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कुपोषण को नियंत्रित करने के लिए आयुष तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

कुपोषण को नियंत्रित करने के लिए आयुष तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

प्रसंग

कुपोषण को नियंत्रित करने के लिए आयुष तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

विवरण

समझौता ज्ञापन के अनुसार, इसके लिए दोनों मंत्रालयों के बीच परस्पर सहयोग के विशिष्ट क्षेत्रों में (i) पोषण अभियान में आयुष प्रणालियों को एकीकृत करना और (ii) आयुर्वेद, योग और अन्य आयुष प्रणालियों के सिद्धांतों और प्रथाओं के माध्यम से कुपोषण पर नियंत्रण करना शामिल है।

इन्हें निम्नलिखित गतिविधियों में सहयोग के माध्यम से लागू किया जाएगा:

आंगनवाड़ी केंद्रों पर

  • योग कार्यक्रम
  • महीने में एक बार आंगनवाड़ी केंद्रों का आयुष की टीमों द्वारा दौरा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को जागरुक बनाने के लिए राज्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों (डब्ल्यूसीडी विभाग) के समन्वय में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ आयुष चिकित्सा अधिकारियों की बैठक होती है।
  • पोषण वाटिकाओं का विकास।

आयुष पोषण संबंधी देखभाल के लिए:-

  • लक्षित आबादी के पोषण की स्थिति के बारे में आधारभूत डेटा बनाना
  • सामान्य सेवा केंद्रों के माध्यम से टेलीमेडिसिन / आयुष हेल्पलाइन / कॉल सेंटर का प्रावधान
  • पोषण के नजरिए से विशिष्ट क्षेत्रों का निर्धारण
  • वैज्ञानिक मूल्यांकन के लिए सभी प्रयासों का उचित प्रलेखन

3. पारंपरिक स्वदेशी खाद्य पदार्थों के बारे में समुदायिक स्तर पर जागरूकता पैदा करने और आयुर्वेद और अन्य आयुष प्रणालियों पर आधारित पोषण की अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए आईईसी गतिविधियां

4. जमीनी स्तर पर समुदाय के बीच आयुर्वेद से संबंधित पोषण संदेश पहुंचाने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 'धात्रि' यानी कि पोषण को बढ़ावा देने के लिए समर्पित स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रूप में नामित किया जा सकता है।

5. आयुर्वेद और अन्य आयुष प्रणालियों को बढ़ावा देने और एकीकृत दृष्टिकोण के माध्यम से समग्र पोषण संबंधी देखभाल प्रदान करने के लिए ऐसी अन्य गतिविधियाँ।

पोषण अभियान या राष्ट्रीय पोषण मिशन के बारे में:-

  • “पोषण अभियान” या राष्ट्रीय “पोषण मिशन” भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तहत बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए पोषण परिणामों में सुधार करने के लिए चलाया गया भारत सरकार का प्रमुख कार्यक्रम है।

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