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लीबिया में गहराता संकट

लीबिया में गहराता संकट

लीबिया में सत्ता संघर्ष के चलते हालात बदतर हो गए हैं। भारत सरकार ने लीबिया की राजधानी त्रिपोली में फंसे भारतीयों को फौरन इलाके से निकलने की सलाह दी है।

क्या कहा सुषमा स्वराज ने

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर बताया, 'लीबिया से भारतीय को निकालने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है और वहां की यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद त्रिपोली में 500 से ज्यादा भारतीय फंसे हुए हैं।'

स्वराज ने कहा, 'त्रिपोली में हालात तेजी से बदतर होते जा रहे हैं। फिलहाल विमानों का संचालन हो रहा है। लिहाजा सभी लोग अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से त्रिपोली जल्द से जल्द छोड़ने को कहें। वरना बाद में हम वहां से इनको निकाल नहीं पाएंगे।' इससे पहले भारत ने त्रिपोली में रह रहे भारतीयों को सावधानी बरतने की सलाह दी थी।

क्या है मामला

आपको बता दें कि कर्नल गद्दाफी को सत्ता से हटाए जाने और फिर उनकी हत्या के बाद लीबिया में हालत खराब हो गए हैं। विद्रोही गुट के नेता जनरल हफ्तार की सेना और अन्य सशस्त्र बलों के बीच संघर्ष शुरू होने की सूचना है। इससे लीबिया में संकट गहरा गया है।

हाल ही में लीबिया में त्रिपोली के घनी आबादी वाले इलाकों में गोले दागे गए थे, जिससे त्रिपोली मे मरने वालों की संख्या बढ़ी है। लीबिया की राजधानी त्रिपोली में ताजा संघर्ष चार अप्रैल को शुरू हुआ था। इस संघर्ष से साल 2011 में हुए विद्रोह के स्तर पर गृहयुद्ध छिड़ने के आसार दिखने लगे हैं।

क्या है प्रतिक्रिया

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव गुटेरेस, अमरीका और यूरोपीय देशों ने शांति बनाए रखने की अपील की है।

रूस, फ्रांस और ब्रिटेन समेत कई देशों ने शांति बरतने की अपील की है। इससे पहले 15 अप्रैल को अमरीका, ब्रिटेन, फ्रांस और यूएई ने भी साझा बयान जारी किया था और शांति बनाए रखने की अपील की थी।

इस बयान मे लिखा गया था, "यह लीबिया में बदलाव के लिहाज से संवेदनशील समय है। ऐसे दौर में सैन्य ताकत का दिखावा, धमकी और एकतरफ़ा कार्रवाई की बातों से देश फिर से अस्थिरता की ओर बढ़ेगा। हम मानते हैं कि लीबिया में जारी संघर्ष सेना के इस्तेमाल से हल नहीं होगा।"

संयुक्त राष्ट्र इस महीने लीबिया में एक सम्मेलन का आयोजन करने की तैयारी कर रहा था ताकि देश में लंबे समय से चल रहे संघर्ष को खत्म करने का रास्ता तलाशा जाए।

इससे पहले 18 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने त्रिपोली में जारी संघर्ष को लेकर रिपोर्ट पेश की थी। इसमें कहा गया था कि त्रिपोली में पिछले दो हफ्ते के संघर्ष के दौरान 18 नागरिकों समेत 205 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा कम से कम 913 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

कौन हैं जनरल हफ़्तार

ताक़तवर वॉरलॉर्ड बन चुके ख़लीफ़ा हफ़्तार लीबिया के पूर्व सैन्य अधिकारी हैं। उन्होंने 1969 में कर्नल गद्दाफी को सत्ता दिलाने में मदद की थी। इसके बाद गद्दाफी से उनके रिश्ते ख़राब हो गए और वह अमरीका चले गए थे।

2011 में गद्दाफ़ी के ख़िलाफ विद्रोह के स्वर उठने के दौरान वह सीरया लौटे और विद्रोहियों के नेता बन गए।

बीते साल दिसंबर में उन्होंने लीबिया के अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त प्रधानमंत्री फ़ायेज़ अल-सेराज से एक सम्मेलन में मुलाक़ात की थी, मगर आधिकारिक रूप से वार्ता में शामिल होने से इनकार कर दिया था।

जनरल हफ़्तार को मिस्र और संयुक्त अरब अमीरात का समर्थन हासिल है।

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