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UPSC IAS परीक्षा 2019: करेंट अफेयर्स की तैयारी कैसे करें !

UPSC IAS परीक्षा 2019: करेंट अफेयर्स की तैयारी कैसे करें- करेंट अफेयर्स (Current Affairs) का अध्ययन करना UPSC IAS परीक्षा के लिए विशेष महत्त्वपूर्ण है। अगर हम तथ्यों की बात करें तो प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में तहत करेंट अफेयर्स से लगभग 40% प्रश्न परीक्षा में पूछे जाते हैं। इस विषय को गंभीरतापूर्वक अध्ययन कर आप अन्य छात्रों से दो कदम आगे रह सकते हैं।

हाल के वर्षों में UPSC IAS परीक्षा में वर्तमान मामलों (करेंट अफेयर्स) के महत्त्व में वृद्धि हुई है, जिसमें आनुपातिक रूप से प्रश्नों के विश्लेषणात्मक रुझान के साथ-साथ कुछ विषय जैसे पर्यावरण और अर्थव्यवस्था से जुड़ी घटनाओं आदि का भी महत्त्व बढ़ा है। अगर आप विगत वर्ष के प्रश्न पत्र को और उस वर्ष की घटनाओं को ध्यान से देखेंगे तो आप यह समझ पाएंगे की अन्य विषय (इतिहास या राज्यव्यवस्था या अन्य विषय) में भी पूछे जा रहे प्रश्न किस तरफ से वर्तमान मामलों से जुड़े हुए थे।

UPSC IAS परीक्षा 2019: करेंट अफेयर्स की तैयारी कैसे करें !

विगत वर्षों के प्रश्न-पत्र IAS उम्मीदवारों को IAS परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक योजना बनाने में सहायता प्रदान करते हैं।

विगत वर्षों के प्रश्नपत्र से समझे संभावित परीक्षा प्रश्न

विगत वर्षों के प्रश्न-पत्रों के अध्ययन के पश्चात यह अंदाजा लगाना आसान हो जाता है कि UPSC के कुछ पसंदीदा टॉपिक्स क्या है जो हर वर्ष के प्रश्न-पत्र में चाहे वह IAS प्रारंभिक परीक्षा हो या IAS मुख्य परीक्षा, अवश्य पूछे जाते हैं। जैसे-पर्यावरण सम्बन्धी मुद्दें, भारतीय प्रोद्योगिकी (विशेष रूप से अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र में) की उपलब्धियां, संसद द्वारा पारित नए अधिनियम, बिल, लंबित विधेयक,  संसोधन, रिपोर्ट, सरकारी पहल एवं योजना, ख़बरों में बने रहने वाले मुद्दे, स्थल और घटना, हाल ही के महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक स्थल और स्मारक (UNESCO), भौगोलिक संकेत, आईपीआर, ट्रेडमार्क, पेटेंट और कृषि संबंधी मामले, सबसे महत्त्वपूर्ण संरक्षण स्थल जैसे राष्ट्रीय उद्यान, झील आदि पर प्रश्न, 1930 से 1947 के बीच का स्वतंत्रता आंदोलन, भारत की भौगोलिक मानचित्रण जैसे नदियां, पहाड़, दर्रे आदि इनपर भी उम्मीदवारों को नजर रखनी चाहिए।

दैनिक समसामयिकी में कवर किये जाने वाले टापिक्स

सरकार के पहलुओं / नीतियों, भारत की नीतियां जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हैं जैसे – पूर्व की ओर देखो नीति (Act East policy), अंतर्राष्ट्रीय संस्थान – अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council), अंतर्राष्ट्रीय समझौते – गैर-प्रसार संधि (एनपीटी), वासेनार व्यवस्था, स्टार्ट संधि, राइट्स इश्यू, सोशल सेक्टर की पहल (Social Sector Initiatives), सस्टेनेबल डेवलपमेंट (Sustainable Development) पर सरकार द्वारा उठाए गए अच्छे उपाय इत्यादि।

आइये अब हम विगत वर्षों में करेंट अफेयर से पूछे जा रहे प्रश्नों की संख्या को समझने का प्रयास करते हैं-

विषय 2011 2012 2013 2014 2015 2016 2017
राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की समसामयिक  घटनाएँ/विविध 06 04 01 08 16 37 32

समसामयिकी घटनाओं पर रखें पैनी नज़र

केवल समसामयिकी ही नहीं, बल्कि अन्य खंडों से पूछे जाने वाले प्रश्नों की प्रकृति को देखने पर स्पष्ट होता है कि इस परीक्षा में समसामयिकी खंड की अहम भूमिका है। सामान्य अध्ययन के परंपरागत खंडों से भी कई प्रश्न सीधे तौर पर इस तरह के पूछे जाते हैं जो वर्तमान में कहीं-न-कहीं किसी-न-किसी रूप में चर्चा में रहे हों। इसलिये समसामयिकी घटनाओं पर पैनी नज़र रखनी चाहिये।

सामान्यतः प्रारंभिक परीक्षा में समसामयिकी से 15 से 20 प्रश्न पूछे जाते हैं। गौरतलब है कि 2016 में 37 प्रश्न सीधे तौर पर समसामयिकी खंड से पूछे गए हैं। अप्रत्यक्ष रूप से बहुत सारे प्रश्नों का आधार करेंट अफेयर्स ही था। साथ ही, यह खंड मुख्य परीक्षा में भी बराबर का महत्त्व रखता है। इसलिये सामान्य अध्ययन के इस खंड पर सर्वाधिक गंभीरता से ध्यान देने की ज़रूरत है।

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चयनित अध्ययन करें

चूँकि समसामयिकी का विस्तार अपने आप में व्यापक है, इसलिये इस पर महारत हासिल करने की बात सोचना ही बेमानी है। राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर असंख्य घटनाएँ होती रहती हैं, ऐसे में सारे घटनाक्रमों को याद रख पाना अत्यंत कठिन कार्य है। इसलिये समसामयिकी में भी चयनित अध्ययन की ज़रूरत होती है।

इसके लिये आवश्यक है कि सबसे पहले तो अनावश्यक तिथियों, पुरस्कारों, घटनाओं और आँकड़ों आदि को रटने से बचें। सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के वर्तमान प्रारूप में ऐसे तथ्यात्मक प्रश्न नहीं के बराबर पूछे जाते हैं।

संक्षिप्त नोट्स बनाएं

समसामयिकी में भी विभिन्न विषयों के अलग-अलग खंड बनाकर संक्षिप्त नोट्स बना लेने चाहियें। जैसे कि किसी खंड विशेष से संबंधित कोई महत्त्वपूर्ण घटना राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में घटती है तो उसे अपने नोट्स के उस खंड में जोड़ लें। इससे फायदा यह होगा कि आपको समसामयिकी से संबंधित तथ्यों को याद रखने एवं रिवीज़न करने में आसानी होगी तथा ये नोट्स आपको न केवल प्रारंभिक परीक्षा में बल्कि मुख्य परीक्षा में भी लाभ पहुँचाएंगे।

विशेष ध्यान दें

  • समसामयिकी खंड की तैयारी के लिहाज़ से देश-दुनिया में घट रही आर्थिक, राजनीतिक, पारिस्थितिक, सांस्कृतिक आदि घटनाओं की सूक्ष्म जानकारी पर विद्यार्थियों की विशेष नज़र रहनी चाहिये।
  • UPSC में सामान्यतः नवीनतम घटनाओं की जगह विशेषीकृत घटनाओं से जुड़े सवाल थोड़े गहराई से पूछे जाते हैं। इसमें विद्यार्थियों से सरकार की नीतियों और नए अधिनियमों के संबंध में गहरी समझ की अपेक्षा की जाती है। अतः विद्यार्थियों को सालभर की घटनाओं पर विशेष ध्यान देने की ज़रूरत है।
  • संवैधानिक विकास, विभिन्न योजनाओं, लोक नीति, आर्थिक सुधारों, प्रौद्योगिकीय और पर्यावरणीय विकास तथा इनसे संबद्ध प्रमुख अवधारणाओं पर विशेष रूप से ध्यान दें।
  • प्रारंभिक परीक्षा में समसामयिक घटनाओं के प्रश्नों की प्रकृति और संख्या को ध्यान में रखते आपको इस खंड पर नियमित रूप से ख़ास ध्यान रखना होगा। सामान्य अध्ययन के लिए आप OnlineTyari द्वारा प्रदान की जाने वाली करेंट अफेयर्स वीडियो को अवश्य देखें। इसके अंतर्गत प्रतिदिन के महत्त्वपूर्ण घटनाओं का संकलन आपकी परीक्षा के अनुरूप किया जाता है।

महत्त्वपूर्ण सहायक सामग्री का अध्ययन अवश्य करें

  • भारत (India Year Book): इन परीक्षाओं में महत्त्वपूर्ण सरकारी/गैर सरकारी संस्थाओं इत्यादि से पूछे जाने वाले प्रश्नों के लिये भारत सरकार द्वारा प्रकाशित ‘भारत’ (India Year Book) का अध्ययन करना लाभदायक होगा| चूँकि आकार में वृहद् होने एवं समय की कमी के कारण इसका संपूर्ण अध्ययन कर पाना एक कठिन कार्य है| इसलिये ‘दृष्टि पब्लिकेशन्स’ द्वारा प्रकाशित की जाने वाली ‘भारत’ (संक्षिप्त विवरण के साथ संपूर्ण पाठ्यसामग्री) को पढ़ना लाभदायक होगा।
  • द हिंदू समाचार पत्र: सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों के लिए तैयार करने के लिए द हिंदू अखबार सबसे अच्छे स्रोतों में से एक है तथा इसके संपादकीय और राय भाग में विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों और नीतियों के बारे में एक विस्तृत विवरण और विचार प्राप्त हो जाता है। इसके अतिरिक्त पर्यावरण संबंधी मुद्दों- राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मुद्दे और नीतियां, राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था, आर्थिक विकास और नीतियां, विज्ञान और प्रौद्योगिकी इत्यादि। इसका हर रोज़ वैज्ञानिक विकास खण्ड बहुत उपयोगी है।
  • द इंडियन एक्सप्रेस: इसमें अंतरराष्ट्रीय संबंधों प्रकाशित लेख अन्य अखबारों की तुलना में अच्छे माने जाते हैं। इंटरनेशनल रिलेशन्स (IR) के लिये कई महत्वपूर्ण जानकारियां इससे तैयार की जा सकती हैं।
  • प्रेस सूचना ब्यूरो: सरकार के दैनिक आधार पर कार्यक्रम और नीतिगत अद्यतन की जानकारी का प्रमुख स्रोत तथा महत्वपूर्ण व्यक्तियों और उनके योगदान पर चुने हुए लेख जिसमें कुछ महत्वपूर्ण ऐतिहासिक लेख भी प्रकाशित होते रहते हैं।
वर्तमान मामलों के लिए स्रोतों की विस्तृत सूची
द हिंदू अख़बार फ्रंटलाइन पत्रिका प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) योजना और कुरुक्षेत्र
लाइव मिंट न्यूज अखिल भारतीय रेडियो (AIR) समाचार चर्चा मन की बात (प्रधान मंत्री द्वारा)
राज्य सभा और लोकसभा टीवी सरकारी मंत्रालयों की वेबसाइट भारत (India Year Book) आर्थिक सर्वेक्षण
मनोरमा ईयरबुक

मथुब्रूमी ईयरबुक

प्रतियोगिता दर्पण पत्रिका साइंस रिपोर्टर पत्रिका

कितने समय पूर्व का करेंट अफेयर्स पढ़ें

यह देखा जाता है कि IAS परीक्षा में लगभग एक वर्ष पूर्व अथार्त प्रारंभिक परीक्षा की तिथि से एक वर्ष पूर्व और प्रारंभिक परीक्षा से लगभग 3-4 महीने पहले तक के सवाल प्रश्न पत्र में ज्यादा पूछे जाते हैं। प्रारंभिक परीक्षा से लगभग 3-4 महीने पहले तक का करेंट अफेयर अध्ययन का लॉजिक यह है कि प्रश्न पत्र 3-4 माह पूर्व ही प्रिंट हो जाता है। अतः अभ्यर्थी चाहें तो इस रणनीति से भी फायदा उठा सकते हैं।

एक्सप्रेस पॉइंट
  • समसामयिकी की तैयारी करते हुए छात्रों को चयनात्मक टॉपिक जिनसे परीक्षा में सामान्यतः प्रश्न पूछे जाते है उन टॉपिक को पढ़ने में विशेष ध्यान दें। पूरा पेपर या महत्त्वहीन ख़बरों को पढ़ने/सुनने में अपना समय नष्ट न करें।
  • अख़बार के संपादकीय पृष्ट अध्ययन अवश्य करें। इससे आपकी विश्लेषणात्मक क्षमता और किसी विषय पर सोचने की क्षमता का विकास होगा, जो परीक्षा के लिए उपयोगी है।
  • संपादकीय पृष्ट को पढ़कर खुद का संतुलित दृष्टिकोण बनाएं। उसकों भारत में सभी आयामों से देखने की कोशिश करें। उसके व्यापक आयाम, पक्ष और विपक्ष, उससे समाज में परिवर्तन, प्रभावी क्रियान्वयन के तरीके आदि पर पॉइंट नोट करें। उसपर अपना व्यूपॉइंट बनाएं। नकारात्मक होने से बचें।

यहां हम अपने लेख को समाप्त करते हैं और आशा करते हैं की यह लेख आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगा।

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Ajay K. Tripathi :
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