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UPSC IAS मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: करें प्रैक्टिस पाएं सलफता !

UPSC IAS मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: करें प्रैक्टिस पाएं सलफता- क्या आप इस बात से अवगत हैं कि विगत कुछ वर्षों में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित की जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा (CSE) में अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों की सूची में हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों की संख्या लगभग 5 से 10 प्रतिशत के बीच ही रही है। सिविल सेवा परीक्षा से जुड़े विश्लेषकों के अनुसार इसका एक प्रमुख कारण हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों में उत्कृष्ट उत्तर-लेखन शैली का अभाव रहा है। यदि आप हिंदी माध्यम से सिविल सेवा मुख्य परीक्षा में सम्मिलित होने जा रहे हैं तो ऐसे मे यह प्रश्न उठता है कि अंतिम बार आपने कब मुख्य परीक्षा जैसी परिस्थिति में 3 घंटे में 20 प्रश्नों के उत्तर लिखने का अभ्यास किया था?

यह विदित है कि अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए जितनी महत्ता स्तरीय ज्ञान की है उतनी ही महत्ता मुख्य परीक्षा में उत्तर प्रस्तुतीकरण और उसकी बोधगम्यता की भी है। क्या आप अपने ज्ञान को संक्षिप्त एवं स्पष्ट रूप से सीमित शब्दों में प्रस्तुत करने की शैली से अवगत हैं ?

आपको सूचित करना हमारा कर्त्तव्य है कि यही उपयुक्त समय है जब आप कठिन प्रश्नों का समाधान कर सिविल सेवा मुख्य परीक्षा में अपने लेखन कौशल को परिमार्जित एवं परिष्कृत कर सकते हैं। हमारे विशेषज्ञों से उत्तर-लेखन शैली से संबंधित अपने संदेह का समाधान एवं विशिष्ट अंतर्दृष्टि प्राप्त करने के लिए आप हिंदी OnlineTyari द्वारा आयोजित किए जा रहे “UPSC IAS मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास” से जुड़ें और जानें की आपका उत्तर कितना सटीक है। हम यहाँ आप द्वारा लिखे गए सर्वोत्तम उत्तर लेखन का प्रकाशन करेंगे ताकि आप अपने उत्तर लेखन कि तुलना सर्वोत्तम उत्तर लेखन से कर सकें।

इस “UPSC IAS मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास” से जुड़ने के लिए आपको प्रतिदिन हमारे प्लेटफॉर्म पर एक प्रश्न दिया जायेगा जिस पर आपको बेहतर उत्तर लेखन कर हमें IAS@onlinetyari.com पर प्रेषित करना है। आप अपना उत्तर टाइप कर, उत्तर कि फोटो खिंच कर अपलोड कर हमें प्रेषित कर सकते हैं। साथ ही आप हमें अपना नाम यदि आपने इस वर्ष IAS का फॉर्म डाला है तो पंजीकरण संख्या और फोटो भी भेजे। ताकि हम बेहतरीन उत्तर लेखन को आपकी डिटेल के साथ अपने प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित कर सकें। आप OnlineTyari द्वारा आयोजित “UPSC IAS मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास” से जुड़ें और अपने लेखन कला में सुधार कर अपनी सफलता सुनिश्चित करें।

आज का प्रश्न है-
भारत की ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नीति की व्याख्या कीजिए। भारत में अपशिष्ट उपचार के साथ क्या समस्याएं हैं?

मुख्य परीक्षा के लिए उत्तर लेखन कैसे करें-

  • मुख्य परीक्षा का उत्तर लिखते समय शब्द सीमा का विशेष ध्यान रखें एवं सुस्पष्ट सरल भाषा का ही प्रयोग करें।
  • उत्तर लिखने से पहले प्रश्नो को ठीक प्रकार से पढ़ लें , कई बार ऐसा होता है कि प्रश्नो का आशय कुछ और होता है एवं हम उत्तर कुछ और दे जाते हैं।
  • UPSC मुख्य परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों की प्रकृति वर्णनात्मक होती है जिसमें प्रश्नों के उत्तर को  निर्धारित शब्दों (सामान्यत:100 से 300 शब्द) में उत्तर-पुस्तिका में लिखना होता है, अत: ऐसे प्रश्नों के उत्तर लिखते समय लेखन शैली एवं तारतम्यता के साथ-साथ समय प्रबंधन आदि पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। 
  • अगर आपके उत्तर प्रभावी होंगे तो परीक्षक अच्छे अंक देने के लिये मजबूर हो जाएगा और यदि उत्तरों में दम नहीं है तो फिर आपने चाहे जितनी भी मेहनत की हो, उसका कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकलेगा।
  • मुख्य परीक्षा के प्रश्नो में पूछे गए पुछल्ले शब्दों यथा- चर्चा कीजिये , विवरण दीजिये , समीक्षा कीजिये , व्याख्या कीजिये, विवेचना कीजिये , आलोचनात्मक परीक्षण कीजिये आदि शब्द का आशय समझिए और उनके अनुसार उत्तर लेखन कीजिए। अक्सर उम्मीदवार प्रश्नो कि वास्तविक मांग को नहीं जान पाते और गलत उत्तर लिख आते हैं। ऐसा करने से बचे।
  • एक अच्छे उत्तर की मुख्यत: दो विशेषताएँ होती हैं- प्रामाणिकता तथा प्रवाह। उत्तर लेखन में महत्वपूर्ण घटनाएँ , सन , महत्वपूर्ण बिन्दुओं आदि को अंडरलाइन कर सकते हैं।
  • प्रश्न कि मांग के अनुसार उत्तर लेखन करें एवं उत्तर लेखन में बेवजह कि रूपरेखा तैयार करने से बचें । उत्तर सटीक, पॉइंट-टू-पॉइंट एवं प्रश्न कि व्याख्या करने वाला होना चाहिए। कई बार ऐसा होता है कि हम उत्तर तो सारा लिख डालते है किन्तु वह प्रश्न कि मांग से परे होता है।
  • उत्तर कि शुरुआत एवं अंत में लेखन का विशेष ध्यान दें शब्द संख्या बढ़ने के चक्कर में लम्बी चौड़ी कहानियां एवं भूमिकाएं लिखने से बचें।
  • उत्तर लेखन में विशेष ध्यान दें कि किसी भी तथ्य को दोबारा न लिखें। कई बार हम उत्तर लेखन में कोई घटना , तथ्य , आंकड़े अलग अलग तरीको से दोहरा जाते हैं। कोई भी पैराग्राफ दोबारा न आये इसके लिए एक बार सरसरी निगाह से देखते जाएं।
  • निबंध तथा विश्लेषणात्मक प्रश्नों में प्रायः रेखाचित्र (जैसे पाई डायग्राम, वेन डायग्राम, तालिका, फ्लो-चार्ट) आदि का प्रयोग से बचना ही अच्छा रहता है। किंतु यदि प्रश्न की प्रकृति ही ऐसी हो कि उसमें विभिन्न वस्तुओं का आपसी संबंध या वर्गीकरण आदि दिखाए जाने की ज़रूरत हो तो रेखाचित्र का प्रयोग अवश्य सहायक होता है।
  • सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण प्रश्नों का चयन होता है कई बार हम कुछ ऐसे प्रश्नों से शुरुआत करते हैं जो बहुत ही बड़े उत्तर वाले होते हैं एवं तथ्यों का प्रयोग नगण्य होता है। हमेशा कोशिश करें कि उन्ही प्रश्नो को चुने जिनकी व्याख्या आप कम शब्दों में अधिक प्रमाणिकता के साथ कर सकें।
  • उत्तर को हमेशा पैराग्राफ में लिखने की आदत डालें यानि जहाँ आपकी एक बात पूरी हो गयी और कोई नयी और महत्वपूर्ण चीज लिखने जा रहे हैं तो तुरंत पैराग्राफ बदल दें।
  • किसी विशेष व्यक्ति अथवा सरकार के कार्यों को दर्शाते समय हमेशा समालोचक भाव से लिखें और सकारात्मक बने रहें। किसी भी नीति व सरकारी पहल/योजना के पक्ष में नकारात्मक होने से बचें। जो भी तथ्य दें वह तथ्यों के साथ प्रस्तुत करें।

Ajay K. Tripathi :
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