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भारत में U-5 बाल मृत्यु दर में 9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज

भारत में U-5 बाल मृत्यु दर में 9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा ने अभी तक जारी नमूना पंजीकरण प्रणाली (एसआरएस) बुलेटिन 2016 पर खुशी जाहिर की है क्योंकि भारत में पांच-साल से कम बाल मृत्यु दर (U5MR) में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।

बुलेटिन की मुख्य बिंदु

  • 2015 में भारत में अंडर-5 मृत्यु दर (U5MR) प्रत्येक 1000 बच्चों पर 43 थी, लेकिन यह दर 2016 में घटकर 39 हो गयी हैं, यानि कि U5MR में 1 साल में  9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
  • अंडर-5 मृत्यु दर में गिरावट की दर पिछले साल के मुकाबले दोगुनी हो गई हैं।
  • इतना ही नहीं, देश में पहली बार अंडर-5 मौतों की संख्या 10 लाख से नीचे दर्ज की गयी है और 2015 की तुलना में 2016 में अंडर-5 मौतों की संख्या लगभग 120,000 से कम हैं।  
  • अधिकांश राज्यों ने 2015 के मुकाबले 2016 में अंडर-5 बाल मृत्यु दर की कमी में अच्छी प्रगति की हैं।
  • केवल छत्तीसगढ़, दिल्ली और उत्तराखंड में पिछले वर्ष के मुकाबले अंडर-5 बाल मृत्यु दर में बढ़ोतरी हुई हैं और तेलंगाना में कोई बदलाव नहीं आया है।
  • भारत में बाल अस्तित्व के लिए लैंगिक अंतर (gender gap) लगातार कम हो रहा है।
  • महिला और पुरुष अंडर-5 मृत्यु दर में लैंगिक अंतर अब घटकर 11% हो गया है, जो 2014 में 17% था।
  • 2016 में अंडर-5 बाल मृत्यु दर (पुरुष) प्रत्येक 1000 बच्चे पर 37 हैं, जब कि यह दर अंडर-5 लड़कियों  में 41 हैं।  
  • बड़े राज्यों में, सात राज्यों (छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु तेलंगाना) ने लड़कियों के अस्तित्व में लैंगिक अंतर को रिवर्स कर दिया है, जबकि इनमें से चार ने अंडर-5 सर्वाइवल में लैंगिक अंतर को रिवर्स कर दिया है। ये राज्य हैं मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और तमिलनाडु।
  • तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, पंजाब और दिल्ली में लड़कियों की मृत्यु दर में 5% से कम अंतर है और लैंगिक अंतर को कम करने से कुछ ही दूर है।
  • लड़कियों के लिए अंडर-5 सर्वाइवल में अधिकतम लैंगिक अंतर बिहार में है (46%), उसके बाद हरियाणा (23%), केरल (20%), असम, कर्नाटक (1 9%) और राजस्थान ( 17%)।
  • इसके अलावा, एसआरएस बुलेटिन यह भी दर्शाता है कि नवजात मृत्यु दर 1 से 25 अंक प्रति 1000 जीवित जन्मों से घटकर 24  पर आ गई है।

परिणाम दर्शाते हैं कि केंद्र सरकार के रणनीतिक दृष्टिकोण लाभादायक सिद्ध हो रहा हैं  और कम प्रदर्शन वाले राज्यों पर ध्यान केंद्रित करने के प्रयासों से भी फायदा पंहुचा हैं। अंडर-5 बाल मृत्यु दर की गिरावट की वर्तमान दर से भारत 2030 तक अंडर-5 बाल मृत्यु दर के लिए SDG Goals को पूरा करने के लिए ट्रैक पर है। सरकार देश में यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके मिशन इंद्रधनुष और इन्टेंसिफाइड मिशन इंद्रधनुष इस दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं।

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