MPPSC मुख्य परीक्षा का जनरल स्टडीज़ पेपर-1: विचार करने योग्य महत्वपूर्ण बिंदु

MPPSC राज्य सेवा परीक्षा, मध्य प्रदेश में उम्मीदवारों के लिए सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक है। UPSC CSE परीक्षा के नक्शेक़दम पर चलते हुए MPPSC मुख्य परीक्षा की जनरल स्टडीज़ परीक्षा सबसे मुश्किल लिखित परीक्षाओं में से एक है जिसका सामना हर उम्मीदवार को करना पड़ता है।

अब कठिन का मतलब सिर्फ़ मुश्किल प्रश्नों से नहीं है। हर उम्मीदवार को इस कठिन परीक्षा के लिए ख़ुद को तैयार करना पड़ता है जिसके लिए कड़ी मेहनत भी करनी पड़ती है।  इसी बात को एक कहावत अपने शब्दों के माध्यम से इस प्रकार सार्थक करती है, “कुछ भी जो इस आकाश के नीचे आता है वो सब PCS परीक्षा के सिलेबस में शामिल है”। इस बात से स्पष्ट है कि सिलेबस बहुत व्यापक स्तर का है, हम यहां प्रतियोगिता का उल्लेख नहीं  कर रहे हैं।

MPPSC मुख्य परीक्षा स्कीम

यदि आप ख़ुद को इस MPPSC प्रारंभिक परीक्षा से अवगत कराना चाहते हैं तो इस लिंक पर जाएं। MPPSC मुख्य परीक्षा के जनरल स्टडीज़ की परीक्षा रणनीति और उसके सिलेबस पर बात करने से पहले आइये पहले हम परीक्षा पैटर्न पर एक नज़र डालते हैं जिसका पालन ध्यानपूर्क किया जाना चाहिए।

MPPSC मुख्य परीक्षा में लिखित परीक्षा के साथ-साथ साक्षात्कार भी शामिल होगा। 

लिखित परीक्षा में सात पेपर होंगे जिनमें पारंपरिक निबंध प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे।

अनिवार्य पेपर

पेपर – 1 जनरल स्टडीज़ 3 घंटे 300 अंक
पेपर – 2 जनरल स्टडीज़ 3 घंटे 300 अंक
पेपर – 3 जनरल हिंदी 3 घंटे 300 अंक

वैकल्पिक पेपर

  • वैकल्पिक विषयों की सूची से कोई भी दो विषयों का चयन करना है।
  • प्रत्येक विषय के दो पेपर होंगे अर्थात कुल 4 पेपर।
  • प्रत्येक पेपर के लिए 3 घंटे का समय दिया जाएगा।
  • प्रत्येक पेपर 300 अंकों का होगा।

MPPSC मुख्य परीक्षा के जनरल स्टडीज़ पेपर-1 का सिलेबस

अब हम MPPSC मुख्य जनरल स्टडीज़ की ओर बढ़ते हैं। नीचे कुछ विषय दिए गए हैं जिनसे परीक्षा में प्रश्न पूछे जा सकते हैं। यह ज़रूरी है कि आपको हर एक विषय का सम्पूर्ण ज्ञान हो।

आधुनिक भारत का इतिहास और भारतीय संस्कृति

आधुनिक भारत के इतिहास में 19वीं सदी के मध्य से देश का इतिहास शामिल होगा और साथ ही उन महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों के बारे में पूछा जाएगा जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन और सामाजिक सुधारों को आकार दिया। भारतीय संस्कृति से संबंधित हिस्सा प्राचीन से लेकर आधुनिक भारतीय संस्कृति के सभी पहलुओं को कवर करेगा।

भारत का भूगोल

इस हिस्से में भारत के भौतिक, आर्थिक और सामाजिक भूगोल से प्रश्न किए जाएंगे।

भारतीय राजनीति

इस हिस्से में भारत के संविधान, राजनीतिक व्यवस्था, भारतीय प्रशासनिक प्रणाली और संबंधित मामलों से प्रश्न पूछे जाएंगे।

वर्तमान राष्ट्रीय मुद्दे

यह भाग वर्तमान राष्ट्रीय मामलों पर उम्मीदवार की जागरूकता का परीक्षण करने के लिए है।

अंतर्राष्ट्रीय मामले और संस्थाएं

इस भाग में दुनिया के मामलों और अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं की घटनाओं से प्रश्न पूछे जाते हैं।

भारतीय अर्थव्यवस्था

इस हिस्से में, भारत में आर्थिक विकास और योजना, आर्थिक और व्यापार के मुद्दे, विदेश व्यापार और I.M.F., विश्व बैंक, A.D.B., W.T.O. की भूमिका व उनकी कार्यप्रणाली पर प्रश्न पूछे जाएंगे।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी, संचार और अंतरिक्ष के क्षेत्र में होने वाले विकास

इस हिस्से में उम्मीदवार का विज्ञान और प्रौद्योगिकी, संचार और अंतरिक्ष के साथ-साथ कम्प्यूटर के विषय में बुनियादी जानकारी का परीक्षण किया जाएगा।

भारत और विश्व

यह भाग विभिन्न क्षेत्रों में विश्व के साथ भारत के संबंधों पर उम्मीदवार की जागरूकता का परीक्षण करने के लिए है, जैसे – विश्व के संदर्भ में भारत की भूमिका, विदेश के मामलों, परमाणु नीति और बाह्य सुरक्षा और संबंधित मामले।

स्पोर्ट्स

इस भाग में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गेम्स और स्पोर्ट्स पर उम्मीदवारों की जागरूकता का परीक्षण करने वाले प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमें भारत के संदर्भ में पुरस्कार और हस्तियों से संबंधित प्रश्न भी पूछे जाएंगे।

भारतीय कृषि

इस भाग में फ़सलों, श्वेत क्रांति, हरित क्रांति, कृषि उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास पर इसके प्रभाव के प्रति जागरूकता का परीक्षण किया जाएगा।

विधेयक और अधिनियम

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) 1989 और नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम 1955 (1955 का सं. 22)।

सरकारी अधिसूचना के अनुसार, MPPSC परीक्षा का GS पेपर-1 देने के लिए उम्मीदवारों को इन विषयों पर महारत हासिल करनी होगी।

MPPSC मुख्य परीक्षा 2016 के जनरल स्टडीज़ पेपर -1 के प्रमुख बिंदु

MPPSC मुख्य परीक्षा के जनरल स्टडीज़ के पिछले 5 वर्षों के पेपर में स्पष्ट रूप से परीक्षा की MPPSC स्कीम में अस्पष्टता देखी जा सकती है। कभी कभार ऐसे भी प्रश्न पूछ लिए जाते हैं जिनका सिलेबस में कोई उल्लेख नहीं होता। उदाहरण के लिएःसिलेबस के अनुसार इतिहास में आपको “आधुनिक भारत का इतिहास और भारतीय संस्कृति” पर ध्यान केंद्रित करना है लेकिन आश्चर्यचकित ना हों यदि एक-दो प्रश्न रूसी क्रांति से भी पूछ लिए जाएं।

निम्नलिखित बिंदुओं से MPPSC मुख्य परीक्षा के जनरल स्टडीज़ पेपर-1 का पैटर्न समझा जा सकता है।

  • पेपर में कुल 5 प्रश्न पूछे जाएंगे और प्रत्येक प्रश्न 60 अंकों का होगा। प्रत्येक प्रश्न की अलग संरचना है।
  • पहला प्रश्न मूल रूप से 3 बिंदुओं का सूचक होगा। यहां कुल मिलाकर 20 अनुभागीय प्रश्न पूछे जाएंगे और प्रत्येक प्रश्न 3 अंकों का होगा, जिनका आपको एक-दो पंक्तियों में स्पष्ट उत्तर देना होगा।
  • दूसरा प्रश्न 10 बिंदुओं का सूचक होगा। यहां कुल मिलाकर 6 प्रश्न पूछे जाएंगे जिनका उत्तर लगभग 100 शब्दों में देना होगा।
  • तीसरे प्रश्न में 4 भाग होंगे और प्रत्येक प्रश्न 15 अंकों का होगा। प्रत्येक भाग का उत्तर लगभग 150 शब्दों में देना होगा।
  • चौथे प्रश्न को 3 भागों में तैयार किया गया है और प्रत्येक भाग 20 अंकों का होगा। प्रत्येक भाग का उत्तर 200 शब्दों के साथ कथा के रूप में देना होगा।
  • 60 अंकों का अंतिम प्रश्न एक निबंध लेखन जैसा अधिक होगा। कुछ का कहना है कि यह प्रश्न GS पेपर-1 का निर्णायक प्रश्न साबित होता है। यहां आपको अपनी लेखन कुशलताओं का प्रदर्शन करना है। इस प्रश्न का आदर्श जवाब देने के लिए आप शब्द सीमा भी पूछ सकते हैं। जहां तक हमारे विश्लेषण का सवाल है तो, यदि श्री A ने 600 शब्दों में उत्तर दिया है लेकिन श्री B ने 800 शब्दों में उत्तर दिया है तो संभावना है कि श्री B बेहतर स्कोर करेंगे।

इन चुनौतियों के बावजूद MPPSC मुख्य परीक्षा का जनरल स्टडीज़ पेपर-1 एक ऐसा पेपर है जिसका सिर्फ़ अनुमान भर ही लगाया जा सकता है। पिछले वर्षों के पेपर देखने के बाद आप पेपर के पैटर्न का अनुमान लगा सकते हैं।

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