SSC CGL 2016: ऐसे करें रीज़निंग ऐबिलिटी की तैयारी

कैसे करें रीज़निंग और जनरल इंटेलिजेंस (General Intelligence) की तैयारी: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने पिछले महीने SSC CGL 2016 के लिए सरकारी अधिसूचना जारी की थी। CGL (संयुक्त स्नातक स्तर) परीक्षा के लिए आवेदन करने की तारीख बढ़ाकर 28 मार्च 2016 कर दी गई है। कई SSC उम्मीदवारों ने पहले ही SSC CGL आवेदन पत्र भर दिए होंगे और आगामी SSC CGL 2016 परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी होगी। लेकिन, हम उम्मीद करते हैं कि ऐसे कई उम्मीदवार हैं जो इस समय असमंजस की स्थिति में हैं कि कहां से पढाई शुरू करें, क्या पढ़ें और तैयारी कैसे करें।

  • SSC CGL 2016 टियर-1 के लिए रीज़निंग सेक्शन की तैयारी कैसे शुरू करें?
  • रीज़निंग के लिए कौन से टॉपिक्स अधिक महत्वपूर्ण हैं?
  • SSC CGL 2016 के सभी सेक्शन में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए उचित अध्ययन की योजना कैसे बनाएं?

एक समय में एक सेक्शन को अच्छे से समझने के लिए हमने SSC टियर-1 के लिए कई लेखों की एक सीरीज बनाई है। हम शुरूआत करेंगे SSC CGL 2016 में रीज़निंग की तैयारी कैसे करें के साथ। इस लेख के माध्यम से आप SSC CGL 2016 टियर-1 की परीक्षा में रीज़निंग और जनरल ऐबिलिटी में पूछे जाने वाले विभिन्न प्रकार के प्रश्नों और उन महत्वपूर्ण विषयों के बारे में जान सकेंगे, जिनके लिए अपेक्षाकृत अधिक अभ्यास और तैयारी करने की आवश्यकता होती है। लेकिन सबसे पहले हम पिछले वर्ष यानि SSC CGL 2015 भर्ती परीक्षा पत्र से रीज़निंग सेक्शन का विश्लेषण करेंगे।

 

SSC CGL 2015 के रीज़निंग और जनरल इंटेलिजेंस का विश्लेषण

SSC CGL टियर-1 परीक्षा में कुल अंकों का 25 प्रतिशत भाग रीज़निंग ऐबिलिटी और जनरल इंटेलिजेंस सेक्शन का होता है। नीचे दी गई तालिका से SSCCGL परीक्षा (टियर-1) के पैटर्न को समझा जा सकता है।

सेक्शन का नाम

प्रश्नों की संख्या

अंक

रीज़निंग और जनरल इंटेलिजेंस

(Reasoning and General Intelligence)

50

50

जनरल अवेयरनेस

(General Awareness)

50

50

न्यूमेरिकल ऐप्टिट्यूड

(Numerical Aptitude)

50

50

इंग्लिश कॉम्प्रिहेंशन

(English Comprehension)

50

50

कुल

200

200

इसलिए, आपको प्रत्येक सेक्शन पर बराबर का ध्यान केंद्रित करना होगा। निश्चित ही SSC CGL रीज़निंग सेक्शन का सिलेबस काफ़ी बड़ा है। हालांकि उचित योजना और केंद्रित अध्ययन से आप आसानी से SSC CGL टियर-1 की परीक्षा उत्तीर्ण कर सकते हैं। रीज़निंग सेक्शन को 3 भागों में विभाजित किया जा सकता है।

  1. सामान्य रीज़निंग (Usual Reasoning)
  2. दृश्य / अमौखिक रीज़निंग (Visual/Non-Verbal Reasoning)
  3. उच्च स्तरीय रीज़निंग (High Level Reasoning)

सामान्य रीज़निंग पर आधारित प्रश्नों की संख्या दृश्य/ग़ैर-मौखिक रीज़निंग और उच्च स्तरीय रीज़निंग की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक होती है। यहां SSC CGL 2015 के रीज़निंग और जनरल इंटेलिजेंस सेक्शन का विषय-वार विश्लेषण है।

सामान्य रीज़निंग (Usual Reasoning): इस श्रेणी के अंतर्गत सीरीज़ (Numeric और Alphabetic), दिशाएं (Directions), रैंक (Ranks), व्यवस्थित करना (Arrangeement), वर्ण-माला और शब्दकोष (Alphabets & Dictionary), कोडिंग–डीकोडिंग (Coding-Decoding), ऐनालॉजी (Analogy) और वर्गीकरण/जोड़े (Classification/ Odd pair) आदि शामिल हैं।

रीज़निंग टॉपिक्स के नाम

प्रश्नों की संख्या

Series – Numeric , Alphabetic

5

Directions

3

Ranks

1

Arrangement

1

Alphabet And Dictionary

4

Coding Decoding

5

Analogy

5

Classification / Odd pair

6

Total

30

दृश्य/ग़ैर-मौखिक रीज़निंग (Visual/ Non-Verbal Reasoning): इस श्रेणी के अंतर्गत रूल डिटेक्शन (Rule Detection), त्रिभुज (Triangle), पांसे (Dices), चित्र निर्माण (Figure Formation), पैटर्न का समापन (Completion of Pattern), हिडेन/इंबेडेड (Hidden/Embedded), छवियां, पेपर फोल्डिंग, मिरर इमेज और फिगर मैट्रिक्स आदि शामिल हैं।

रीज़निंग टॉपिक्स के नाम

प्रश्नों की संख्या

Rule Detection

5

Triangle

2

Dices

1

Figure Formation

3

Completion of Pattern

2

Hidden / embedded Images

1

Paper Folding

1

Mirror Image

1

Figure Matrix

1

Total

17

उच्च स्तरीय रीज़निंग (High Level Reasoning): इस श्रेणी के अंतर्गत सिलोजिज्म (Syllogisms) और स्टेटमेंट कन्क्लूज़न (Statement Conclusion) शामिल है।

रीज़निंग टॉपिक्स के नाम

प्रश्नों की संख्या

Syllogism

1

State Conclusion

2

Total

3

इसलिए सारांशत: प्रत्येक सेक्शन के रीज़निंग और जनरल इंटेलिजेंस से पूछे गए प्रश्नों की संख्या इस प्रकार है।

Usual Reasoning

30

Visual / Non-Verbal Reasoning

17

High Level Reasoning

3

Total

50

उपरोक्त डेटा से यह निष्कर्ष निकलता है कि हमने SSC CGL 2016 के रीज़निंग सेक्शन में आने वाले प्रश्नों की संख्या की संभावित सूची तैयार कर ली है।

रीज़निंग टॉपिक्स के नाम

संभावित प्रश्नों की संख्या

Completion of Pattern, Hidden / Embedded Images, Paper Folding, Mirror Image, Figure Matrix, Syllogism, Statement, Triangle, Dices, Ranks, Arrangement and Conclusion

5-7

Directions And Figure Formations

3-4

Series, Alphabet & Dictionary, Coding Decoding, Analogy, Classification / Odd Pair and Rule Detection

1-2

Total

50

आगामी SSC CGL टियर-1 की परीक्षा के रीज़निंग सेक्शन के लिए हमारे अनुमान इस प्रकार हैं:

  1. रीज़निंग ऐबिलिटी सेक्शन के 60 प्रतिशत प्रश्न सामान्य रीज़निंग और जनरल रीज़निंग पर आधारित होंगे।
  2. बैंक और अन्य सरकारी भर्ती परीक्षाओं के विपरीत इसमें कई ग़ैर-मौखिक रीज़निंग के प्रश्न भी शामिल होंगे।

आपको SSC CGL 2016 के लिए विषयों की वरीयता और महत्व के अनुसार तैयारी करनी होगी। तभी आप SSC CGL परीक्षा (टियर-1) में अच्छे अंक प्राप्त कर पाएंगे और परीक्षा उत्तीर्ण कर सकेंगे।

 

कैसे करें SSC CGL 2016 के लिए रीज़निंग ऐबिलिटी की तैयारी  

 

एक बार जब आप सभी बुनियादी बातों से परिचित हो जाते हैं तो नीचे दी गई परीक्षा रणनीति का अनुसरण कर सकते हैं कि SSC CGL 2016 में रीज़निंग ऐबिलिटी की तैयारी कैसे करते हैं। ये मुख्य बिंदु आपको SSC संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा के टियर-1 लिखित परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने में सहायक होंगे।

  1. प्राथमिकता अनुसार सूची बनाएं

आपको एक सूची बनाने की ज़रूरत है। जैसा कि हमने दोनों, पिछले वर्ष और इस वर्ष के रीज़निंग सेक्शन में पूछे जाने वाले प्रश्नों की संख्या और प्रश्नों के प्रकार का डाटा उपलब्ध कराया है, तो अब आप महत्वपूर्ण विषयों की सूची बना सकते हैं और उन पर आधारित प्रश्नों को हल कर सकते हैं।

  1. सबसे पहले कॉन्सेप्ट पर ज़ोर दें

जी हां, SSC CGL परीक्षा में आपकी गति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पर तब आप क्या करेंगे जब कोई कॉन्सेप्ट आपके लिए पूरी तरह से नया होगा? सबसे पहले आपको मूल बातें समझने की ज़रूरत है। गति और सटीकता समय के साथ आ जाती है लेकिन उसके लिए आपको अत्यधिक अभ्यास की ज़रूरत है।

  1. रीज़निंग और जनरल इंटेलिजेंस में क्वॉन्टिटेटिव (Quantitative) विषय

ऐसे कुछ टॉपिक्स  हैं, जैसे Alphabetic, Dictionary, Coding & Decoding, Analogy, Classification / Odd Pair, Rule Detection और Series जिनमें क्वॉन्टिटेटिव एप्टिट्यूड के कॉन्सेप्ट का प्रयोग किया जाता है। ये प्रश्न अत्यंत ही प्रतिस्पर्धात्मक होते हैं और इन्हें हल करने के लिए अच्छे-खासे अभ्यास की ज़रूरत होती है। ऐसे में यह और भी ज़रूरी हो जाता है कि ऐसे प्रश्नों के लिए आप अतिरिक्त समय निकालें।

  1. अपनी शब्दावली को बढ़ाएं

रीज़निंग और जनरल इंटेलिजेंस पर आधारित प्रश्नों को भाषा के मामले में अत्यंत ही हेर-फेर और भ्रमित करने वाले प्रश्नों से जाना जाता है। इन प्रश्नों को अच्छी तरह से समझने के लिए आपको अपनी शब्दावली पर काम करने की ज़रूरत है। ये आपको SSC CGL टियर-1 परीक्षा के अंग्रेज़ी सेक्शन में भी सहायक होगा।

  1. कोडिंग-डीकोडिंग संबंधी सवालों पर विशेष ध्यान दें

जी हां, कोडिंग-डीकोडिंग के सवालों पर आपको अतिरिक्त मेहनत की आवश्यकता है। प्रत्येक वर्ष इस विषय से आने वाले प्रश्नों की संख्या बढ़ती जाती है। आप इन्हें आसानी से हल कर सकते हैं, लेकिन सिर्फ़ तभी जब आपने इनका पर्याप्त अभ्यास किया हो।

  1. पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को देखें

यह बिंदु बिना कहे ही महत्वपूर्ण है। यदि आप पिछले वर्ष पूछे गए प्रश्नों के स्तर से अवगत नहीं हैं तो इस वर्ष की SSC CGL परीक्षा में आप अच्छे अंक प्राप्त नहीं कर सकते। इसलिए कोशिश करें कि पहले पिछले वर्ष के उन प्रश्नों को हल करें, मॉक टेस्ट दें और फिर  SSC CGL 2016 के लिए प्रश्न पत्रों का अभ्यास करें।

  1. अपने प्रदर्शन का नियमित रूप से विश्लेषण करें

आपके सभी प्रयास, तैयारी और अध्ययन युक्तियां शून्य होंगी यदि आपने उनका नियमित रूप से विश्लेषण नहीं किया है। प्रदर्शन की जांच और विश्लेषण मदद करता है, आपके उन क्षेत्रों को पहचानने में जहां आपको अतिरिक्त मेहनत की आवश्यकता है। अत: सुनिश्चित कर लें कि आप अपनी प्रदर्शन शीट पर नियमित रूप से तैयारी का स्तर चिन्हित कर रहे हैं और समझ लें कि आगे आपको कितना प्रयास और करने की आवश्यकता है।

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