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प्रख्यात भौतिकशास्त्री और 'ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम' के लेखक स्टीफन हॉकिंग का 76 वर्ष की आयु में निधन

प्रख्यात भौतिकशास्त्री और 'ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम' के लेखक स्टीफन हॉकिंग का 76 वर्ष की आयु में निधन:

महान भौतिक वैज्ञानिक और ब्लैक होल का रहस्य बताने वाले स्टीफन हॉकिंग का 14 मार्च 2018 को कैंब्रिज में उनके आवास पर निधन हो गया। वह 76 वर्ष के थे। 1963 में 21 वर्ष की आयु में मोटोर न्यूरॉन बीमारी का शिकार होने वाले हॉकिंग ने आधुनिक ब्रह्मांड विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया। ब्लैक होल और बिग बैंग थ्योरी को समझने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।

जीवन परिचय:

वर्ष 1942 में 8 जनवरी को स्टीफ़न का जन्म इंग्लैंड के ऑक्सफ़ोर्ड में हुआ था। वर्ष 1959 में वो नेचुरल साइंस की पढ़ाई करने ऑक्सफ़ोर्ड पहुंचे और इसके बाद कैम्ब्रिज में पीएचडी के लिए गए। वर्ष 1962 में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में स्टीफन हॉकिंग ने कोस्मोलॉजी में रिसर्च शुरू की। 1963 में पता चला कि वो मोटर न्यूरॉन बीमारी से पीड़ित हैं और ऐसा कहा गया कि वो महज़ दो साल जी पाएंगे।

वर्ष 1974 में महज 32 साल की उम्र में स्टीफन हॉकिंग रॉयल सोसाइटी का सदस्य चुना गया। वे इस उपलब्धि को हासिल करने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति थे।

साल 1988 में उनकी किताब 'ए ब्रीफ़ हिस्टरी ऑफ़ टाइम' आई जिसकी एक करोड़ से ज़्यादा प्रतियां बिकीं। वर्ष 2014 में उनके जीवन पर द थ्योरी ऑफ़ एवरीथिंग बनी जिसमें एडी रेडमैन ने हॉकिंग का किरदार अदा किया था। वर्ष 2009 में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने स्टीफन हॉकिंग को मेडल ऑफ फ्रीडम से नवाजा था।

स्टीफन हॉकिंग की बिग बैंग थ्योरी:

बिग बैंग थ्योरी ब्रह्मांड की रचना का एक वैज्ञानिक सिद्धांत है। इस सिद्धांत में यह समझाने का प्रयास किया गया है कि इस ब्रह्मांड की उत्पत्ति कब और कैसे हुयी? स्टीफन हॉकिंग ने इस सिद्धांत को समझाया था। इस थ्योरी (सिद्धांत) के अनुसार करीब 15 अरब साल पहले पूरे भौतिक तत्व और ऊर्जा एक बिंदु में सिमटी हुए थे।

फिर इस बिंदु ने फैलना शुरू किया। बिग बैंग, बम विस्फोट जैसा विस्फोट नहीं था बल्कि इसमें, प्रारंभिक ब्रह्मांड के कण, समूचे अंतरिक्ष में फैल गए और एक दूसरे से दूर भागने लगे।

इस सिद्धांत का श्रेय ऐडविन हबल नामक वैज्ञानिक को जाता है जिन्होंने कहा था कि ब्रह्मांड का निरंतर विस्तार हो रहा है। जिसका मतलब ये हुआ कि ब्रह्मांड कभी सघन रहा होगा। हालांकि इससे पहले क्या था, यह कोई नहीं जानता। हॉकिंग ब्रह्मांड की रचना को एक स्वतः स्फूर्त घटना मानते थे। हालांकि, प्रसिद्ध वैज्ञानिक आइजैक न्यूटन मानते थे कि इस सृष्टि का अवश्य ही कोई रचयिता होगा, अन्यथा इतनी जटिल रचना पैदा नहीं हो सकती।

वहीं हॉकिंग ने टीवी शो स्टारटॉक पर बताया कि बिगबैंग के पहले आखिर क्या हुआ करता था। उन्होंने इस दौरान बताया था कि वो जितना आसान था उतना ही ज्यादा मुश्किल था। उनके अनुसार बिगबैंग से पहले कुछ नहीं था।

हॉकिंग ने कहा था कि आइंस्टाइन जनरल थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी के अनुसार स्पेस और टाइम ने साथ मिलकर दुनिया में स्पेस और समय का कभी न रुकने वाला चक्र बनाया है, लेकिन सच में वो बिल्कुल सपाट नहीं है, बल्कि ऊर्जा और भौतिक पदार्थ के दबाव के कारण ये आपस में घूमा हुआ है। यही वजह है कि इसे समझ पाना आसान नहीं है।

स्टीफन हॉकिंग ने बताया कि बिगबैंग के पहले 'समय' का भी अस्तित्व नहीं था। बिगबैंग के पहले की दुनिया को लेकर स्टीफन हॉकिंग ने एक काफी नया विचार इस रखा है जो चौंकाने वाला है। उनका कहना है कि बिगबैंग के पहले टाइम यानि समय का भी कोई अस्तित्व नहीं था।

वो कहते हैं कि आइंस्टाइन के सिद्धांत के मुताबिक ब्रह्मांड की उत्पत्ति के समय संसार में मौजूद सभी भौतिक पदार्थ और ऊर्जा बहुत ही छोटी जगहों पर केंद्रित थी, लेकिन उनकी यह थ्योरी बिगबैंग के पहले और बाद की कंडीशन के बीच कोई गणितीय लिंक नहीं बताती।

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