IAS मुख्य परीक्षा के लिए वैकल्पिक विषय ‘दर्शनशास्त्र’ की तैयारी कैसे करें

IAS मुख्य परीक्षा के लिए वैकल्पिक विषय ‘दर्शनशास्त्र’ की तैयारी कैसे करें: लाखों छात्र हर वर्ष सिविल सेवा की परीक्षा में भाग लेते हैं जिसका आयोजन संघ लोक सेवा आयोग करता है। इस वर्ष इस परीक्षा का आयोजन 7 अगस्त 2016 को किया गया। परीक्षा का परिणाम आना अभी बाकी है। सभी छात्रों को अब IAS की मुख्य परीक्षा की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।

उपयुक्त वैकल्पिक विषय के चयन का निर्णय करना बहुत ही कठिन होता है जबकि यह चयन IAS परीक्षा पेपर के अंकन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वैकल्पिक विषय का चयन बहुत ही समझदारी के साथ इस प्रकार करना चाहिए की आप इसके सम्पूर्ण पाठ्यक्रम को सामान्य अध्ययन के साथ कवर कर लें। दर्शनशास्त्र, सिविल सेवा के छात्रों के लोकप्रिय विषयों में से एक है।

पिछले लेखों की तरह इस लेख में हम आपको आनेवाली IAS मुख्य परीक्षा में दर्शनशास्त्र की तैयारी के लिए संक्षिप्त रणनीति, उपयोगी टिप्स एवं स्टडी प्लान के बारे में बताएंगे।

IAS मुख्य परीक्षा के लिए वैकल्पिक विषय ‘दर्शनशास्त्र’ की तैयारी कैसे करें

दर्शनशास्त्र एक ऐसा विषय है जिसकी तैयारी बिना किसी कोचिंग क्लासेज के की जा सकती है। अगर आपके पास सही मार्गदर्शन एवं पाठ्य सामग्री है तो आप आसानी से इस विषय की तैयारी कर सकते हैं। वैसे सफल छात्र जिनका विषय दर्शनशास्त्र रहा है उनके साथ किया गया संवाद आपकी मदद कर सकता है।

परिवर्तित पाठ्यक्रम के अनुसार दर्शनशास्त्र सामान्य अध्ययन के पेपर्स जैसे ETHICS एवं INTEGRITY (सामान्य अध्ययन पेपर 4) के लिए उपयोगी हो सकता है। जिनके पास भी तार्किक योग्यता है वे दर्शनशास्त्र का चयन कर सकते है। इस विषय का पाठ्यक्रम छोटा है और तकनीकी शब्द ज्यादा है जिसके लिए गहरी समझ होनी आवश्यक है ताकि एक संकल्पना को दूसरी से जोड़ा जा सके। दर्शनशास्त्र का पाठ्यक्रम 4 भागों में बांटा गया है।

पेपर 1

  • पार्ट 1 पश्चिमी दर्शनशास्त्र
  • पार्ट 2 भारतीय दर्शनशास्त्र

पेपर 2

  • पार्ट 1 सामाजिक-राजनीतिक दर्शनशास्त्र
  • पार्ट 2 धार्मिक दर्शनशास्त्र

दर्शनशास्त्र के लिए अनुशंषित पुस्तकें

  1. पतंजलि के क्लास नोट्स (आपको आधारभूत जानकारी देता है)
  2. दत्ता एवं चटर्जी (भारतीय दर्शनशास्त्र)
  3. सी. डी. शर्मा (भारतीय दर्शनशास्त्र)
  4. वाई. मसीह (पश्चिमी दर्शनशास्त्र)
  5. डी. पामर (पश्चिमी दर्शनशास्त्र)
  6. हिक (धार्मिक दर्शनशास्त्र)
  7. ओ. पी. गौबा
  8. स्टेनफोर्ड वेबसाइट

दर्शनशास्त्र की तैयारी के समय कुछ ध्यान रखने योग्य बातें है जिसकी चर्चा हम लेख के अगले खंड में करेंगे।

‘दर्शनशास्त्र’ के लिए परीक्षा रणनीति एवं तैयारी के टिप्स

जब आप वैकल्पिक विषय की तैयारी कर रहे हों, तो सबसे पहले उस विषय की पुस्तकें एवं अन्य पाठ्य सामग्री का पता कर लें। अगर आपके पास उस विषय की पृष्ठभूमि है यह निश्चय ही आपके लिए मददगार साबित होगा। विषय की बेहतर समझ के लिए निम्नलिखित टिप्स एवं रणनीति पर विशेष ध्यान दें।

  • सबसे पहले पूरे पाठ्यक्रम पर ध्यान दें। यह आपको पाठ्य सामग्री को सही परिप्रेक्ष्य में रखने में मदद करेगा। इससे यह जानने में भी मदद मिलगा की आपने कौन सा टॉपिक अभी तक कवर नहीं किया है। पाठ्यक्रम की पूर्णता ही बेहतर स्कोर दिला सकता है।
  • अगर दार्शनिक अवधारणा स्पष्ट हो तो अधिकतर प्रश्न आसानी से समझ में आ सकते हैं। अतः आप अनुशंषित पुस्तकों एवं शिक्षकों की मदद से अवधारणाओं/ मूल बातों को स्पष्ट करें।
  • सैधांतिक विषयों जैसे दर्शनशास्त्र के लिए जरुरत है की आप विषय के विभिन्न पदों के शब्दजाल (JARGAON) को समझें। एक बार आप इन शब्दजालों को समझ लें तो आप अपने नोट्स बनाने शुरू कर दें।
  • पूर्व के वर्षों के प्रश्न-पत्रों का अभ्यास करें। यह आपको प्रश्नों के पैटर्न को समझाने में मदद करेगा। यह सबसे बेहतर अभ्यास है जिससे की आप उत्तम अंकों की प्राप्ति कर सकते हैं।

पेपर-1 के लिए परीक्षा की रणनीति

दर्शनशास्त्र का पेपर-1 पूर्णतः वैचारिक एवं तार्किक (CONCEPTUAL AND LOGICAL) है। यदि आपकी अवधारणाओं पर आपकी अच्छी पकड़ है तो आप अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं लेकिन इसके लिए अच्छी समझ और लेखन अभ्यास होना चाहिए। दर्शनशास्त्र पूर्णतः प्रभावी ढंग से अभिव्यक्ति है।

जहां तक संभव हो भारतीय दर्शनशास्त्र में संस्कृत के पदों को याद करें और उसका प्रयोग अपने उत्तर में करें। भारतीय दर्शनशास्त्र को पाश्चात्य संकल्पनाओं से जोड़ने की कोशिश करें। साथ ही सभी दार्शनिकों के कोर तर्कों को भी याद करें। पेपर-1 बहुत ज्यादा अंकदायी होता है क्योंकि उनकी प्रकृति पुर्वानुमान्य होती है। हमें प्रश्नों का परीक्षण गंभीरता से करनी चाहिए एवं ज्यादा से ज्यादा तर्क देने चाहिए।

पेपर-2 के लिए परीक्षा की रणनीति

पेपर-2 के लिए पढाई के लिए विभिन्न स्रोत समाचारपत्र एवं पत्रिकाओं के रूप में उपलब्ध हैं जैसे- द हिन्दू, टाइम्स ऑफ़ इंडिया आदि। विभिन्न टॉपिक्स जैसे महिला सशक्तिकरण, भूमि एवं संपत्ति अधिकार आदि को कवर करने के लिए इन्टरनेट की मदद ले सकते हैं।

समस्याओं को दार्शनिक दृष्टिकोण से हल करें जैसे यदि लोकतंत्र एवं राजतंत्र की तुलना पूछी जाये तो दोनों के गुण एवं अवगुण बताएं और प्रसिद्ध हस्तियों जैसे लिबनित्ज़ के उद्धरण का प्रयोग करें।

धार्मिक दर्शनशास्त्र के लिए पेपर 1 की गहन जानकारी होनी आवश्यक है। यदि आपने पेपर 1 की तैयारी सही ढंग से किया है तो धार्मिक दर्शनशास्त्र केवल अभ्यास की बात है। पेपर 2 में सबसे महत्वपूर्ण उत्तर लेखन है। अतः दर्शनशास्त्र की तैयारी के लिए आपको  पूर्व के वर्षो की प्रश्न पत्रों के अभ्यास की जरुरत है।

निबंधात्मक प्रश्नों के उत्तर लेखन का अभ्यास करें जिससे आप लम्बे उत्तरों को लिखने में सक्षम हो। अगले भाग में हम उत्तर लेखन के टिप्स की चर्चा करेंगे।

‘दर्शनशास्त्र’ के लिए उत्तर लेखन के टिप्स

  • दर्शनशास्त्र में उत्तर लेखन के लिए एक अच्छी भूमिका एवं निष्कर्ष की आवश्यकता होती है।
  • एक अन्य पहलू है – एक दर्शनशास्त्री से दुसरे की तुलना करना। अपने उत्तर में जितना संभव हो उदाहरणों एवं तर्कों को स्थान दें। यह उत्तर की सामग्री को समृद्ध करता है।
  • प्रश्नों को समझें – परीक्षण, विश्लेषण, आलोचनात्मक विश्लेषण, लघु निबंध, वर्णन करें आदि। प्रश्न का प्रत्येक प्रकार में छात्रों से भिन्न उत्तर की अपेक्षा की जाती है।
  • आपका उत्तर संरचनात्मक होना चाहिए जिससे परीक्षक उसे प्रवाह में पढ़े। इससे अच्छे अंक प्राप्त करने की सम्भावना होती है।
  • अपने उत्तर में विषयनिष्ठ रहें एवं जहा भी संभव हो सशक्त एवं तार्किक निष्कर्ष अपने उत्तर में दें।
  • की-वर्ड्स पर ध्यान दें, विचारकों की मदद से कीवर्ड्स पर प्रकाश डालें, और सभी कीवर्ड्स को आपस में जोड़े और अंत में निष्कर्ष निकालें।

हम उम्मीद करते हैं कि यह लेख IAS मुख्य परीक्षा 2016 के लिए वैकल्पिक विषय “दर्शनशास्त्र” के लिए तैयारी करने में आपकी सहायता करेगा।

UPSC सिविल सेवा भर्ती 2016 के संबंध में और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए हमसे जुड़े रहें। सिविल सेवा परीक्षा में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए, सर्वश्रेष्ठ IAS परीक्षा तैयारी एप नि:शुल्क डाउनलोड करें।

Best-Exam-Preparation-App-OnlineTyari

अगर अभी भी आपके मन में किसी प्रकार की कोई शंका या कोई प्रश्न है तो कृपया नीचे दिए गए कॉमेंट सेक्शन में उसका ज़िक्र करें और बेहतर प्रतिक्रिया के लिए OnlineTyari Community पर अपने प्रश्नों को हमसे साझा करें।

1 REPLY

  1. ऋषिकेश

    प्रणाम सर ! दर्शनशास्त्र से मेरा दूर दूर तक कोई भी सरोकार नहीं रहा है, लेकिन मुझे तार्किक एवं पुर्वानुमान्य से जुड़े हुए प्रश्नों को हल करना बेहद ही आसान एवं रूचिकर होता है, यही कारण है कि मैं इसे वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल करना चाहता हूँ, क्या ये निर्णय मेरे लिए सही होगा ?
    यदि हाँ, तो कृपया मुझे इसके ‘की वर्ड’ यानी पारिभाषिक शब्दावली को समझने हेतु किसी पुस्तक या बुकलेट के स्रोत से परिचित होने में सहायक बने , धन्यवाद सर ……………
    शेष फिर
    आपका अपना ही
    ऋषिकेश

    Reply

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.