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अमेरिका ने रक्त कैंसर (ब्लड कैंसर) के लिए दूसरी जीन थेरेपी को मंजूरी दी

अमेरिका ने रक्त कैंसर (ब्लड कैंसर) के लिए दूसरी जीन थेरेपी को मंजूरी दी:

अमेरिका के नियामकों ने 18 अक्टूबर 2017 को रक्त कैंसर के लिए दूसरी जीन थेरेपी को मंजूरी दी, जोकि वयस्कों में आक्रामक (एग्रेसिव) लिंफोमा के लिए एक बार प्रयोग किया जाने वाला विशेष रूप से निर्मित उपचार है।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने काइट फार्मा को इस चिकित्सा पद्धति की बिक्री की अनुमति दी है। दूसरी जीन थेरेपी में भी अमेरिका द्वारा अगस्त 2017 में अनुमोदित पहली थेरेपी में इस्तेमाल की गयी तकनीक जिसे 'सिमेरिक एंटीजेन रिसेप्टर (सीएआर) टी' कहा जाता है, का प्रयोग किया गया है।

पहली थेरेपी का उपयोग नोवार्टिस फार्मास्यूटिकल्स द्वारा बचपन के ल्यूकेमिया (चाइल्डहुड ल्युकेमिया) के उपचार के लिए किया गया था।

एफडीए के कमिश्नर डॉ स्कॉट गॉटलिब के अनुसार, "सिर्फ कुछ दशकों में, जीन थेरेपी कैंसर के घातक और बड़े पैमाने पर फैले लाइलाज रूपों के व्यावहारिक समाधान के लिए एक आशाजनक संकल्पना के रूप में दिखाई दे रहे हैं।"

औषधि निर्माता गिलियड साइंस के मुताबिक, दूसरी जीन थेरेपी की उपचार पद्धति जिसे यसकार्टा (Yescarta) कहा जाता है, के लिए प्रति मरीज 373,000 डॉलर का खर्च आएगा। काइट फार्मा अक्टूबर महीने में ही फ़ॉस्टर सिटी, कैलिफ़ोर्निया स्थित गिलियड कम्पनी की सहायक कम्पनी बनी है।

सीएआर टी तकनीक:

सीएआर टी तकनीक रोग पैदा करने वाली जीन को ठीक करने के लिए जीन थेरेपी तकनीकों का उपयोग नहीं करता है बल्कि टी कोशिकाओं, प्रतिरक्षा प्रणाली सैनिकों को टर्बोचार्ज करता है जिनसे कैंसर अक्सर बच निकलता है।

कैंसर कोशिकाओं की पहचान करने के लिए यह मरीज के खून में से टी-सेल्स निकालता है और उसमें रिसेप्टर प्रोटीन को मिलाते हुए उन्हें पहचानता है और फिर कैंसर कोशिकाओं को खत्म कर देता है। इसके बाद इसकी लाखों प्रतियां बनायीं जा सकती हैं। जब इन्हें दोबारा रोगी को दिया जाता है तो यह कोशिकाएं महीनों या वर्षों तक रोग से लड़ने के लिए आपस में गुणित होती रहती हैं।

यही कारण है कि इन प्रतिरक्षाविज्ञानी (इम्यूनोथेरेपीज) उपचारों को "जीवित दवाएं" (लिविंग ड्रग्स) कहा जाता है।

सर्जरी, कीमोथैरेपी और रेडिएशन की तुलना में यह कैंसर के इलाज का ज्यादा सटीक तरीका है। सीएआर टी सेल थैरेपी ज्यादा उम्मीद जगाने वाला है क्योंकि यह चलती-फिरती दवा की तरह है जो मरीज के शरीर से ही निकलता है। इलाज कोई कैप्सूल या द्रव्य नहीं है जिसे नियमित लेना पड़े।

यह एक बार ही दिया जाता है और फिर यह शरीर को कैंसर से लड़ने के लिए लगातार तैयार करता रहता है। यह थैरेपी इस तरह के ल्यूकेमिया और लिम्फोमा के इलाज को पूरी तरह बदल सकता है।

काइट फार्मा की चिकित्सा तीन प्रकार के आक्रामक, या तेज़ी से बढ़ने वाले बड़े बी सेल लिंफोमा से ग्रसित रोगियों के लिए है।

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