'धर्म ' तथा 'ऋत्' भारत की प्राचीन वैदिक सभ्यता के एक केन्द्रीय विचार को चित्रित करते हैं | इस सन्दर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए 1. 'धर्म ' व्यक्ति के दायित्वों एवं स्वयं तथा दूसरों के प्रति व्यक्तिगत कर्त्तव्यों की संकल्पना था | 2. 'ऋत्' मूलभूत नैतिक विधान था जो सृष्टि और उसमें अन्तर्निहित सारे तत्वों के क्रियाकलापों को संचालित करता था | उपरोक्त कथनों में कौन-सा/से कथन सही है/ हैं ?

Articles

आफ्टरनून न्यूज़

भारत साइबर स्पेस 2017 पर वैश्विक सम्मेलन

Read more..

vocab express (शब्दावली

Vocabexpress(शब्दावलीएक्सप्रेस)- 255 प्रिय उम्मीदवार, आज

Read more..

मॉर्निंग न्यूज़

पूर्व वर्ल्‍ड नंबर 1 शॉटपटर मनप्रीत

Read more..

बीते दशक के दौरान

बीते एक दशक के दौरान पूरी दुनिया में

Read more..

Advertisements

Current Affairs By Topic

Provide comments

COPYRIGHT NOTICE: Please do not copy and paste content from here. This content is either purchased or provided by experts. Please report copyright violation of genuine owner of content to [info at onlinetyari.com]. It will be removed within 24 hours after ownership check.

FAIR USE POLICY: You can show our questions on blogs/facebook pages/Any web page/Apps on condition of putting [Source:OnlineTyari.com] below the question.