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नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्री चार्टर का मसौदा जारी किया

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्री चार्टर का मसौदा जारी किया:

एयरलाइनों की मनमानी पर लगाम लगाने हेतु केंद्र सरकार ने 22 मई 2018 को विमान यात्रियों के लिए चार्टर का ड्राफ्ट जारी किया। इसके अनुसार, घरेलू उड़ानों की बुकिंग के 24 घंटे के अंदर टिकट रद्द करने पर कैंसिलेशन चार्ज न वसूला जाए।

हालांकि, उड़ान के तय समय में 96 घंटे यानी चार दिन से कम रहने पर यह सुविधा नहीं मिलेगी। नागरिक उड्‌डयन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने बताया कि 24 घंटे के लॉक इन पीरियड में यात्री बिना कोई चार्ज दिए टिकट पर नाम सुधार सकेंगे या यात्रा की तारीख बदल सकेंगे।

प्रमुख तथ्य:

चार्टर के अनुसार, यदि उड़ान में चार से 12 घंटे तक का विलंब होता है तो एयरलाइन यात्री को 10 हजार रुपये का हर्जाना देगी। परंतु यदि 12 घंटे से अधिक विलंब होता है और इस कारण यात्री की कनेक्टिंग फ्लाइट छूट जाती है तो हर्जाने की रकम बढ़कर दूनी अर्थात 20 हजार रुपये हो जाएगी। हर्जाने पर विवाद की स्थिति में उड्डयन महानिदेशालय डीजीसीए का फैसला सर्वमान्य होगा।

मौजूदा नियमों के अनुसार विभिन्न एयरलाइनें अलग-अलग कैंसिलेशन चार्ज वसूल करती हैं। ऐसे मामलों की कमी नहीं है जिनमें यात्रियों ने मंत्रालय से भारी शुल्क वसूले जाने की शिकायत की है।

यदि यात्री को दो सप्ताह से एक दिन पहले तक फ्लाइट कैंसिल होने की सूचना दी जाती है तो ऐसी स्थिति में एयरलाइन को ऐसी वैकल्पिक फ्लाइट का प्रस्ताव देना होगा जो बुक की गई फ्लाइट से दो घंटे के भीतर उड़ने वाली हो। ऐसा संभव न होने पर यात्री को टिकट का पूरा पैसा वापस करना होगा।

यदि उड़ान में विलंब की सूचना उड़ान के मूल समय से 24 घंटे से ज्यादा समय पहले दी जाती है और उड़ान में विलंब चार घंटे से ज्यादा होता है तो ऐसी दशा में पूरा रिफंड देना होगा।

हालांकि यदि उड़ान में विलंब मौसम की खराबी के कारण होता है तो एयरलाइनों को जवाबदेह नहीं ठहराया जा सकेगा। यदि किसी यात्री को बोर्डिग से मना किया जाता है तो उस दशा में एयरलाइन उसे कम से कम 5000 रुपये का हर्जाना प्रदान करेगी।

एयरलाइनें दिव्यांगों के बैठने के लिए उपयुक्त और निर्धारित सीटों पर सामान्य यात्रियों की बुकिंग नहीं करेंगी। इन्हें तब तक खाली रखा जाएगा जब तक कि विमान के दरवाजे उड़ान के लिए बंद नहीं हो जाते।

दिव्यांग यात्रियों से उनकी विशेष सीटों के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूला जाएगा।-सभी एयरलाइनों को ऑनबोर्ड इंटरनेट व मोबाइल सेवा देने की इजाजत।

जयंत सिन्हा ने कहा कि भारत में ऑपरेट करने वाली सभी घरेलू तथा इंटरनेशनल एयरलाइनों को उड़ान के दौरान विमान के भीतर (ऑनबोर्ड) इंटरनेट व मोबाइल सेवा देने की अनुमति दे दी गई है। हालांकि इसके लिए उन्हें विमानन मंत्रालय से लाइसेंस लेना होगा।

मोदी सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान के तहत विमानन मंत्रालय ने यात्रियों की सुविधा के लिए डिजियात्रा तथा एयर सेवा नामक मोबाइल ऐप शुरू कर दिए हैं। डिजियात्रा के तहत फिंगरप्रिंट के मार्फत अपनी यात्रा के अनुभव को शुरू से आखिर तक आसान व बेहतर किया जा सकता है। जबकि एयरसेवा के जरिए अपनी फ्लाइट की स्थिति का पता लगाया जा सकता है। मंत्रालय एयर सेवा ऐप को और उन्नत बनाने का प्रयास कर रहा है।

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