Guest
Welcome, Guest

Login/Register

महत्त्वपूर्ण लिंक

हमसे सम्पर्क करें

Bookmark Bookmark

आपदाओं की वजह से कृषि में अरबों का नुकसान होता है, जिसका बोझ गरीब किसानों पर होता है - यूएन रिपोर्ट

आपदाओं की वजह से कृषि में अरबों का नुकसान होता है, जिसका बोझ गरीब किसानों पर होता है - यूएन रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्येक वर्ष विकासशील दुनिया के किसानों को प्रमुख खतरों जिनमें सूखा, बाढ़, पशु बीमारियों का फैलना और रासायनिक प्रभाव शामिल हैं, की वजह से अरबों डॉलर का नुकसान उठाना पड़ता है।

एफएओ ने वियतनाम के साथ मिलकर एक रिपोर्ट प्रकाशित की है जिसका शीर्षक '2017: कृषि और खाद्य सुरक्षा पर आपदाओं और संकटों का प्रभाव' (2017: The Impact of Disasters and Crises on Agricultural and Food Security) है।

रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष:

  • वर्ष 2005 और 2015 के बीच प्राकृतिक आपदाओं ने विकासशील देश की अर्थव्यवस्थाओं के कृषि क्षेत्रों को क्षतिग्रस्त या लुप्त फसल और पशुधन उत्पादन के क्षेत्र में 96 अरब डॉलर का भारी नुकसान पहुंचाया, जिसमें एशिया का कुल हिस्सा 48 अरब डॉलर का था।
  • कृषि घाटे के लिए प्रमुख कारणों में से एक 'सूखा' था।
  • जबकि एशिया में बाढ़ और तूफान का प्रभाव सबसे अधिक था, भूकंप, सुनामी और अति उच्च तापमान से उनकी कृषि प्रणालियों को भी भारी नुकसान पहुंचा था।
  • सीरिया में संघर्ष के प्रभावों पर किया गया यह पहला अध्ययन है जिसमें पाया गया कि 2011-2016 की अवधि में उस देश के कृषि क्षेत्र में नुकसान और हानि की कुल वित्तीय लागत कम से कम 16 अरब डॉलर थी।

संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन:

खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ तंत्र की सबसे बड़ी विशेषज्ञता प्राप्त एजेंसियों में से एक है जिसकी स्‍थापना वर्ष 1945 में कृषि उत्‍पादकता और ग्रामीण आबादी के जीवन निर्वाह की स्‍थिति में सुधार करते हुए पोषण तथा जीवन स्‍तर को उन्‍नत बनाने के अधिदेश के साथ की गई थी।

विश्‍व खाद्य सुरक्षा समिति (सीएफएस), खाद्य का उत्‍पादन, खाद्य तक भौतिक और आर्थिक पहुंच सहित विश्‍व खाद्य सुरक्षा विषयक नीतियों की समीक्षा और अनुपालन के लिए संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ तंत्र में एक मंच के रूप में कार्य करती है। भारत एफएओ और सीएफएस, दोनों का सदस्‍य है।

विश्‍व खाद्य सुरक्षा समिति (सीएफएस) डब्‍ल्‍यूएफएस कार्य-योजना के कार्यान्‍वयन की प्रगति की निगरानी करती है। इसका मुख्यालय रोम, इटली में है।

You might be interested:

इवनिंग न्यूज़ डाइजेस्ट: 18 मार्च 2018

राष्ट्रपति नवोन्मेषण एवं उद्यमशीलता पर्व (एफआईएनई) का उद्घाटन करेंगे: राष् ...

एक साल पहले

तंबाकू या स्वास्थ्य पर 17वें विश्व सम्मेलन में विभिन्न घोषणाएं अपनायीं गयीं

तंबाकू या स्वास्थ्य पर 17वें विश्व सम्मेलन में विभिन्न घोषणाएं अपनायीं गयीं: ...

एक साल पहले

वन लाइनर्स ऑफ़ द डे: 18 मार्च 2018

राष्ट्रीय नीति आयोग ने 17 मार्च 2018 को इस शहर में अपनी पहल 'सस्टेनेबल एक्शन फॉर ...

एक साल पहले

बैंकिंग डाइजेस्ट: 18 मार्च 2018

राष्ट्रीय नीति आयोग ने 17 मार्च 2018 को इस शहर में अपनी पहल 'सस्टेनेबल एक्शन फॉर ...

एक साल पहले

डब्ल्यूईएफ एनर्जी ट्रांजिशन इंडेक्स में भारत 78वें स्थान पर

डब्ल्यूईएफ एनर्जी ट्रांजिशन इंडेक्स में भारत 78वें स्थान पर: विश्व आर्थिक मं ...

एक साल पहले

इवनिंग न्यूज़ डाइजेस्ट: 17 मार्च 2018

भारत और एडीबी ने रेलवे की बुनियादी ढांचागत सुविधाओं को बेहतर करने के लिए 120 म ...

एक साल पहले

Provide your feedback on this article: