IAS परीक्षा की तैयारी में रटने की विधि कैसे मदद कर सकती है

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IAS परीक्षा की तैयारी में रटने की विधि कैसे मदद कर सकती है

IAS परीक्षा की तैयारी में रटने की विधि मददगार बन सकती है: परिभाषा के अनुसार, ‘रटना’ याद करने की एक तक़नीक है जो दोहराने पर आधारित है। जैसे एक बच्चा अक्षर और नंबर को जल्दी और अच्छे से सीखना शुरू करता हैl यह आगे गुणन सारणी, शब्द विन्यास और सूत्रों की तरह अन्य मूल बातें सीखते और दोहराते हुए ग्राफ़ की तरह बढ़ता रहता हैंl हालांकि यह बहुत उबाउ लग सकता है, लेकिन कहीं न कहीं ‘रटना’ एक बुरा शब्द, एक अभिशाप भी बन चुका है। एक सिक्के के दो पहलू की तरह, रटने की प्रक्रिया से फ़ायदा और नुक़सान दोनों हो सकता है।

स्कूली शिक्षा के प्रारंभिक दौर के दौरान; इस विधि से अच्छे अंक ला सकते हैं। इसलिए, छात्र पुरे विश्वास के साथ मानसिक धारणा बना लेता है कि शायद यह सीखने का सबसे अच्छा तरीक़ा है। हालांकि, शिक्षा के उच्च स्तर को आगे बढ़ाने के लिए यह विधि भरोसेमंद नहीं लगती। शिक्षा के उच्च स्तर के लिए ज़रुरत है महत्वपूर्ण विश्लेषण की, जो कि सैद्धांतिक ज्ञान में से उत्पन्न होने वाली व्यावहारिक समस्याओं को गहरायी से हल करने से निकलता है। इसके अलावा, किसी को कुछ भी सिखने के लिए एक सीमा होती है।

सर्वश्रेष्ठ शिक्षण रणनीतियां वह है जब सभी स्तरों पर अध्ययन जैसे स्कूल, विश्वविद्यालय स्तर या एक सरकारी प्रतियोगी परीक्षा स्तर के साथ काम करते हुए रटने की विधि को महत्वपूर्ण सोच की व्यावहारिकता के साथ जोड़कर इस्तेमाल किया जाये। जबकि रटने की विधि पर्याप्त ज्ञान प्रदान करती है, विषय को समझने की दिशा में यह हमारे व्यावहारिक दृष्टिकोण को बढ़ाता है। इस विषय का सार यह है कि बिना समझे सीखना किसी काम का नहीं है और समझने के लिए विचार प्रक्रिया की आवश्यकता होती है। रटने और महत्वपूर्ण सोच के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए दोनों का आपस में तालमेल होना जरुरी है।

IAS परीक्षा की तैयारी में रटने की विधि के टिप्स:

UPSC सिविल सेवा परीक्षा एक चुनौती है जिसे पहले ही प्रयास में पास करने के लिए कौशल और अभ्यास दोनों की ज़रूरत होती है। IAS परीक्षा में अव्वल आने के लिए, “रटने की विधि” कैसे परीक्षा की तैयारी को बढ़ाने में मदद कर सकती हैं, इसके संदर्भ में हम आपको कुछ सुझाव दे रहे हैं, कृपया उनपर ध्यान दें। 

जुड़ने का प्रयास करें

किसी विषय को दोहराते हुए सीखने के साथ-साथ, विषय के साथ एक संबंध विकसित करना भी ज़रूरी है। कोशिश करें की विषयों की रचना से जुड़ जाए। इस जुड़ाव से आपको विषयों के साथ लंबे समय तक जुड़ने और प्रभावी ढंग से याद रखने मे मदद मिलेगी। 

विजुअलाइजेशन

ऊपरी स्तर से पढ़ना अक्सर रटने जैसा ही है क्योंकि हमारी आंखें बिना समझे एक दृश्य को याद रखने मे सक्षम होती हैं। विजुअलाइजेशन जैसे शानदार तरीक़े से हमें दिमाग में एक तस्वीर बनाने में मदद मिलती है। किसी भी प्रकार की विजुअलाइजिंग और मानसिक चित्र के ज़रिए सीखने के ग्राफ़ को बढ़ाया जा सकता है।

बीच- बीच में अंतराल के साथ तैयारी

यहां तक ​​कि अच्छी याददाश्त होते हुए भी कई बार हम भूलने लगते हैं। तभी, बीच-बीच मे कुछ अंतराल मे दोहराना काम आता है। इसलिए जो पढ़ा हो उसे 10 मिनट के अंतराल मे रिवाइज़ करें फिर दोबारा कुछ देर मे रिवाइ़ज़ करेंl उसके बाद अगले दिन एक बार फिर से रिवाइज़ करके अगले सप्ताह तक छोड़ दें।  उसी विषय को एक महीने बाद फिर फिर से याद करें। वो छात्र जो भुलक्कड़ हैं उनके लिए यह एक समझ बुझ से “रटने की प्रक्रिया” वाला दृष्टिकोण है।

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IAS प्रारंभिक परीक्षा 2018 : अल्टीमेट पैकेज   

यह पैकेज IAS प्रारंभिक परीक्षा 2018 को ध्यान में रखकर संकलित किया गया है। यह पैकेज अभ्यर्थियों को उचित मार्गदर्शन प्रदान करता है तथा उनको प्रारंभिक परीक्षा के लिए रणनीत बनाने में सहायता प्रदान करता है तथा साथ ही साथ उनके आत्मविश्वास में वृद्धि भी करता है।

  •  इस पैकेज में कुल 40 टेस्ट हैं।
  • इस पैकेज में  विषय- विशेष (इतिहास , भूगोल, राजव्यवस्था, सामान्य विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी, अर्थशास्त्र तथा पर्यावरण एवं पारिस्थितकी), समसामयिकी, सामान्य ज्ञान पेपर -1 तथा CSAT पेपर -2  पर आधारित फुल लेंथ टेस्ट दिए गए हैं।
  •  CSAT के  पेपर के अलावा प्रत्येक टेस्ट में 100 प्रश्न हैं।
  • इस पैकेज में प्रत्येक प्रश्न का विश्लेषण सहित व्याख्यात्मक हल प्रदान किया गया है।
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जुड़ाव, विजुअलाइजेशन एवं बीच- बीच मे अंतराल के साथ तैयारी (स्पेस्ड प्रेप्पिंग) के अलावा, परीक्षा की तैयारी को मज़बूत करने के लिए कुछ अन्य कार्यक्षेत्रों को भी ध्यान मे रखा जा सकता है जो इस प्रकार हैं।

  • बिन्दुओं को पढ़ते ही उन्हे संक्षेप में लिख लें ।
  • परीक्षा विषयों को अधिक से अधिक पढें इससे कई बार अलग- अलग तरीक़े की पढ़ाई की समानता से याद करने में आसानी होगी l
  • तर्क-वितर्क से पढ़ना एक मज़ेदार तरीक़ा है। यह प्रक्रिया सोच मे एक नया दृष्टिकोण लाती है l
  • किसी दूसरे को पढ़ाना : कहा गया है कि पढ़ाना एक तरह से दोबारा पढ़ने जैसा ही होता ही है।
  • पुराने नोट्स का अभ्यास करें, इसमें कोई दिमाग नहीं लगता l वास्तव में, जितना आप अभ्यास करते हैं उतना ही आप सीखते हैं।
  • अपने अध्ययन के अंतराल को सुनियोजित करें क्योंकि सुव्यवस्थित अध्ययन बेहतर समझ में मदद करता है।
  • जुनून रखें और परीक्षा को पास करने के लिए स्वयं को प्रेरित करते रहेंl

IAS प्रारंभिक परीक्षा 2018 के बारे में और अधिक जानकारी के लिए हमसे जुड़े रहें। IAS परीक्षा में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए, सर्वश्रेष्ठ IAS परीक्षा तैयारी ऐप नि:शुल्क डाउनलोड करें।

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