SSC JE परीक्षा 2017 के रीज़निंग सेक्शन की तैयारी कैसे करें

SSC JE परीक्षा 2017 के रीज़निंग सेक्शन की तैयारी कैसे करें : कर्मचारी चयन आयोग विभिन्न सरकारी संगठनों में जूनियर इंजीनियर्स की भर्ती के लिए ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करेगा।

How-to-Prepare-for-SSC-JE-General-Awareness-Section-2017

SSC द्वारा जनवरी माह में जूनियर इंजीनियर भर्ती परीक्षा 2017 का आयोजन किया जाएगा। यह लेख आगामी परीक्षा के लिए SSC JE रीज़निंग सेक्शन की तैयारी कैसे करें पर आधारित है, कृपया ध्यानपूर्वक पढ़ें।

SSC जूनियर इंजीनियर परीक्षा 2017 का पैटर्न

SSC JE परीक्षा 2017 के जनरल अवेयरनेस सेक्शन की तैयारी की दिशा में आगे बढ़ने से पहले आपको पेपर-1 और पेपर-2 के परीक्षा पैटर्न के बारे में बताते हैं। पेपर-1 का आयोजन ऑनलाइन माध्यम से संपन्न होगा और वहीं पेपर-2 का आयोजन ऑफलाइन माध्यम से किया जाएगा।

पेपर-1 के लिए SSC JE परीक्षा का पैटर्न

SSC JE पेपर-1 ऑब्जेक्टिव टाइप के प्रश्नों पर आधारित होगा जिसके लिए कुल 200 अंक निर्धारित किए गए हैं। परीक्षा का माध्यम ऑनलाइन होगा, जोकि कंप्यूटर आधारित परीक्षा है। पेपर-1 की कुल अवधि 2 घंटे की होगी।

सेक्शन का नाम  अंक
जनरल इंटेलीजेंस & रीज़निंग  50
जनरल अवेयरनेस  50
Part –A जनरल इंजीनियरिंग (सिविल & स्ट्रकचरल) Or
Part-B जनरल इंजीनियरिंग (इलेक्ट्रिकल) Or 
Part-C जनरल इंजीनियरिंग (मैकेनिकल)
 100

पेपर-1 में प्रत्येक ग़लत उत्तर के लिए 0.25 अंक काटे जाने का प्रावधान नेगेटिव मार्किंग के तहत किया गया है। सामान्य इंजीनियरिंग में, उम्मीदवार सिविल/ इलेक्ट्रिकल/ मैकेनिकल इंजीनियरिंग के लिए किसी एक विकल्प का चयन कर सकते हैं।

जो उम्मीदवार पेपर-1 में अर्हता प्राप्त करने में सक्षम होंगे केवल वे उम्मीदवार पेपर-2 के लिए आवेदन करने के योग्य होंगे।

पेपर-2 के लिए SSC JE परीक्षा का पैटर्न

SSC JE परीक्षा 2017 के पेपर-2 में पारंपरिक प्रकार के प्रश्न शामिल होते हैं और कुल अंक 300 होगें। उम्मीदवारों को इस पत्र में अपने क्षेत्र के हित के अनुसार विषय/ सेक्शन चुनना होगा।

  • SSC JE परीक्षा के पेपर-2 में सिविल और स्ट्रक्चरल या इलेक्ट्रिकल या मैकेनिकल इंजीनियरिंग संबंधी तीन विषय होंगे। उम्मीदवारों को केवल एक में अर्हता प्राप्त करनी होगी।
  • पेपर-2 के प्रश्नों को हल करने की कुल समय-सीमा 2 घंटे की होगी।
  • उम्मीदवारों को अपने स्लाइड-नियम, कैलक्यूलेटर, लॉगरिदम टेबल्स और पेपर-2 के लिए स्टीम टेबल लाने की अनुमति है।

जो उम्मीदवार SSC JE भर्ती परीक्षा के दोनों पेपर में सफलता प्राप्त कर लेंगे उन्हें मेरिट सूची के लिए चयनित किया जाएगा।

हमें उम्मीद है कि उपर्युक्त जानकारी से आपको SSC JE परीक्षा पैटर्न को समझने में मदद मिली होगी। अब SSC JE परीक्षा के रीज़निंग के सेक्शन की तैयारी करने की दिशा में आगे बढ़ते हैं।

रीज़निंग सेक्शन को स्पष्ट रूप से 3 भागों में विभाजित किया जा सकता है।

  1. सामान्य रीज़निंग
  2. दृश्य/ गैर-मौखिक रीज़निंग
  3. उच्च स्तर का रीज़निंग

अधिकतर प्रश्न सामान्य रीज़निंग के होते हैं, इसके बाद दृश्य/ गैर-मौखिक और उच्च-स्तरीय रीज़निंग।

SSC JE रीज़निंग सेक्शन- महत्वपूर्ण टॉपिक्स

सामान्य रीज़निंग:

इस श्रेणी के टॉपिक्स इस प्रकार हैं:

  • श्रृंखला (संख्यात्मक और वर्णमाला)
  • दिशा-निर्देश
  • रैंक
  • अरेंजमेंट
  • वर्णमाला और शब्दकोश
  • कोडिंग डिकोडिंग
  • समानता
  • वर्गीकरण / ऑड जोड़ी

दृश्य/ गैर-मौखिक रीज़निंग:

इस श्रेणी के टॉपिक्स निम्नलिखित हैं:

  • नियम जांच
  • त्रिभुज
  • पांसे
  • चित्र संरचना
  • पैटर्न पूरा करना
  • छिपे हुए/ एंबेडेड
  • इमेजिस
  • पेपर फोल्डिंग
  • दर्पण छवि
  • फिगर मैट्रिक्स

उच्च स्तर रीज़निंग:

इस श्रेणी के टॉपिक्स हैं:

  • syllogisms
  • वक्तव्य निष्कर्ष

सभी कारकों को संक्षेप करने के बाद, आगामी SSC JE रीज़निंग परीक्षा में हमारी अंतर्दृष्टि निम्नानुसार हैं-

  1. लगभग 60% रीज़निंग एबिलिटी सेक्शन में यूजुअल रीज़निंग और जनरल रीज़निंग के प्रश्न शामिल होंगे।
  2. बैंक और अन्य सरकारी भर्ती के विपरीत, गैर-मौखिक रीजनिंग प्रश्नों की अधिकता होगी।

SSC JE रीज़निंग सेक्शन: याद रखने के लिए टिप्स

ये प्रमुख बिंदु SSC JE रीज़निंग सेक्शन पेपर-1 परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त करने में आपकी मदद करेंगे।

1. एक प्राथमिकता सूची बनाएं

आपको एक सूची बनानी चाहिए जिसमें आप महत्वपूर्ण टॉपिक्स को शामिल कर सकते हैं और उन टॉपिक्स पर आधारित प्रश्नों को हल करना शुरू कर सकते हैं।

2. प्रारंभ में, अवधारणाओं पर ध्यान केंद्रित करें

SSC JE परीक्षा में गति एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। लेकिन क्या होगा यदि आप पूरी तरह से इस अवधारणा के लिए नये हों? आपको मूल बातें पहले समझने की ज़रूरत है समय के साथ गति और सटीकता का निर्माण होता है और इसके लिए आपको बहुत पहले से अभ्यास करना शुरू करना होगा।

3. रीज़निंग और जनरल इंटेलीजेंस में क्वॉन्टिटेटिव टॉपिक्स

कुछ टॉपिक्स हैं, जैसे वर्णमाला, शब्दकोश, कोडिंग और डिकोडिंग, अनुरूपता, वर्गीकरण/ ऑड जोड़ी, नियम जांच और श्रृंखला जो क्वॉन्टिटेटिव एप्टीट्यूड की अवधारणाओं पर बल देते हैं। ये प्रश्न अत्यधिक प्रतिस्पर्धी हैं और इन्हें हल करने के लिए काफी अभ्यास करने की आवश्यकता होती है। इसलिए, आपको इन प्रश्नों के लिए थोड़ा अतिरिक्त समय आवंटित करना होगा।

4. कोडिंग-डिकोडिंग प्रश्नों के प्रति विशेष ध्यान दें

हाँ, आपको-कोडिंग डिकोडिंग प्रश्नों के लिए अतिरिक्त अभ्यास करना होगा। इस विषय के प्रश्नों की संख्या हर साल बढ़ती रहती है और आप आसानी से इन प्रश्नों को हल कर सकते हैं, बशर्ते आपने पर्याप्त अभ्यास किया हो।

5. नियमित रूप से अपने प्रदर्शन का विश्लेषण करें

यदि आपने उन्हें नियमित रूप से अपनी ग़लतियों मेंसुधार नहीं किया है, तो आपके सभी प्रयास, तैयारी और अध्ययन के सुझाव कुछ भी फलदायी नहीं होंगे इसलिए अपने प्रदर्शन का विश्लेषण और जांच करते रहें। ऐसा करने से आपको यह जानने में मदद मिलती है कि आपको किन क्षेत्रों पर अभी और समय देना होगा। इसलिए, आप अपनी तैयारी का समय-समय पर विश्लेषण करते रहें।

SSC JE परीक्षा 2017 के बारे में अधिक जानकारी के लिए हमसे जुड़े रहें। इंजीनियरिंग परीक्षाओं में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए, सर्वश्रेष्ठ SSC परीक्षा तैयारी ऐप नि:शुल्क डाउनलोड करें।

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