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वित्तीय समावेशन में वृद्धि लेकिन फासला अभी भी: ग्लोबल फिंडेक्स डाटाबेस

वित्तीय समावेशन में वृद्धि लेकिन फासला अभी भी: ग्लोबल फिंडेक्स डाटाबेस

मोबाइल फोन और इंटरनेट में त्वरित विकास से वित्तीय समावेशन वैश्विक स्तर पर लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इसके लाभ दुनिया के विभिन्न देशों में अनियमित हैं। वित्तीय सेवाओं के उपयोग पर एक नई विश्व बैंक की रिपोर्ट में यह भी पाया गया है कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों के पास अधिक खाते (अकाउंट) हैं।

प्रमुख तथ्य:

  • वैश्विक स्तर पर, 69 प्रतिशत वयस्कों (3.8 बिलियन लोग) के पास अब बैंक में या मोबाइल मनी प्रदाता में एक खाता है, जो गरीबी से बचने में एक महत्वपूर्ण कदम है।
  • यह वर्ष 2014 के 62 प्रतिशत और 2011 के 51 प्रतिशत से काफी अधिक है। ग्लोबल फिंडेक्स डेटाबेस के अनुसार, वर्ष 2014 से 2017 तक, 515 मिलियन वयस्कों ने एक-एक खाता प्राप्त किया था। यह आंकड़ा 2011 से 2017 के बीच मापने पर 1.2 अरब था।
  • हालांकि कुछ अर्थव्यवस्थाओं में खाताधारी लोगों की संख्या बढ़ गयी है, लेकिन बाकी जगहों पर प्रगति अत्यंत धीमी रही है। इसके पीछे का कारण अक्सर पुरुषों और महिलाओं के बीच एवं अमीरों और गरीबों के बीच बड़ी असमानता का होना भी है।
  • विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में पुरुषों और महिलाओं के बीच का अंतर वर्ष 2011 से 9 प्रतिशत अंक पर अपरिवर्तित बना हुआ है।
  • ग्लोबल फिंडेक्स, विश्व बैंक द्वारा बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन से वित्त पोषण प्राप्त करके और गैलप, इंक के सहयोग से 144 अर्थव्यवस्थाओं में लोगों के द्वारा वित्तीय सेवाओं का उपयोग करने के तरीकों पर तैयार किया गया एक व्यापक डेटा सेट था।
  • ग्लोबल फिंडेक्स डेटाबेस का यह संस्करण औपचारिक और अनौपचारिक वित्तीय सेवाओं तक पहुंच और उपयोग पर उन्नत संकेतक को शामिल करता है। यह डेटाबेस 2011 से प्रत्येक तीन साल में प्रकाशित किया गया है।

भारत के संदर्भ में:

दक्षिण एशिया में, खाताधारक (एकाउंटहोल्डर्स) वयस्कों का हिस्सा 23 प्रतिशत बढ़कर 70 प्रतिशत हो गया। इस तीव्र प्रगति का नेतृत्वकर्ता भारत था। यहाँ पर बॉयोमैट्रिक पहचान के माध्यम से वित्तीय समावेश बढ़ाने के लिए सरकार की नीति ने महिलाओं और गरीब वयस्कों के बीच बड़े लाभ के साथ 80 प्रतिशत तक खाताधारकों की संख्या को बढ़ाया।

भारत को छोड़कर, क्षेत्रीय स्तर पर खाता स्वामित्व 12 प्रतिशत अंक बढ़ गया। लेकिन इन मामलों में पुरुषों को अक्सर महिलाओं से अधिक लाभ होता है। बांग्लादेश में, महिलाओं का शेयर 10 प्रतिशत अंक बढ़ गया जबकि पुरुषों के बीच यह आंकड़ा दोगुना हो गया।

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