Bookmark Bookmark

परमाणु युद्ध का बढ़ता खतरा

परमाणु युद्ध का बढ़ता खतरा:

संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक विश्व परमाणु हमले के खतरे के अत्यंत करीब दिखाई दे रहा है। 1950 के दशक में संयुक्त राज्य अमेरिका और यूएसएसआर के बीच शुरू हुई परमाणु हथियारों की होड़ अब उस बिंदु पर पहुँच गयी है जहाँ विश्व के 6 से अधिक देशों के परमाणु हथियारों का जखीरा है।

निरस्त्रीकरण मामलों में संयुक्त राष्ट्र की उच्च प्रतिनिधि, सुश्री इजूमी नाकामित्सू, 2020 एनपीटी समीक्षा सम्मेलन के लिए जेनेवा में शुरू हुई प्रारंभिक बैठक के उद्घाटन के दौरान वक्ताओं में से एक थीं।

नाकामित्सू ने इस अवसर पर कहा कि "दुनिया को आज के संदर्भ में उन समान चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा जिसने परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) को जन्म दिया, और इसके साथ ही परमाणु हथियारों के उपयोग का खतरा बढ़ रहा है।"

उन्होंने आगे कहा कि जियोपॉलिटिकल वातावरण बिगड़ रहा है। हमारे सामूहिक सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने वाले कुछ सबसे महत्वपूर्ण उपकरणों और समझौतों को नष्ट कर दिया जा रहा है। परमाणु हथियारों की आवश्यकता और उपयोगिता को व्यर्थ का बढ़ावा दिया जा रहा है।

परमाणु अप्रसार संधि:

परमाणु अप्रसार संधि का उद्देश्य विश्व भर में परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के साथ-साथ परमाणु परीक्षण पर अंकुश लगाना है। जुलाई 1968 से इस समझौते पर हस्ताक्षर होना शुरू हुआ था। और वर्ष 1970 में शीत युद्ध के चरमोत्कर्ष पर यह संधि लागू हो गयी थी।

यह संधि परमाणु हथियारों के क्षैतिज प्रसार पर रोक लगाती है। इसके अनुच्छेद 1 और 2 के अंतर्गत परमाणु शक्ति संपन्न देश गैर-परमाणु शक्ति वाले देशों को परमाणु अस्त्र प्राप्त करने में सहायता नहीं दे सकते हैं तथा गैर-परमाणु शक्ति संपन्न देश परमाणु अस्त्र प्राप्त नहीं कर सकते हैं।

इस संधि का एक महत्वपूर्ण लक्ष्य परमाणु अस्त्रों के ऊर्ध्वगामी प्रसार की बढ़ती प्रवृत्ति पर रोक लगाना है।

कई देश एनपीटी पर हस्ताक्षर करने के बावजूद अभी भी अपने परमाणु हथियारों का आधुनिकीकरण करते हैं और इसे अपने केंद्रीय रक्षा तंत्र के रूप में रखते हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी 5 सदस्य एनपीटी की पार्टी हैं, लेकिन फिर भी वे अपने परमाणु शस्त्रागारों का भंडारण और आधुनिकीकरण करते रहते हैं।

भारत, पाकिस्तान और इज़राइल ने कभी भी एनपीटी पर हस्ताक्षर नहीं किया है। इज़राइल जो कभी भी अपने पास परमाणु हथियारों के होने को स्वीकार नहीं करता है, ऐसा माना जाता है कि वो भी इन हथियारों का भण्डारण करता है।

हाल ही में ईरान ने अमेरिकी प्रतिबंधों के जवाब में एनपीटी संधि से बाहर निकलने की धमकी दी है। इसी तरह, उत्तरी कोरिया के मिसाइल कार्यक्रम ने पूर्वी एशिया में शांति के लिए खतरा उत्पन्न किया है।

You might be interested:

वन लाइनर्स ऑफ़ द डे: 26 अप्रैल 2018

राष्ट्रीय विदेशी नागरिक पूर्वोत्तर के इन तीन राज्यों की अब बेरोकटोक यात्रा कर सकेंगे - नगालैं ...

6 महीने पहले

बैंकिंग डाइजेस्ट: 26 अप्रैल 2018

राष्ट्रीय विदेशी नागरिक पूर्वोत्तर के इन तीन राज्यों की अब बेरोकटोक यात्रा कर सकेंगे - नगालैं ...

6 महीने पहले

इवनिंग न्यूज़ डाइजेस्ट: 25 अप्रैल 2018

विदेशी नागालैंड, मिजोरम और मणिपुर में परमिट के बिना यात्रा कर सकेंगे: विदेशी नागरिक पूर्वोत्त ...

6 महीने पहले

Vocab Express (शब्दावली एक्सप्रेस)- 450

Vocab Express (शब्दावली एक्सप्रेस)- 450 प्रिय उम्मीदवार, आपकी शब्दावली को बढ़ाने के लिए यहां 5 नए शब्द ...

6 महीने पहले

अर्थ बायोजीनोम प्रोजेक्ट: जीवन की एक समग्र डिजिटल लाइब्रेरी

अर्थ बायोजीनोम प्रोजेक्ट: जीवन की एक समग्र डिजिटल लाइब्रेरी: मानव जीनोम परियोजना जिसमें मनुष् ...

6 महीने पहले

भारत में उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया

भारत में उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया: प्रमुख विपक्षी दाल कांग्रेस के ने ...

6 महीने पहले

Provide your feedback on this article: