एवं आभूषण, मेले एवं त्यौहार, खान-पान, कला शिल्प; नृत्य, गायन एवं वाद्य यंत्र, प्रमुख पर्यटन-स्थल, महत्वपूर्ण  खेलकूद, प्रतियोगिताएं एवं पुरस्कार, उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध लेखक एवं कवि तथा उनका हिन्दी-साहित्य एवं लोक-साहित्य में योगदान, उत्तराखण्ड शासन द्वारा संस्कृति के विकास हेतु उठाए गए कदम।

12. उत्तराखण्ड का भूगोल एवं जनांकिकी

भौगोलिक स्थिति। उत्तराखण्ड हिमालय की प्रमुख विशेषताएं। उत्तराखण्ड में नदियां, पर्वत, जलवायु, वन संसाधन एवं बागवानी। प्रमुख फसलें एवं फसल चक्र। सिंचाई के साधन। कृषि जोतें। प्राकृतिक एवं मानव जनित आपदायें एवं आपदा प्रबन्धन। जल संकट और जलागम प्रबन्धन। दूरस्थ क्षेत्रों की समस्याऐं। पर्यावरण एवं पर्यावरणीय आन्दोलन। जैव विविधता एवं इसका संरक्षण। उत्तराखण्ड की जनसंख्याः वर्गीकरण, घनत्व, लिंगानुपात, साक्षरता एवं जनसंख्या पलायन।

13. उत्तराखण्ड का आर्थिक, राजनीतिक व प्रशासनिक परिवेश

  • राजनीतिक एवं प्रशासनिक परिवेशः- उत्तराखण्ड में गठित सरकारें एवं उनकी नीतियाँ, राज्य की विभिन्न प्रकार की सेवाएं, प्रदेश की राजनैतिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था, पंचायती-राज, सामुदायिक विकास तथा सहकारिता।
  • प्रशासनिक व्यवस्था की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि:- गोरखा एवं ब्रिटिश शासनकाल में भूमि सम्बन्धी व्यवस्थाएँ- जिला भूमि प्रबन्धन (थोकदारी, वन पंचायतें, सिविल एवं सोयम वन केशर हिन्द (बेनाप भूमि) नजूल, नयाबाद बन्दोबस्त)। आधुनिक काल- उत्तर प्रदेश एवं कुमाऊँ-उत्तराखण्ड जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम लागू होने के बाद भूमि-सुधार, लैंड टैन्योर में परिवर्तन, लगान वसूली व्यवस्था। राजस्व पुलिस-व्यवस्था।
  • आर्थिक परिवेशः- सीमान्त जनपदों का प्राचीन काल में तिब्बत से व्यापार एवं व्यापार की वर्तमान स्थिति, स्थानीय कृषि, पशुपालन, कृषि जोतों की अलाभकर स्थिति व चकबंदी की आवश्यकता, बेगार तथा डडवार प्रथा।

14. आर्थिक व प्राकृतिक संसाधन

  • मानव संसाधन, प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था एवं प्रमुख शिक्षण संस्थान; वन, जल, जडी-बूटी, कृषि, पशुधन, जल-विद्युत, खनिज, पर्यटन, उद्योग (लघु व ग्रामीण) संसाधनों के उपयोग की स्थिति।
  • उत्तराखण्ड में गरीबी व बेरोजगारी, उन्मूलन व आर्थिक विकास की दिशा में चलाई जा रही विभिन्न योजनाएँ/ आर्थिक क्रियाएं एवं इनका राज्य जी। डी। पी। में योगदान, उत्तराखण्ड में विकास की प्राथमिकतायें व नियोजन की नवीन रणनीति तथा समस्याएं। उत्तराखण्ड में विपणन की सुविधाएं तथा कृषि मन्डियां, उत्तराखण्ड के बजट की प्रमुख विशेषताएँ।

15. सांख्यिकीय विश्लेषण, आलेख एवं रेखाचित्र

 इस भाग में अभ्यर्थी की सांख्यिकीय आलेखों एवं रेखा चित्रों के रूप में प्रस्तुत सूचना से निष्कर्ष निकालने और उनका निर्वचन करने की योग्यता का परीक्षण होगा।

हम उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपको UKPSC राज्य अवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा 2016 के सिलेबस एवं परीक्षा पैटर्न का उपयोगी विश्लेषण प्रदान करेगा।

UKPSC राज्य अवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा 2016 के संबंध में और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए हमसे जुड़े रहें। राज्य परीक्षाओं में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए, सर्वश्रेष्ठ राज्य परीक्षा तैयारी ऐप नि:शुल्क डाउनलोड करें।

Best-Exam-Preparation-App-OnlineTyari

अगर अभी भी आपके मन में किसी प्रकार की कोई शंका या कोई प्रश्न है तो कृपया नीचे दिए गए कॉमेंट सेक्शन में उसका ज़िक्र करें और बेहतर प्रतिक्रिया के लिए, OnlineTyari Community पर अपने प्रश्नों को हमसे साझा करें।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.