SSC CHSL अंग्रेज़ी के वर्णात्मक पेपर (टियर-2) के लिए टिप्स

SSC CHSL अंग्रेज़ी के वर्णात्मक पेपर (टियर-2) के लिए टिप्स: SSC CHSL टियर-2 एक वर्णात्मक टेस्ट है जो कि कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित किया जाता है ताकि उम्मीदवारों के लेखन कौशल को परखा जा सके। SSC टियर -2 परीक्षा 9 जुलाई 2017 को आयोजित किया जाएगा।

इस लेख में, हम मुख्य रूप से SSC CHSL टियर 2 परीक्षा की महत्वपूर्ण जानकारी को साझा करेंगे। उसी के साथ, हम SSC CHSL वर्णात्मक पेपर की तैयारी पर कुछ टिप्स भी साझा करेंगे।

SSC CHSL अंग्रेज़ी के वर्णात्मक पेपर के लिए टिप्स

जैसा कि हमें पता है, SSC CHSL टियर-2 एक वर्णात्मक पेपर है। वर्णात्मक पेपर मुख्य रूप से उम्मीदवारों के लेखन कौशल को परखने के लिए आयोजित किया जाता है जो कि सरकारी नौकरियों के लिए बहुत ज़रूरी है।

  • वर्णात्मक पेपर पेन और पेपर के माध्यम में आयोजित किया जाएगा।
  • इस पेपर में 200-250 शब्दों का निबंध लेखन और 150-200 शब्दों का पत्र लेखन शामिल है।
  • वर्णात्मक पेपर का कुल वेटेज 100 अंकों का है जो कि 1 घंटे का होगा।
  • वर्णात्मक पेपर के लिए न्यूनतम क्वॉलिफ़ाइंग अंक 33 फ़ीसद है।
  • SSC CHSL टियर-2 परीक्षा एक द्विभाषीय परीक्षा है यानि, आप पेपर को हिंदी और अंग्रेज़ी भाषा दोनों में से किसी भी भाषा में दे सकते हैं।
  • टियर-2 में आपका प्रदर्शन मेरिट में गिना जाएगा।

अब आप परीक्षा पैटर्न को लेकर स्पष्ट हैं। अब हम अपने मुख्य विषय को लेकर आगे बढ़ते हैं कि SSC CHSL अंग्रेज़ी वर्णात्मक पेपर के निबंध लेखन की तैयारी कैसे करें।

SSC CHSL टियर-2 निबंध लेखन टिप्स

SSC CHSL परिणाम में जितनी महत्ता इस परीक्षा की होती है, ऐसे में यह जानना ज़रूरी है कि परीक्षा के लिए कोई निर्धारित सिलेबस नहीं है और यही कारण है कि यह कई उम्मीदवारों के लिए चिंता का विषय बना रहता है।

जनरल स्टडीज़ की तरह इसमें कोई निश्चित विषय नहीं होता जिस पर उम्मीदवार को लिखने के लिए कहा जाएगा। इसलिए, रटकर तैयारी करने का सवाल ही नहीं उठता। यही तथ्य SSC CHSL वर्णात्मक पेपर परीक्षा का चुनौतीपूर्ण पक्ष है। टियर-2 परीक्षा लिखते समय कुछ टिप्स का ध्यान में रखना ज़रूरी है।

हर कोण की जानकारी रखें

यह बहुत ज़रूरी है कि उम्मीदवार समझें कि निबंध का अर्थ दिमाग में आए हर विचार को लिख देना नहीं है। निबंध एक प्रारूप है जो कि संयोजित मार्ग के तहत् एक बहाव का पालन करता है जो कि परिचय से शुरू होता हुआ अंत में तर्कों पर समाप्त होता है। यहां निबंध लेखन का प्रारूप दिया जा रहा है, एक नज़र डालें:

  • परिचय
  • पृष्ठभूमि / संबंधित इतिहास
  • मुख्य कॉन्सेप्ट / सिद्धांत
  • उससे संबंधित वर्तमान परिदृश्य
  • सकारात्मक पक्ष
  • नकारात्मक पक्ष / समस्याएं
  • प्रस्तावित सुधार
  • निष्कर्ष

अपने विचारों को एकसाथ लाएं

निबंध लेखन की सबसे महत्वपूर्ण टिप यही है कि आप अपनी सामग्री को लिखते समय एक बहाव बनाए रखें। विषय से भटकने से निबंध की खूबसूरती बाधित होती है। शुरूआत से लेकर अंत तक एक तार्किक निरंतरता रहनी चाहिए। निबंध को कुछ पैराग्राफ्स में लिखना एक अच्छा अभ्यास है जिनसे इन्हें समझना भी आसान हो जाता है और निबंध का तार्किक पक्ष भी स्पष्ट होता है।

दोहराएं नहीं

परीक्षक आपके निबंधों में उपयोगी जानकारी, तार्किक बातों और संवेदनशील निष्कर्षों के लिए खोजते हैं। यदि आप विषय से इतर इधर-उधर की जानकारी देते हैं तो इससे परीक्षक की रुचि पेपर से हट जाती है और बाकी लिखा लेख भी पढ़ने में वे उत्साहित नहीं होते।

यह एक नियम बना लें कि प्रत्येक पंक्ति जो आप लिखेंगे, उसमें कोई-न-कोई अर्थपूर्ण बात अवश्य लिखी होगी और आप जैसे-तैसे आने वाले विचारों को पेपर पर नहीं उतारेंगे।

विषय से भटके नहीं

विषय से भटकना, प्रयासों को व्यर्थ करना है। जैसे ही आप विषय से भटकते हैं आपके पेपर से परीक्षक की रुचि भी हट जाती है। साथ ही, इसे निबंध लेखन की बुरी आदत भी घोषित किया जा सकता है और इसका परिणाम बुरे अंकों के रूप में दिख सकता है।

अपने लेखन की लय से परिचित रहें

चीज़ों को लेकर आपका सम नज़रिया और थोड़ी संवेदनशीलता से आपके लेख की लय पढ़ने योग्य बन जाएगी। अभद्र भाषा, तर्कहीन चिंतन और लच्छेदार भाषा से वाक्यों का अर्थ बदल सकता है और भ्रम पैदा कर सकता है।

SSC CHSL अंग्रेज़ी वर्णात्मक पेपर में निबंध लेखन के दौरान इन बिंदुओं को मस्तिष्क में रखें। अब हम SSC CHSL टियर-2 के पत्र लेखन टिप्स की ओर बढ़ेंगे।

SSC CHSL टियर-2 पत्र लेखन टिप्स

आमतौर पर दो प्रकार के पत्र पूछे जाते हैं:

  1. अनौपचारिक पत्र: ये पत्र माता-पिता, मित्रों, रिश्तेदारों, भाई-बहनों आदि को लिखे जाते हैं।
  2. औपचारिक पत्र: ये पत्र सरकारी कर्मचारियों, समाचार संपादकों, बैंक प्रबंधकों, सरकारी विभागों आदि को लिखे जाते हैं।

एक अच्छा पत्र लिखना यानि अपने विषय को सुनियोजित तरीके से प्रस्तुत करना। इसका मतलब है कि एक अच्छी सामग्री चाहिए जिसमें सभी प्रकार की जानकारी हो। अपने लेखन कौशल को सुधारने के लिए, हमारे पास पत्र लेखन की कुछ टिप्स हैं जो कि आगामी परीक्षा में आपके लिए सहायक होंगी।

हर कोण की जानकारी रखें

पत्र लेखन की सबसे महत्वपूर्ण बात है कि आपको प्रारूप से अवगत होना चाहिए। विषय में भटकाव या बदलाव से अंकों में कटौती निश्चित है। सामान्य प्रारूप दिया गया है:

  1. शीर्षक के दो भाग होते हैं यानि लेखक का पता और तिथि। शीर्षक पत्र के पहने पन्ने पर बाईं ओर लिखा जा सकात है।
  2. संबोधन भी पत्र का महत्वपूर्ण भाग होता है जिसे भूला नहीं जा सकता। शीर्षक के नीचे ही संबोधन को लिखा जाएगा, वो भी बाईं ओर। संबोधन का पहला और आखरी शब्द बड़े अक्षर से शुरू होगा।
  3. विषय: पत्र के विषय को छोटे में ही लिखें। विषय को बड़े अक्षरों में लिखा जाना चाहिए जो कि बाईं ओर से या केंद्र से शुरू होता है।
  4. विषयवस्तु: विषयवस्तु में पत्र का विषय विस्तारित करना चाहिए जिसका उल्लेख प्रश्न में भी किया गया हो। विषयवस्तु की लंबाई 3 पैराग्राफ़ से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए।
  5. हस्ताक्षऱ: धन्यवाद देने का सौम्य तरीका। इसे आमतौर पर बाईं ओर विषयवस्तु के बाद लिखा जाता है। इसकी शुरूआत बड़े अक्षर से होनी चाहिए और अल्पविराम से समाप्त होनी चाहिए।
  6. आपका पदनाम हस्ताक्षर के बाद लिखा जाता है।

बहुत ज़्यादा वर्णात्मक या अति लघु ना लिखें

आप छोटे-छोटे पैराग्राफ़ लिख सकते हैं जो कि 5 पंक्तियों के हो सकते हैं। हालांकि, आपके वाक्य की लंबाई में भिन्नता हो सकती है। पत्र लिखने का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य है कि कुछ महत्वपूर्ण जानकारी को प्रेषित किया जाए जिसके लिए इंतज़ार नहीं किया जा सकता। इसलिए, बिना किसी घुमाव के महत्वपूर्ण जानकारी लिखें।

दोहराएं नहीं

पत्र में किसी भी बात को दोहराया नहीं जाना चाहिए। किसी भी शब्द को बार बार दोहराना अच्छा नहीं दिखता। जिन शब्दों को बार बार दोहराना है उसके लिए उसके समानार्थी शब्दों का प्रयोग करें।

भाषा को जांचें

औपचारिक और अनौपचारिक भाषा में अंतर करना सीखें। विशेषण और विशेष्य का प्रयोग करें। संज्ञा और क्रिया का सीधा प्रयोग औपचारिक पत्र में करें। आपको औपचारिक भाषा का प्रयोग करना होगा जिसकी प्रकृति सौम्य होगी। अनौपचारिक पत्रों में आपको अपने विचारों को प्रस्तुत करना चाहिए।

विचारों को एकसाथ लाएं

पत्र लेखन में एक बहाव बनाए रखें ताकि पढ़ने वाले के लिए समझने में आसानी हो। एक करारे परिचय के बाद अर्थपूर्ण विषयवस्तु औऱ फिर निष्कर्ष ही पत्र का उत्तम प्रारूप है। आपको अपने बहाव को बनाए रखना है ताकि परिस्थितियां नदारद ना हो।

कोई प्रयास करना ना छोड़ें

एक अच्छा पत्र लिखने का रहस्य अभ्यास ही है क्योंकि ये आपको परफ़ेक्ट बनाता है। इसलिए अपने आपको प्रारूप और उदाहरण और अभ्यास से भलीभांति अवगत करा लें। आप मॉक टेस्ट और विभिन्न प्रश्न बैंक को भी हल कर सकते हैं।

हम उम्मीद करते हैं कि SSC CHSL अंग्रेज़ी वर्णात्मक टेस्ट हल करने में ये टिप्स आपके सहायक होंगे। SSC CHSL भर्ती परीक्षा 2017 के संबंध में और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए हमसे जुड़े रहें। SSC परीक्षाओं में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए, सर्वश्रेष्ठ SSC परीक्षा तैयारी ऐप नि:शुल्क डाउनलोड करें।

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