सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2019 : सामान्य अध्ययन – प्रश्नपत्र I का विश्लेषण

सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2019 : सामान्य अध्ययन – प्रश्नपत्र I का विश्लेषण-आज, 2 जून 2019 को, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने UPSC CSE प्रारंभिक परीक्षा 2019 परीक्षा आयोजित की। देश भर में लाखों उम्मीदवार सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2019 के लिए उपस्थित हुए। परीक्षा दो शिफ्ट में आयोजित की जाती है। इसमें पहली सुबह 9.30 से 11.30 बजे सम्पन्न की गई और दूसरी दोपहर 2.30 से 4.30 बजे तक आयोजित की गई।

इस लेख में, हम IAS प्रारंभिक परीक्षा 2019 के विस्तृत विश्लेषण पर चर्चा की है। IAS परीक्षा 2019 के विस्तृत परीक्षा  विश्लेषण के लिए नीचे देखें।

UPSC IAS प्रारंभिक परीक्षा विश्लेषण 2019: सेक्शनवाइज विश्लेषण

IAS प्रारंभिक परीक्षा 2019 के लिए, प्रश्नवार विभाजन नीचे दिया गया है। सबसे अधिक समसामयिकी और इतिहास से प्रश्न पूछे गए थे।

टॉपिक पूछे गए प्रश्न
कला और संस्कृति 4
प्राचीन  इतिहास 2
मध्यकालीन इतिहास 3
आधुनिक इतिहास 9
भूगोल 8
अर्थव्यस्था 10
विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी 7
राज्यव्यवस्था 12
पारस्थितिकी एवं पर्यावरण 8
करेंट अफेयर + स्थैतिक 37
कुल 100

उपर्युक्त विश्लेषण के आधार पर, पेपर का समग्र कठिनाई स्तर मध्यम से अधिक कठिनाई स्तर का था, कुछ प्रश्न सीधे पूछे गए थे तो कुछ प्रश्नों को काफी घुमा कर पूछा गया था। PIB साईट पर उपलब्ध जानकारियों से कई सवाल पूछे गए थे। भूगोल, राज्यव्यवस्था और अर्थव्यस्था सम्बंधित पूछे गए प्रश्न कठिन थे, तो इतिहास, समसामयिक घटना पर आधारित प्रश्न और विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी सम्बंधित प्रश्न मध्यम से कठिन कठिनाई स्तर के थे। इस वर्ष पर्यावरण पर आधारित प्रश्न बहुतायत से और यही हाल भारतीय राज्यव्यवस्था में भी देखने को मिला। इस वर्ष के लिए संभावित कटऑफ की जानकारी के लिए नीचे दिया गया विवरण देखें :

IAS प्रारंभिक परीक्षा 2019 के लिए संभावित कटऑफ

कटेगरी

संभावित कटऑफ (100 अंक में से )

General

100-110

EWS

100-105

OBC

95-105

SC

85-95

ST

80-90

सामान्य अध्ययन- प्रश्नपत्र I में, जिन क्षेत्रों से आमतौर पर प्रश्न पूछे जाते थे इस बार पूछे गए काफी प्रश्न उनसे अलग थे। पॉलिटि जैसे पारंपरिक विषयों के प्रश्न को हल करते समय उम्मीदवारों को काफी विचार/मंथन करने की जरुरत थी। बुनियादी समझ पर आधारित इन्टरनेट सम्बंधित प्रश्न में छात्रों ने प्रश्न पूछे जाने के तरीके में नवाचार देखा। कुल मिलाकर पूछे गए प्रश्न पाठ्यक्रम विषयों और उप-विषयों में अच्छी तरह से वितरित किए गए थे। इसे काफी सकारात्मक माना जा सकता है।

जैसा की विदित है की सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र -I के आधार पर ही मुख्य परीक्षा के लिए मेधा सूचि (मेरिट लिस्ट) तैयार की जानी है। इस वर्ष प्रथम प्रश्न पत्र का कट-ऑफ कठिनाई स्तर को देखते हुए गत वर्ष (2018) के कटऑफ से अधिक (2-5 अंक) रहने की उम्मीद है। यदि उम्मीदवार इस वर्ष कटऑफ को प्राप्त कर रहे हों तो उन्हें मुख्य परीक्षा की तैयारी में जुट जाना चाहिए। इस वर्ष भी अगर मोटे तौर पर लें तो सामान्य वर्ग के लिये कट-ऑफ 102-110 के बीच माना जा सकता है।

यहां हमने अपने लेख UPSC CSE प्रारंभिक परीक्षा विश्लेषण 2019 का निष्कर्ष दिया है। UPSC IAS परीक्षा 2019  के बारे में अधिक जानकारी के लिए जुड़े रहें। सिविल सेवा परीक्षाओं में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए, सर्वश्रेष्ठ UPSC CSE परीक्षा तैयारी ऐप नि:शुल्क डाउनलोड करें।

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