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वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स में भारत का 30वां स्थान

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स में भारत का 30वां स्थान:

स्विट्ज़रलैंड के जेनेवा शहर में स्थित गैर-लाभकारी संस्था वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) के ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स (वैश्विक विनिर्माण सूचकांक) में भारत को 30वें स्थान पर रखा गया है। चीन  इस सूची में पांचवें स्थान पर है।

हालांकि, ब्रिक्स के अन्य सदस्य देशों ब्राजील, रूस और दक्षिण अफ्रीका की तुलना में भारत की रैंकिंग बेहतर है। ब्रिक्स देशों में रूस 35 वें, ब्राजील 41वें और दक्षिण अफ्रीका 45 वें स्थान पर है। ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स में जापान को विश्व में पहला स्थान दिया है। जापान में डब्ल्यूईएफ की पहली 'रेडीनेस फॉर द फ्यूचर ऑफ़ प्रोडक्शन रिपोर्ट' में उत्पादन का सबसे अच्छा ढांचा पाया गया है।

शीर्ष 10 देश:

जापान, दक्षिण कोरिया, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, चीन, चेक गणराज्य, अमेरिका, स्वीडन, आस्ट्रिया और आयरलैंड।

रिपोर्ट का वर्गीकरण:

रिपोर्ट में आधुनिक औद्योगिक रणनीतियों के विकास का विश्लेषण किया गया है और इसमें सामूहिक कार्रवाई पर जोर दिया गया है। इसमें 100 देशों को चार समूहों में वर्गीकृत किया गया है।

ये समूह हैं: अग्रणी (मजबूत मौजूदा आधार, भविष्य के लिए उच्चस्तर की तैयारियां), बेहतर संभावना (सीमित मौजूदा आधार, भविष्य के लिये बेहतर संभावना), विरासती (मजबूत मौजूदा आधार, भविष्य में जोखिम) और उदीयमान (सीमित मौजूदा आधार, भविष्य की तैयारियां भी निचले स्तर पर)।

रिपोर्ट की विशेषताएं:

भारत को इस सूची में हंगरी, मेक्सिको, फिलिपींस, रूस, थाइलैंड तथा तुर्की सहित अन्य देशों के साथ विरासत वाले वर्ग (लिगेसी ग्रुप) में रखा गया है। चीन अग्रणी देशों में शामिल है। जबकि ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका शुरुआती स्तर वाले वर्ग में हैं।

डब्ल्यूईएफ की यह रिपोर्ट उसकी इसी महीने दावोस, स्विट्जरलैंड में होने वाली वार्षिक बैठक से पहले आई है। डब्ल्यूईएफ ने कहा है कि, इस सूची में शीर्ष 25 देशों को उत्पादन प्रणाली में होने वाले बदलावों का सबसे अधिक लाभ होगा।

डब्ल्यूईएफ ने कहा है कि, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और भारत में विनिर्मित उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। डब्ल्यूईएफ ने कहा कि पिछले तीन दशकों में भारत का विनिर्माण क्षेत्र सालाना आधार पर औसतन सात प्रतिशत बढ़ा है। विनिर्माण क्षेत्र का देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 16 से 20 प्रतिशत योगदान है।

उत्पादन के पैमाने के संदर्भ में, भारत को नौवें स्थान पर रखा गया है, जबकि जटिलता के लिए यह 48 वें स्थान पर है।

बाजार के आकार के अनुसार, भारत तीसरे स्थान पर है। जबकि श्रम शक्ति में महिला भागीदारी, व्यापारिक शुल्क, विनियामक दक्षता और टिकाऊ संसाधन जैसे क्षेत्रों में भारत का स्थान अत्यधिक नीचे (90 या उससे भी कम) है।

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